ब्रिटेन की इस यूनिवर्सिटी में सिखाया जाएगा प्रॉस्टिट्यूट बनना, एडल्ट इंडस्ट्री में काम करने वालों के लिए शुरु किया स्पेशल कोर्स

लंदन: इंग्लैंड की डरहम यूनिवर्सिटी प्रॉस्टिट्यूट्स के लिए ऑनलाइन कोर्स शुरु करने जा रही है. यूनिवर्सिटी के इस कोर्स का शिक्षा मंत्री के साथ ही कई संगठन भी विरोध कर रहे हैं. दरअसल इंग्लैंड की डरहम यूनिवर्सिटी (Durham University) सेक्स इंडस्ट्री में काम करने वाले स्टूडेंट्स की सहायता के लिए स्पेशल ट्रेनिंग कोर्स शुरू करने जा रही है. इस कोर्स में सेक्स वर्कर के तौर पर काम करने वाले स्टूडेंट्स को सुरक्षित रहने के तरीके सिखाए जाएंगे.

डरहम छात्रसंघ ने डिजाइन किया कोर्स

एडल्ट इंडस्ट्री में काम करने वाले स्टूडेंट्स के लिए शुरु किए जा रहे इस कोर्स में बताया जाएगा कि सेक्स इंडस्ट्री में सुरक्षित और सफल करियर कैसे बनाया जाए. रिपोर्ट के मुताबिक, डरहम छात्र संघ ने खुद ही वेश्यावृत्ति के लिए ऑनलाइन पाठ्यक्रम तैयार किया है. यूनिवर्सिटी का कहना है कि इस कोर्स में सेक्स वर्कर के तौर पर काम करने वाले स्टूडेंट्स को सुरक्षित रहने के तरीके सिखाए जाएंगे. इस संबंध में सभी जानकारी विवि के छात्रों और कर्मचारियों को ईमेल की गई हैं.

इंग्लैंड के शिक्षा मंत्री ने किया कोर्स का विरोध

इंग्लैंड में डरहम यूनिवर्सिटी के इस कोर्स का विरोध भी शुरू हो गया है. यूके के शिक्षा राज्य मंत्री ने भी इसका पुरजोर विरोध किया है. शिक्षा मंत्री मिशेल डोनेलन ने कहा कि  यूनिवर्सिटी अपने कोर्स के जरिये इस धंधे को वैध बनाने की कोशिश कर रही है. उन्होंने ये भी कहा कि ‘यह सही है कि वेश्यावृत्ति में शोषित महिलाओं को समर्थन दिया जाना चाहिए, लेकिन यह कोर्स वेश्यावृत्ति को सामान्य बनाने का प्रयास करेगा, जो की पूरी तरह से गलत है और इसे स्वीकार नहीं किया जा सकता’.

डरहम के छात्र भी उतरे विरोध में

डरहम यूनिवर्सिटी और छात्र संघ की इस कोर्स को स्टार्ट करने और इसका प्रचार करने पर काफी आलोचना हो रही है. वहां पढ़ने वाले छात्र भी इस कोर्स के विरोध में उतर आए हैं. छात्रों की शिकायत है कि इस कोर्स के शुरू होने से कुछ छात्रों और कर्मचारियों को लगेगा कि परिसर में वेश्यावृत्ति की जा रही है.

यूनिवर्सिटी का तर्क

लगातार हो रहे विरोध के बावजूद यूनिवर्सिटी और छात्र संघ की दलील है सेक्स इंडस्ट्री में काम करने वालों को यह जानने का हक है कि वो कैसे सुरक्षित रहकर काम कर सकते हैं. उनका तर्क है कि ये कोर्स खास तौर पर एडल्ट इंडस्ट्री से जुड़े कर्मचारियों और छात्रों की सहायता और सुरक्षा के लिए डिजाइन किया गया है. सबके अपने अपने तर्क हैं लेकिन क्या शिक्षा के मंदिर में इस तरह के कोर्स को अनुमति दी जानी चाहिए? क्या इससे वैश्यावृत्ति को बढ़ावा नहीं मिलेगा?