Road Safety World Series: India Vs England: रोमान्चक मैच में टीम इन्डिया हार के भी जीत गई इंग्लैन्ड से

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याद रहेगा ये जबर्दस्त मैच क्रिकेट प्रेमियों को जिसमें टीम इन्डिया के लीजेन्ड्स ने एक बार फिर से मैदान में जबर्दस्त रोमांच पैदा किया और हारने के बाद भी दर्शकों के चेहरे पर अफसोस नहीं आने दिया.

एक हिट से फिसल गई जीत

आखिरी दस ओवर्स में 123 रन बने. और आखिरी ओवर में भारत को जीत के लिये चाहिये थे 19 रन. क्रीज पर थे दो तूपानी बल्लेबाज – इरफान पठान और मनप्रीत गोनी. लेकिन सिर्फ एक हिट से जीत हाथ से दूर निकल गई. उसके पहले ग्राउंड में शोर मच रहा था गोनी ! गोनी ! इसके एक ओवर पीछे जायें तो भारत को 18 ओवर्स के बाद बनाने थे 38 रन. बारह गेन्दों में 38 रनों के जबर्दस्त लक्ष्य की चुनौती दोनो जबर्दस्त बल्लेबाजों ने स्वीकार कर ली और एक ओवर में बना डाले 19 रन और फिर बचे एक ओवर में बनाने थे 19 जिसमें बना पाये 12 रन.

हर लक्ष्य किया पार लगातार

इसके और पीछे जा कर देखें तो आखिरी तीन ओवर्स में भारत को बनाने थे 58 रन. इरफान और गोनी ने एक ओवर में बना डाले 20 रन. और फिर मिला नया टारगेट इन दोनो को – अब दो ओवर्स में बनाने थे 38 रन. इसके आगे की कहानी आपने ऊपर पढ़ ली होगी. लेकिन आपको और पीछे ले चलें तो आपको हर्ष मिश्रित आश्चर्य होगा कि अंतिम पांच ओवर्स में भारत को बनाना था बड़ा लक्ष्य का – अर्थात तीस गेंदों पर बनाने थे 78 रन. और ये लक्ष्य भी पार कर लिया भारत के बल्ले-बहादुरों ने और अगली 12 गेन्दों पर बना डाले 20 रन.

शुरुआत काफी खराब रही

विकेट पतन देखें तो इंग्लैन्ड के सात विकेटों पर बने 188 रनों का पीछा करने उतरी भारतीय टीम की शुरुआत उम्मीद पर खरी नहीं उतरी और पहले सहवाग और फिर सचिन ने अपना विकेट खोया. और उसके बाद मात्र 17 रनों पर भारत के तीन विकेट गिर गये थे और उसके बाद 42 रनों पर चार विकेट तथा 56 रनों पर पांच विकेट खो चुका था भारत.

पीटरसन ने पीटा भारतीय गेन्दबाजों को

केविन पीटरसन ने 75 रनों की पारी खेली और 19 गेन्दों में जड़ दी अपनी हाफ सेन्चूरी. तो जवाब में भारत की तरफ से इरफ़ान पठान ने नॉटआउट 63 रनों की पारी खेल कर भारत की उम्मीद को ज़िंदा कर दिया. उन्होंने तो पीटरसन को पीछे छोड़ते हुए सिर्फ 18 गेन्दों में ही मार दी हाफ सेन्चूरी. और एक समय ऐसा लगने लगा था कि मैच सुपर ओवर के करीब पहुँच गया है लेकिन जब दो बाल पर 8 रन बनाने थे तब एक बॉल गोनी से मिस क्या हुई मैच भारत के हाथ से निकल गया और आखिरी गेंद पर दो रन ही मिल पाये गोनी को और भारत 6 रनों से पीछे रह कर पराजित हो गया.

सचिन ने कहा – ये सुपर गेम था!

अंग्रेजों के विरुद्ध रायपुर के शहीद वीर नारायण सिंह स्टेडियम में मिली इस हार का कोई गम भारतीयों को नहीं है क्योंकि टीम इंडिया ने जैसा खेल दिखाया उसने सभी देखने वालों को दिल जीत लिया इसलिए हार का अफ़सोस किसी ने नहीं किया. भारत के कप्तान तेंदुलकर ने कहा कि ये गेम सुपर गेम था और हमें ऐसा खेल कर बहुत ख़ुशी हुई. ऐसा खेल देखना अपने आप में एक बहुत कमाल का आनंद है, कहा तेंदुलकर ने.

चार हीरो मगर पठान नंबर वन

आज के खेल के चार हीरो रहे जिनमें सबसे पहले और सबसे ऊपर रहे इरफ़ान पठान और उनके बाद मनप्रीत गोनी दूसरे नंबर पर आते हैं. इन दोनों के गगनचुम्बी छक्के देख कर दर्शकों का दिल बल्लियों उछलने लगा. ग्राउंड में महिला दर्शक पुरुष दर्शकों से अधिक ख़ुशी में नाचते कूदते दिखाई दिए. पांच छक्के मारने वाले केविन पीटरसन को मैन ऑफ़ दी मैच अवार्ड मिला उन्होंने 37 गेंदों पर 75 रन बनाये. भारत अभी भी 12 पॉइंट्स के साथ पॉइंट टेबल पर सबसे ऊपर है. पीटरसन ने कहा कि ग्राउंड बहुत अच्छा था मैच भी बहुत अच्छा हुआ और सबसे बड़ी बात ये थी कि दुनिया की दो सबसे बेहतरीन टीमों के बीच हुआ मुकाबला भी यादगार रहा आज.

आलराउन्डर इरफान का आज भी जवाब नहीं

अनएकेडमी क्रैकिंग बैट्समैन अवार्ड मिला इरफ़ान पठान को जिन्होंने 34 गेंदों में 63 रन बनाये और आज भी देश और दुनिया को अपने बैट और अपनी बॉल के जलवे से रूबरू कराया और बता दिया कि उनका पुराना लोहा आज भी उतना ही मजबूत है जितना एक ज़माने में हुआ करता था.

दर्शक मैदान में झूम उठे

कप्तान तेंडुलकर स्टम्पिंग का शिकार हुए और अधिक रन नहीं बना सके. उनके पहले धुआंधार बल्लेबाज़ी के लिए जाने जाने वाले उनके साथी और उनके प्रशंसक क्रिकेटर सहवाग कैच आउट हो कर वापस आये. मुहम्मद कैफ ने भी निराश किया लेकिन उस समय युवराज सिंह ने 19 गेंदों पर 22 रन बना कर देश की उम्मीदों को जिन्दा रखा. लेकिन उनके कैच हो कर पैवेलियन जाने के बाद आये मैदान में उतरे दोनों पठान भाई – इरफ़ान और युसूफ, जिन्होंने आसमानी शॉट लगा कर मैदान में मैच देख रहे दर्शकों को झूमा दिया.

दर्शक चिल्लाये – गोनी ! गोनी !

लेकिन युसूफ के कैच आउट हो जाने के बाद भी भारत की उम्मीदें जिन्दा रहीं क्योंकि मैदान में फिर आये विकेटकीपर नमन ओझा जिन्होंने मौके की नज़ाकत को समझा और तेज शॉट खेले और एक चौक्का और एक छक्का भी लगाया किन्तु उनके आउट होने के बाद आये धोनी के हमनाम गोनी. तेज गेंदबाज मनप्रीत गोनी ने फिर एक बार साबित कर दिया कि वे टी-ट्वेंटी क्रिकेट के एक्सपर्ट आलराउंडर हैं, जो बैट और बॉल दोनों से कमाल कर सकते हैं. गोनी के छक्के जब मैदान के पार दर्शकों की सीटों पर गिर रहे थे तो दर्शक चिल्ला रहे थे गोनी !! गोनी !!

जीत का चौक्का लगने वाला था आज

रोड सेफ्टी वर्ल्ड सीरीज टी20 टूर्नामेंट में आज इंडिया लीजेंड्स के इस चौथे मुकाबले में उम्मीद थी कि भारत की टीम जीत का चौक्का लगायेगी. टॉस जीता इंडिया लीजेंड्स के कप्तान सचिन तेंदुलकर ने और लिया फैसला पहले गेंदबाजी करने का. किन्तु फायदेमंद नहीं रहा ये फैसला और इंग्लैंड के कप्तान केविन पीटरसन ने अपनी टीम को ताबड़तोड़ शुरुआत दिलाते हुए सिर्फ 18 गेंदों में अर्धशतक लगा दिया. इंग्लैंड लीजेंड्स ने कुल 188 रन बनाए और इस लक्ष्य का पीछा करने उतरी इंडिया लीजेंड्स 182 रनों का आंकड़ा छू पाई और मैच अंग्रेजों की झोली में चला गया.

होने वाला था सुपर ओवर

मैच में एक वक्त था जब 56 रनों पर भारत के 5 विकेट्स गिर चुके थे और उसके बाद आखिरी आठ ओवर्स में बनाने थे 106 रन. गिनती में कहें तो 48 गेंदों में बनाने थे 106 रन. भारतीय बल्लेबाजों ने तीन ओवर्स में बना लिए 28 रन अर्थात 18 गेंदों में बनाये 28 जिसके बाद बनाने थे आखिरी पांच वर्ष में 78 रन अर्थात तीस गेंदों में 78 रन उतना ही मुश्किल लक्ष्य था जितना मुश्किल इसके पहले वाला लक्ष्य था अर्थात 48 गेंदों में 106 रनों का लक्ष्य. लेकिन ताबड़तोड़ बल्लेबाजों ने अंग्रेजों के दिल में धुकधुकी पैदा कर दी जब वे लक्ष्य के एकदम करीब पहुँच गए और लगने लगा था कि अगर भारत न जीता तो सुपर ओवर तो होना ही है.

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