किसके नाम लिखी है कांग्रेस पार्टी? – Poochta Hai Desh

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मनीष तिवारी जी,  किरायेदार या खुद घर छोड़ते हैं, या निकाल दिए जाते हैं -आप कांग्रेस के हिस्सेदार कैसे हो?

कांग्रेस के पंजाब के नेता और G-23 के माने जाने वाले  नेता मनीष तिवारी ने कल कहा है कि वो कांग्रेस के किरायेदार नहीं हैं बल्कि हिस्सेदार हैं.

ऐसी भाषा तो कुछ मुस्लिम नेता CAA/NRC का विरोध करते हुए कहते है -याद होगा राहत इंदौरी ने जोर लगा कर कहा था –“हिंदुस्तान किसी के बाप का थोड़े है”.

अभी 2 दिन पहले पूर्व कानून मंत्री अश्विनी कुमार ने 46 वर्ष कांग्रेस में रह कर पार्टी छोड़ दी और आज की खबर हैं कि एक अन्य वरिष्ठ कांग्रेस नेता केवल सिंह ढिल्लों को बिना नोटिस के पार्टी ने बाहर कर दिया.

भला पार्टी के हिस्सेदारों को ऐसे घर से निकाला जाता है क्या – ये मनीष तिवारी और अन्य नेताओं को आज समझ आ रहा है कि कांग्रेस पार्टी फर्जी गाँधी परिवार की निजी संपत्ति बन चुकी है लेकिन अब वो किसी और पार्टी में जायेंगे तो वहां तो “किरायेदार” ही बनेंगे.

तिवारी ने कहा है कि पंजाब की धार्मिक भावनाओं के साथ कोई सियासत न की जाये. पंजाब में हिन्दू सिख भाईचारा इकठ्ठा है और किसी को इस भाईचारे को ठेस पहुंचाने की  केवल सियासी फायदे के लिए कोशिश नहीं करनी चाहिए.

तिवारी जी, ये बात तो कांग्रेस को समझनी चाहिए जो कल भी यू पी बिहार और दिल्ली के लोगों के साथ सौतेला बर्ताव करने की कोशिश कर रही थी.

कहीं हिन्दू सिख भाईचारे की बात करते हो तो कहीं हिन्दू मुस्लिम भाईचारे की –लेकिन ये भी सत्य है कि पंजाब में 40% हिन्दू होते हुए भी कभी किसी हिन्दू को सीएम नहीं बनाया गया और मलेरकोटला को केवल मुस्लिम बहुल होने की वजह से अलग जिला बना दिया.

कांग्रेस ने पंजाब में आतंक के बीज बोए हिन्दू सिख एकता को तहस नहस करने के लिए और आज आप उसी एकता के लिए दुहाई दे रहे हो.

अश्विनी कुमार और केवल सिंह ढिल्लों के बाद अब मनीष जी आपका ही नंबर है –देखना है, अमरिंदर के किरायेदार बनते हो या मोदी की भाजपा के मोदी की भाजपा में हिस्सेदार बनने के लिए हेमंत बिस्वा शर्मा बनना पड़ेगा –बन सकते हो क्या? उसके लिए तो कांग्रेस के नकली “सेकुलरिज्म” को छोड़ना पड़ेगा, वो शायद नहीं कर सकते आप -ऐसा होता तो पंजाब में चल रहे घोर धर्म परिवर्तन का विरोध करते जो ईसायत फैलाने के लिए किया जा रहा है.