Honey Trap के ‘खेल’ में हसीना फंसाती थी अपना शिकार, होटल में होता था कान्ड

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नई दिल्ली. ये खबर गाजियाबाद की है और ये मामला है एक ‘दुष्कर्म’ का. पुलिस ने जब इस मामले की पड़ताल की तो पता चला कि ये वो मामला नहीं जो नज़र आ रहा था, बल्कि ये तो दूसरी ही कहानी है. और फिर पुलिस मामले की तह तक गई तो हुआ खुला एक संगठित हनीट्रैप का जिसमें इस्तेमाल करके फंसाये जाते थे शिकार और उनकी शिकारी होती थी एक हसीना.

खुलासा किया गाजियाबाद की पुलिस ने

इस खुलासे के बारे में गाजियाबाद पुलिस ने जानकारी दी कि ये एक संगठित हनीट्रैप में लगा हुआ गिरोह था जिसके केंद्र में एक महिला और उसका पति था और साथ में थे और भी कई ‘कलाकार’ जो निभा रहे थे अलग अलग किरदार. इन किरदारों में ख़ास था एक वकील जो अब पुलिस की पूछताछ का एक प्रमुख स्रोत बना हुआ है. पुलिस ने इस गिरोह से जुड़ी हुई ठोस जानकारी के आधार पर कुछ लोगों को गिरफ्तार भी कर लिया है.

मामला दर्ज हुआ था दुष्कर्म का

दरअसल यह मामला एक दुष्कर्म की घटना के रूप में मोदीनगर थाने में दर्ज हुआ था. किन्तु जब पुलिस ने उसकी जांच की तो जांच के दौरान नई हकीकत सामने आई. जांच करने वाले पुलिस अधिकारियों को जानकारी मिली कि जिस व्यक्ति को इस गिरोह के लोगों ने आरोपी बनाया था, वास्तव में वह इस अपराध का पीड़ित शिकार है.

होटल में ले गए थे

पुलिस ने बताया कि आरोपियों ने साजिश के अंतर्गत अपने शिकार को फंसाया और पहले विजय नगर थाना क्षेत्र के एक होटल में उसे ले गए. महिला के साथ इस होटल पर पहुंचे इस ‘शिकार’ व्यक्ति के साथ इस होटल में पहुंचे तो दोनों से आईडी की मांग हुई और दोनो को वापस आना पड़ा. इसके बाद ये दोनों मोदीनगर स्थित होटल में पहुंच गये और वहां पर इस अपराध को अन्जाम दिया गया.

पहली घटना नहीं है ये

गाजियाबाद के पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) ने भांप लिया कि यह मामला गंभीर है और जांच की जिम्मेदारी अपने हाथों में ले ली. इस जांच के दौरान उनको पता चला कि ऐसा ही एक मामला पिछले वर्ष भी कविनगर (गाजियाबाद) थाना क्षेत्र में भी आया था. पीड़ित महिला और उसके साथियों से जब पुलिस ने जब कठोरता से पूछताछ की तो सारा मामला खुल कर सामने लुढ़क आया. यही गैंग गाजियाबाद के दोनो हनीट्रैप मामलों का जिम्मेदार था.

साजिश करके फंसाते थे शिकार

पुलिस को जांच में पता चला कि इस हनी ट्रैप गैंग के काम करने का तरीका बहुत दिलचस्प है. इन लोगों ने एक सुन्दर महिला को अपना चेहरा बनाया हुआ था. ये इस महिला को आगे रखते थे जो लोगों को अपने प्रेमजाल में फंसाती थी. इन ‘मासूम’ शिकारों में निम्न मध्यमवर्गीय लोग ही अधिक हुआ करते थे. यह सुंदरी शिकार को फंसा कर मिलन करने के बहाने में किसी होटल में ले आती थी.

होटल में होता था कान्ड

वहां दोनों का प्रेम-मिलन जब शुरू हो कर अपने शबाब पर पहुँचने वाला होता था कि अचानक सही वक्त पर इस महिला का महिला का पति वहां प्रकट हो जाया करता था. यह पति रूपी शख्स शिकार रुपी बेवकूफ की जम कर तुड़ाई करता था. और थप्पड़ और घूंसों से बात करने के बाद वह होटल वालों को बुला लेता था और सभी लोग महिला और उसके पति का समर्थन करते थे. ऐसे में पुलिस को बुलाने की धमकी से डर कर इस पति-पत्नी का शिकार उको बढ़िया रकम भेंट करके अपनी जान छुड़ाता था.

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