टीम बीजेपी से बल्लेबाजी करेंगे गौतम लेकिन दिल्ली को लेकर अब भी ‘गंभीर’ नहीं AAP-कांग्रेस

  • लोकसभा चुनाव लड़ सकते हैं गौतम गंभीर
  • नई दिल्ली सीट से मिल सकता है लोकसभा टिकट
  • केजरीवाल पर ट्विटर से चला चुके हैं तीर
  • बेबाकी से बल्लेबाजी और बात कहने की ‘गंभीर’ पहचान

क्रिकेट के मैदान में गेंदबाजों के छक्के छुड़ाने के बाद अब गौतम गंभीर ने राजनीति की पिच पर नई पारी की शुरुआत की. गौतम गंभीर टीम बीजेपी में शामिल हो गए हैं. काफी समय से गौतम गंभीर की सियासी पारी को लेकर अटकलों का बाजार गर्म था. हालांकि उनकी बेबाकी के चलते ये साफ था कि वो बीजेपी की तरफ से बल्लेबाजी करेंगे. लेकिन मैच का दिन तय नहीं था. अब जबकि लोकसभा चुनाव का ऐलान हो चुका है तो बीजेपी ने गौतम गंभीर का पार्टी में औपचारिक वेलकम किया है.

बीजेपी में शामिल होने पर गौतम गंभीर ने कहा कि वो पीएम मोदी के विचारों से प्रभावित होकर बीजेपी में शामिल हुए हैं.

ऐन चुनाव से पहले गौतम गंभीर का बीजेपी टीम मे सेलेक्शन सिर्फ एक्स्ट्रा प्लेयर के रुप में नहीं देखा जा सकता है. दिल्ली में बीजेपी को बड़े और साफ-सुथरे चेहरे की जरूरत है. ऐसे में बहुत मुमकिन है कि गौतम गंभीर को साल 2019 का लोकसभा टिकट दिल्ली से मिल सकता है. दिल्ली में छठे चरण में लोकसभा चुनाव 12 मई को होगा. ऐसे में गौतम गंभीर के पास बीजेपी और खुद के लिए डोर टू डोर कैंपेन का भी काफी वक्त होगा.

 गौतम गंभीर की मैदान और मैदान से बाहर संजीदा छवि है. पिछले साल हुए आईपीएल में उन्होंने न सिर्फ अपने खराब फॉर्म के चलते पूरे आईपीएल के मुकाबले से खुद को बाहर कर लिया था बल्कि उन्होंने टीम मालिकों की करोड़ों रुपये की फीस भी लौटा दी थी. इस पेशेवर खेल और दौर में ऐसा फैसला बहुत कम ही लोग दिखा पाने का साहस जुटा पाते हैं. लेकिन गौतम गंभीर ने अपने इस फैसले से सबको चौंका दिया था.

इससे पहले वो लगातार लोगों की मदद के लिए सहायता राशि देने में भी आगे रहे हैं. गौतम गंभीर पर क्रिकेट के मैदान पर कभी कोई आरोप नहीं लगा है. उनकी साफसुथरी छवि और खेल के प्रति ईमानदारी तो देश के प्रति निष्ठा पर कोई सवाल नहीं खड़े कर सकता है. यही वजह है कि बीजेपी के लिए इस वक्त दिल्ली की टीम में गौतम गंभीर ही सबसे मजबूत और भरोसेमंद खिलाड़ी बनकर उभरे हैं.

लेकिन बड़ा सवाल ये है कि गौतम गंभीर को टिकट देने पर किसका टिकट कटेगा? माना जा रहा है कि सांसद मीनाक्षी सांसद का टिकट काटकर गौतम गंभीर को नई दिल्ली सीट से टिकट दिया जा सकता है.

गौतम ने कांग्रेस और आप की नींद उड़ाने का काम किया है. दिल्ली में गठबंधन को लेकर जहां कांग्रेस के भीतर बिखराव है तो आम आदमी पार्टी को लेकर बाहर फैसले का भटकाव भी है. अभी तक कांग्रेस ये फैसला नहीं कर सकी है कि वो दिल्ली में आम आदमी पार्टी के साथ हाथ मिलाकर चुनाव मैदान में जाए या नहीं.

दिल्ली में फिलहाल त्रिकोणीय मुकाबला दिखाई दे रहा है और इसका सीधा फायदा बीजेपी की ही मिलता दिख सकता है. देशभर में बीजेपी एक-एक सीट पर जरूरत पड़ने पर गठबंधन करने से नहीं हिचक रही है जबकि आप और कांग्रेस के बीच गठबंधन को लेकर गुफ्तगू पहले आप से अब तू तक पहुंच चुकी है.

बहरहाल, दूसरा बड़ा सवाल ये है कि गौतम गंभीर के खिलाफ विपक्ष किसे उम्मीदवार बनाएगा? क्या बीजेपी के बागी यशवंत सिन्हा को गौतम गंभीर के खिलाफ उम्मीदवार बनाने का विपक्ष दांव चल सकता है?