एक के बाद एक चार दरिन्दों का भारत पर हमला – संयोग है या साजिश?

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मानो तो कोरोना वायरल है न मानो तो बस एक बुखार. मानो तो कोरोना वायरस मौत है न मानो तो बस एक साजिश. मानो तो ये एक इन्सानियत का दुश्मन है, न मानो तो बस एक दरिन्दा. लेकिन इस इन्सानी खून के प्यासे दरिन्दे ने चार रूप दिखाये हैं. और इन चार दरिन्दों में से एक तो आ कर चला गया और उसके बाद आने वाला अगला दरिन्दा अपने साथ दो और दरिन्दे लाया है – ब्लैक फंगस औऱ व्हाइट फंगस.

क्या ये दो सवाल लाजवाब हैं?

अब इन इन्सानियत के दुश्मन दरिन्दों के सामने दो सवाल खड़े भी हैं और बड़े भी हैं. इनका जवाब मिलना ही चाहिये क्योंकि ये सवाल पड़े नहीं हैं, अड़े भी हैं. और इनके जवाब देते समय सबसे पहले कहना ये होगा कि चाहे ये जवाब नजर न आयें आसानी से. कोई बात नहीं लेकिन ये सवाल निश्चित ही लाजवाब नहीं हैं. अब पहले सवाल पर आते हैं –  क्या ये चार दरिन्दे अपने आप आये हैं या भेजे गये हैं पूरे एक सुव्यवस्थित तरीके से देश में भी और दुनिया में भी ? और सवाल नंबर दो – कि क्या ये दरिन्दे अपराजेय हैं?

सवाल एक का जवाब एक

पहला सवाल ये है कि क्या ये चार दरिन्दे अपने आप आये हैं या भेजे गये हैं पूरे एक सुव्यवस्थित तरीके से देश में भी और दुनिया में भी? पूछने पर इस सवाल के जवाब दुनिया भर के कोरोना एक्सपर्टों के एक नहीं हो सकते हैं और अगर सबके दिल में झांकें तो सारे जवाब एक हो सकते हैं. वही जवाब हम दे रहे हैं अपने पाठकों को – ये एक साजिश है और जिसे मैं कोरोना कंट्री कहता हूँ -उस चीन की साजिश है. यह साफ तौर पर अन्तर्राष्ट्रीय साजिश है जिसके माध्यम से एकतीर से कई निशाने लगाये गये हैं. सीधे शब्दों में कहें जो जानते सब हैं कहने से कतरा रहे हैं – यह एक जैविक हमला है। और बेहतर शब्दों में कहें -ये जैविक हमलों की शुरुआत है!

कलई तो खुल ही चुकी है

मजे की बात ये है कि इस साजिश की कलई भी खुल चुकी है किन्तु दुनिया भर में चीन का ‘समर्थक’ मीडिया इस पर जोर डालने से परहेज कर रहा है. पैसा किसे बुरा लगता है. इस सवाल के इस जवाब पर पूरा प्रकाश डालने वाला मेरा अगला लेख जल्दी ही आपके सामने आयेगा.

सवाल दो का जवाब भी एक

अब रहा सवाल नंबर दो – कि क्या ये चार दरिन्दे अपराजेय हैं? – जवाब छोटा है मगर इसकी परछाई काफी बड़ी है. जवाब सीधा भी है पर समझने के लिये दिमाग के दरवाजे खोलने ही पडे़ंगे. जवाब ये है – नहीं! ये चारों के चारों दरिन्दे अपराजेय नहीं हैं -कम से कम भारत-भूमि पर तो नहीं! मैं इन चारों दरिन्दों को निकम्मा दरिन्दा कहूँगा जो भारत का बाल भी बांका नहीं कर सकते यदि सारा भारत एक तथ्य पर सहमत हो जाये. इस तथ्य के सत्य को आगे दुनिया भी जानेगी और मानेगी. भारत के सनातनी स्वास्थ्य का सदाबहार सत्य है और इसका नाम है – योग और आयुर्वेद

(पारिजात त्रिपाठी)

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