एमपी के आदिवासी किसान के हाथ लगा बेशकीमती हीरा, एक ही झटके में बना लखपति

13 Carat Diamond found in Panna: मध्यप्रदेश का पन्ना अपने यहां मिलने वाले बेशकीमती हीरों के लिए पहचाना जाता है. इसी पन्ना ने एक आदिवासी किसान कि किस्मत रातों रात बदल दी है. सोमवार को कृष्णा कल्याणपुर की एक उथली हीरा खदान में किसान को 13 कैरेट का बड़ा हीरा मिला. जिसकी कीमत 60 लाख बताई जा रही है. आदिवासी मुलायम सिंह इससे मिले पैसे से अपने बच्चों को पढ़ाएगा. मुलायम सिंह के अलावा 3 और किसानों को कुल 7 हीरे मिले हैं.

कौन है मुलायम सिंह

एक ही दिन में सात हीरे मिलने से हर कोई हैरान और खुश था. लेकिन सबसे ज्यादा खुश मुलायम सिंह हैं. खेती किसानी करने वाले मुलायम सिंह बेहद गरीब हैं, वो कहते हैं कि उन्हें जीवन में पहली बार हीरा मिला है. इससे मिले पैसों से वो अपने बच्चों को पढ़ाएंगे. उनके दो बेटे और तीन बेटियां हैं. मुलायम सिंह ने 6 लोगों के साथ मिलकर 10 नवम्बर 2021 को उथली हीरा खदान में सरकारी पट्टा बनवाया था. उनकी जी तोड़ मेहनत का फल उन्हें मिल गया है. वो नहीं चाहते कि जो परेशानी उन्हें उठानी पड़ी है वो बच्चों को उठानी पड़े.

डायमंड डे साबित हुआ सोमवार

सोमवार का दिन यहां के गरीब किसानों के लिए सबसे खास साबित हुआ. पन्ना में 4 किसानों को कुल 7 हीरे मिलें हैं, जिनमें से दो किसानों को तीन बड़े हीरे मिले और दो अन्य को चार छोटे हीरे मिले हैं. सबसे बड़ा हीरा मुलायम सिंह को मिला है. ये हीरे एक ही उथली हीरा खदान से निकले हैं. इन सभी हीरों को हीरा धारकों ने कलेक्ट्रेट स्थित हीरा कार्यालय में जमा करा दिया है. इन हीरों ने गरीब आदिवासियों की जहां किस्मत चमका दी है. वहीं दो गरीब किसान पलक झपकते लखपति बन गए हैं.

बेहतरीन क्वालिटी के हैं हीरे

पन्ना जिले में दुनिया के सबसे खूबसूरत और सबसे अच्छी क्वालिटी के जेम हीरे मिलते हैं. हाल ही मिले हीरों को लेकर हीरा कार्यालय पन्ना के हीरा पारखी अनुपम सिंह ने बताया कि मुलायम सिंह को सबसे बड़ा 13.54 कैरेट वजन का बेशकीमती हीरा मिला है. जो जेम क्वालिटी का है. यह जो हीरे मिले हैं ये 13.54 कैरेट, 6 कैरेट, 4 कैरेट, 43 सेंट, 37 सेंट और 74 सेंट के हैं, जिनकी कीमत करीब एक करोड़ हो सकती है.

हीरा कार्यालय में भी हलचल

जिन लोगों को ये हीरे मिले हैं उनकी खुशी का ठिकाना नहीं है. हीरा पारखी अनुपम सिंह ने बताया कि एक ही दिन में 7 हीरे मिले हैं. जिससे पूरे दिन कार्यालय में भी हलचल देखने को मिली. जमा हुए इन सभी हीरों को आगामी नीलामी में बिक्री के लिए रखा जाएगा. बिक्री में जितनी राशि मिलेगी उसमें से शासन की रायल्टी काटने के बाद शेष राशि हीरा धारकों को प्रदान की जाएगी.