Cyclone Jawad: चक्रवाती तूफान जवाद पर PM मोदी की हाई लेवल मीटिंग, आंध्र-ओडिशा में अलर्ट

Cyclone Jawad: देश में कोरोना की एंट्री के साथ ही पूर्वी तट पर एक बार फिर से चक्रवाती तूफान जवाद का खतरा मंडरा रहा है. बंगाल की खाड़ी से उठे चक्रवात का कहर आंध्र प्रदेश और भुवनेश्वर में देखने को मिल सकता है. जो अंडमान सागर को पार कर शुक्रवार की देर शाम या शनिवार की सुबह तक तट से टकरा सकता है. इसे लेकर आंध्र प्रदेश, ओडिशा, बंगाल में हाई अलर्ट जारी किया गया है. 95 ट्रेनों का परिचालन भी रद्द कर दिया गया है. चक्रवाती तूफान का केंद्र थाईलैंड में है.

मौसम विभाग के पूर्वानुमान

भारतीय मौसम विभाग (IMD) के पूर्वानुमान के अनुसार इस चक्रवात के 3 दिसंबर तक बंगाल की खाड़ी केंद्र बनने की उम्मीद है. जवाद तूफान के तट से टकराने के बाद शनिवार की सुबह हवा की गति 100 किमी प्रति घंटे तक हो सकती है. इस साइक्लोन की वजह से ओडिशा, बंगाल, आंध्र में तेज बारिश हो सकती है. हाई अलर्ट जारी कर मछुआरों को अगले 2-3 दिनों तक बंगाल की खाड़ी में न जाने की सलाह दी गई है. आपदा टीमें तैनात कर दी गई हैं.

पीएम नरेंद्र मोदी ने की उच्च स्तरीय बैठक 

बंगाल की खाड़ी में उठे जवाद तूफान के खतरे को देखते हुए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने उच्च स्तरीय बैठक की और तैयारियों की समीक्षा की. पीएम मोदी ने राज्यों, केंद्रीय मंत्रालयों और संबंधित एजेंसियों की तैयारियों के बारे जानकारी ली. बैठक में कैबिनेट सचिव राजीव गाउबा और NSA अजिल डोभाल समेत कई वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए. पीएम मोदी ने अधिकारियों से लोगों को सुरक्षित निकालने और तूफान से प्रभावित होने पर बिजली, दूरसंचार, स्वास्थ्य, पेयजल जैसी सुविधाओं को तुरंत बहाल करने के आदेश दिए.

गृह मंत्रालय भी अलर्ट

जवाद तूफान को लेकर गृह मंत्रालय स्थिति की समीक्षा कर रहा है. सभी तटीय राज्यों में एनडीआरएफ की कुल 29 टीमों को पहले से तैनात कर दिया है. जबकि 33 एनडीआरएफ टीमों को स्टैंडबाय पर रखा गया है. मछुआरों से भी जल्द से जल्द तट पर लौटने के लिए कहा गया. तूफान के बाद की स्थिति से निपटने के लिए भारतीय तटरक्षक बल और नौसेना ने जहाज और हेलीकॉप्टर तैनात किए हैं. स्थिति को देखते हुए जरूरत पड़ने पर थल सेना और वायु सेना की भी मदद ली जाएगी.