Life is lovely : डॉक्टर सहदेव का जवाब नहीं!

डॉक्टर सहदेव ने व्यापार में बहुत उन्नति की और उसमें से कुछ पैसा लगा कर लंदन में एक ज़मीन ख़रीदी और उस पर एक 3 मंज़िला आलीशान घर बनाया. उस भूमि पर पहले से ही एक खूबसूरत स्विमिंग पूल और पीछे की और एक 100 साल पुराना लीची का पेड़ था. इसे यूँ भी समझ सकते हैं की उन्होंने वो भूमि उस लीची के पेड़ के कारण ही ख़रीदी थी, क्यूँकि उनकी पत्नी को लीचियाँ बहुत पसंद थी.
लेकिन कुछ अरसे बाद renovation के समय उनके कुछ मित्रों ने उन्हें आग्रह किया कि उन्हें किसी वास्तु शास्त्र मास्टर की सलाह भी लेनी चाहिए. यद्यपि डॉक्टर सहदेव को ऐसी बातों पर कुछ ख़ास विश्वास नहीं था, फिर भी मित्रों का मन रखने के लिए उन्होंने ये बात मान ली और Hongkong से 30 साल से वास्तु शास्त्र के बेहद प्रसिद्ध Master Cao को बुलवा लिया.
उन्हें Airport से लिया, दोनों ने शहर में खाना खाया और उसके बाद डॉक्टर सहदेव उन्हें अपनी कार में ले कर अपने घर की ओर चल दिए. रास्ते में जब भी कोई कार उन्हें overtake करने की कोशिश करती, डॉक्टर सहदेव उसे रास्ता दे देते. Master Cao ने हंसते हुए कहा – डॉक्टर सहदेव आप बहुत safe driving करते हैं. डॉक्टर सहदेव ने भी हंसते हुए प्रत्युत्तर में कहा – लोग अक्सर overtake तभी करते हैं जब उन्हें कुछ आवश्यक कार्य हो, इसलिए हमें उन्हें रास्ता देना ही चाहिए.
घर के पास पहुँचते-पहुँचते सड़क थोड़ी संकरी हो गयी और डॉक्टर सहदेव ने कार थोड़ी और धीरे कर ली. तभी अचानक एक हंसता हुआ बच्चा गली से निकला और तेज़ी से भागते हुए उनकी कार के आगे से सड़क पार कर गया, तब भी डॉक्टर सहदेव ने कार तुरंत भगाई नहीं और वो उसी गति से चलते हुए उस गली की ओर देखते रहे, जैसे किसी का इंतज़ार कर रहे हों, तभी अचानक उसी गली से एक और बच्चा भागते हुए उनकी कार के आगे से निकल गया, शायद पहले बच्चे का पीछा करते हुए. Master Cao ने हैरान होते हुए पूछा – आपको कैसे पता कि कोई दूसरा बच्चा भी भागते हुए निकलेगा? डॉक्टर सहदेव ने बड़े सहज भाव से कहा ~ बच्चे अक्सर एक-दूसरे के पीछे भाग रहे होते हैं और इस बात पर विश्वास करना संभव ही नहीं कि कोई बच्चा बिना किसी साथी के ऐसी चुहल और भाग दौड़ कर रहा हो..
Master Cao इस बात पर बहुत ज़ोर से हंसे और बोले किआप निस्संदेह बहुत सुलझे हुए व्यक्ति हैं.
घर के बाहर पहुँच कर दोनों कार से उतरे. तभी अचानक घर के पीछे की ओर से 7-8 पक्षी बहुत तेज़ी से उड़ते नज़र आए. यह देख कर डॉक्टर सहदेव ने Master Cao से कहा कि यदि उन्हें बुरा न लगे तो क्या हम कुछ देर यहाँ रुक सकते हैं ? Master Cao ने कारण जानना चाहा.. डॉक्टर सहदेव ने कहा कि शायद कुछ बच्चे पेड़ से लीचियाँ चुरा रहे होंगे और हमारे अचानक पहुँचने से डर के मारे बच्चों में भगदड़ न मच जाए, इससे पेड़ से गिर कर किसी बच्चे को चोट भी लग सकती है.
Master Cao कुछ देर चुप रहे, फिर संयत आवाज़ में बोले “डॉक्टर सहदेव, इस घर को किसी वास्तु शास्त्र जाँच और उपायों की आवश्यकता नहीं है..
डॉक्टर सहदेव ने बड़ी हैरानी से पूछा ऐसा क्यूँ !
Master Cao – जहां आप जैसे विवेकपूर्ण व आसपास के लोगों की भलाई सोचने वाले व्यक्ति उपस्थित/विद्यमान होंगे – वो स्थान/संपत्ति वास्तु शास्त्र नियमों के अनुसार *बहुत पवित्र-सुखदायी-फलदायी* होगी .
जब हमारा मन व मस्तिष्क दूसरों की ख़ुशी व शांति को प्राथमिकता देने लगे, तो इससे दूसरों को ही नहीं, स्वयं हमें भी मानसिक लाभ-शांति-प्रसन्नता मिलती है..
*जब कोई व्यक्ति सदा स्वयं से पहले दूसरों का भला सोचने लगे तो अनजाने में ही उसे संतत्व प्राप्त हो जाता है*
सही अर्थ में *संत* वो व्यक्ति है जिसके कारण दूसरों का भला हो रहा होता है व उसे *ज्ञानबोध* मिल जाता है.
भले ही प्रण न करें परंतु *क़ोशिश अवश्य करें* कि आप में भी ऐसे कुछ सदगुण विकसित हो जाएं कि आपके घर को Feng Shui अथवा वास्तु जैसे किटी जंत्र-मंत्र की आवश्यकता न रहे..

 

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