अगस्त के पहले रविवार को फ्रेंडशिप डे मनाने के पीछे ये है ‘दोस्ती की कसम’

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फ्रेंडशिप डे आखिर क्यों अगस्त महीने के पहले रविवार को मनाया जाता है? आखिर फ्रेंडशिप डे की शुरुआत कैसे हुई? दोस्ती के इस यादगार दिन का आखिर क्या है इतिहास?

कहा जाता है  कि हॉलमार्क ग्रीटिंग के फाउंडर जोयेस हॉल ने सबसे पहले सन् 1930 में फ्रेंडशिप डे मनाने का सुझाव दिया था. इस दिन जोएस हॉल ने अपने सभी दोस्तों को ग्रीटिंग कार्ड दिए और ये दिन अनोखे अंदाज़ में मनाया. कहते हैं उसी दिन से साल का एक दिन दोस्तों के नाम कर दिया गया.

वहीं कुछ लोगों का कहना है कि फ्रेंडशिप डे की शुरुआत 1935 में अमेरिका से हुई. दरअसल, अगस्त के पहले रविवार को अमेरिकी सरकार ने एक व्यक्ति को मार दिया था. जिसके बाद मारे गए शख्स के दोस्त ने अवसाद और गम में खुदकुशी कर ली थी. तभी से दोनों दोस्तों की दोस्ती के नाम अगस्त महीने का पहला रविवार कर दिया गया था.

फ्रेंडशिप डे से जुड़ी कई कहानियां हैं. ये भी कहा जाता है कि पराग्वे में 20 जुलाई 1958 को डॉक्टर रमन आर्टिमियो ने एक डिनर पार्टी के दौरान अपने दोस्तों के साथ मित्रता दिवस मनाने का विचार रखा था.

हालांकि फ्रेंडशिप डे को इंटरनेशनल पहचान दिलाने के लिए संयुक्त राष्ट्र ने पहल की. 30 जुलाई, 1958 को यूनाइटेड नेशन में इसे दुनिया भर में मनाने का प्रस्ताव दिया गया. 27 अप्रैल, 2011 को संयुक्त राष्ट्र की जनरल असेंबली ने 30 जुलाई को हर साल वर्ल्ड फ्रेंडशिप डे मनाने का ऐलान किया.

इस बार फ्रेंडशिप 4 अगस्त को पड़ा. दुनिया में अलग-अलग देशों में फ्रेंडशिप डे अलग-अलग तारीख पर मनाया जाता है. लेकिन भारत और अधिकतर देशों में इसे अगस्त के पहले रविवार को मनाया जाता है.

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