Pakistan में फिर घुस के मारा, इस बार Iran ने की है सर्जिकल स्ट्राइक

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पाकिस्तान में सर्जिकल स्ट्राइक करने वाला ईरान तीसरा देश बन गया है. सबसे पहले अमेरिका ने पाकिस्तान में घुस कर आतंकियों के कुख्यात सरदार ओसामा बिन लादेन को निपटाया था. उसके बाद भारत ने भी पाकिस्तान की नापाक आतंकी हरकतों से परेशान हो कर पाकिस्तान के भीतर जाकर आतंकियों के खिलाफ जोरदार सर्जिकल स्ट्राइक की थी जिस पर ‘उरी’ नामक हिट फिल्म भी बनी थी. और अब ईरान को भी पाकिस्तान को सुधारने के लिए सर्जिकल स्ट्राइक के लिए मजबूर होना पड़ा है.

दुनिया के लिए दिया संदेश

इस बार ईरान ने पाकिस्तान पर एक सर्जिकल स्ट्राइक को अंजाम दिया है और दुनिया भर के लिए संदेश दे दिया है कि आतंक के खिलाफ यही कदम उठाया जाना चाहिए. पाकिस्तान के भीतर ईरान ने घुसकर आतंकियों को ढेर किया और अपने दो सैनिकों को मुक्त भी करा लिया है. इसके साथ ही पाकिस्तान में घुस कर आतंकियों को उनके अंजाम तक पहुंचाने वाला तीसरा देश बन गया है ईरान.

मंगलवार रात को हुआ आपरेशन

आतंक के खिलाफ ज़ीरो टॉलरेंस की पालिसी पर काम किया है ईरान ने. ये सर्जिकल स्ट्राइक मंगलवार 2 फरवरी की रात को अंजाम दी गई. ये जानकारी तेहरान की एनाडूलो समाचार एजेंसी ने दुनिया को दी. इसमें बताया गया कि यह सर्जिकल ऑपरेशन कई पाकिस्तानी सैनिकों को मारने में भी कामयाब रहा है जो आतंकियों को बचाने में लगे थे.

आईआरजीसी ने अंजाम दिया

इस दुस्साहसी काम को ईरान की विशेष खुफिया बल ने अंजाम दिया है. आईआरजीसी अर्थात ईरान की एलीट रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने इसके लिए काफी पहले से योजना बनानी शुरू कर दी थी. पहले उन्होंने खुफिया जानकारी के आधार पर पाकिस्तान के उस स्थान का पता लगाया जहाँ आतंकी छुपे हुए थे. उसके बाद मौक़ा देख कर उन्होंने पाकिस्तान के काफी अंदर जाकर ऑपरेशन को अंजाम दे दिया.

जैश पर किया हमला

ईरान से मिली जानकारी के अनुसार ईरान के सैनिकों ने पाकिस्तान के नाजायज कब्जे वाले बलूचिस्तान में प्रवेश किया और वहां छुपे आतंकी संगठन जैश अल-अदल पर हमला किया जब वे पूरी तरह असावधान. ईरानी सैनिक इस अचानक की गई सर्जिकल स्ट्राइक के माध्यम से अपने दो सैनिकों को आज़ाद करा लिया.

तीन साल से कब्जे में थे सैनिक

ईरान के नज़रिये से उसकी ये बड़ी सफलता है क्योंकि ईरान के दोनों सैनिक इन आतंकियों के चंगुल में थे. ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स के आधिकारिक बयान में भी इसकी जानकारी दी गई है. ये दोनों आज़ाद कराये गए ईरान के सैनिक उन 12 सैनिकों में शामिल थे, जिन्हें तीन साल पहले 2018 में ईरान से अपहरण कर लिया गया था. इनमें से पांच सैनिक पाकिस्तानी सेना ने ये कह कर ईरान को वापस कर दिए थे कि ये हमने छुड़ाए हैं.

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