KL rahul: क्रिकेट वाले राहुल का कामयाबी वाला सफर

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केएल राहुल के पास है कुछ खास-अगर ये बात कहें तो यह अन्याय होगा उनकी प्रतिभा के साथ..क्योंकि भारतीय क्रिकेट के इस नये नायक के पास है बहुत कुछ खास..

भारत की एक दिवसीय क्रिकेट टीम के नये कप्तान का नाम है केएल राहुल. उनकी जिन्दगी की कहानी में आज तक जो सबसे खास है वह है उनका बल्ला जो उनका पहला प्यार है. इसी बल्ले से बने हैं वो भारत की बल्लेबाजी के नये सूरमा. 18 अप्रैल 1992 को बंगलोर में जन्मे उन्तीस वर्षीय केएल राहुल के पिता केएन लोकेश हैं और माँ माता राजेश्वरी हैं. दोनों ही कॉलेज में प्रोफेसर हैं, प्रोफेसर माता-पिता की संतान राहुल ने केवल दस वर्ष की आयु में बल्ला थाम लिया था और आज तक छोड़ा नहीं है.

पहली बार खेले अंडर-19 में

के एल राहुल को किस्मत और प्रतिभा दोनों ने ही अवसर दिया और वर्ष 2010 में भारत के लिए अंडर नाइनटीन में खेलने का न्योता मिला के एल राहुल को. पहली बार किसी बड़े टूर्नामेंट में खेलने वाले राहुल को विकेट कीपर के तौर पर टीम में जगह मिली. टूर्नामेंट में राहुल भारत के दूसरे सर्वोच्च स्कोरर रहे. इसी वर्ष राहुल को कर्नाटक के लिए प्रथम श्रेणी क्रिकेट खेलने का भी मौक़ा मिला.

रणजी ट्रॉफी में बढ़िया प्रदर्शन

के एल राहुल ने इसके बाद सीनियर क्रिकेट में अपने कदम बढ़ाने शुरू किए और साल 2013-14 रणजी ट्रॉफी में खेले अपने दस मैचों में 69 रन प्रति ओवर की औसत से 1033 रन बनाये और टूर्नामेंट के दूसरे सर्वोच्च स्कोरर रहे. चयनकर्ताओं का ध्यान उन पर गया और ठीक इसके बाद राहुल ने साल 2014-15 में दलीप ट्रॉफी में मध्य क्षेत्र के विरुद्ध दक्षिण क्षेत्र की तरफ से खेल कर 185 और 130 रन बनाये तब चयनकर्ताओं ने उन्हें ऑस्ट्रेलिया दौरे के लिए भारतीय टीम में स्थान दे दिया.

धोनी को नहीं किया निराश

उस समय टीम इण्डिया के कप्तान थे महेंद्र जोरदार धोनी. धोनी ने ऑस्ट्रेलिया के विरुद्ध प्रथम मेलबर्न टेस्ट में राहुल को रोहित के स्थान पर उतारा पर राहुल ने उनको तब निराश कर दिया. पहली और दूसरी दोनों पारियों में राहुल दो अंकों तक अपने स्कोर को न खींच पाए फिर भी धोनी ने राहुल पर भरोसा नहीं खोया. बस इसके अगले ही मैच में सिडनी में मुरली विजय के साथ पारी का श्रीगणेश करके के एल राहुल ने शानदार शतक जड़ा और 110 रन की पारी खेलकर अपना पहला अंतर्राष्ट्रीय सैकड़ा बना डाला. इसके बाद भारत आ कर राहुल ने कमाल कर दिया और रणजी ट्रॉफी में उत्तर प्रदेश के विरुद्ध 337 रन की मैराथन पारी खेलकर कर्नाटक की ओर से तिहरा शतक जड़ने वाले वे प्रथम बैट्समैन बन गए.

पहला वन डे और पहला शतक

यहां से राहुल के करियर ने ऊंची उड़ान भरी और उन्होंने करियर के पहले ही वनडे में जड़ दिया शतक उनको साल 2016 में जिंबाब्वे दौरे पर एकदिवसीय टीम में स्थान दिया गया और यहां हरारे स्पोर्ट्स क्लब पर अपने प्रथम मैच में प्रथम शतक जड़कर राहुल पदार्पण वनडे मैच में शतक जड़ने वाले भारत के पहले बल्लेबाज बन गए. इतना ही नहीं प्रारम्भिक बल्लेबाज के रूप में अपने पहली टेस्ट और एकदिवसीय अंतर्राष्ट्रीय मैच में शतक जड़ने वाले एकमात्र बल्लेबाज भी राहुल ही हैं. इसी दौरे में राहुल को टी20 टीम में अंतर्राष्ट्रीय पदार्पण का अवसर भी मिल गया.

टी-20 में बने कमाल स्पेशल राहुल

वन डे में पहले मैच में लगाया था शतक लेकिन टीट्वेन्टी में अपने प्रथम मैच में शून्य पर आउट हो गये राहुल. लेकिन इससे उनका आत्मविश्वास नहीं डगमगाया औह उन्होंने उसी साल अमेरिका में वेस्टइंडीज के विरुद्ध 110 रन नाट-आउट वाली पारी खेली. और इसके साथ ही वे केवल 20 अंतर्राष्ट्रीय पारियों में क्रिकेट के तीनों प्रारूपों में शतक बनाने वाले अविश्वसनीय कीर्तिमान के स्वामी बन चुके थे.ऐसा करने वाले दुनिया के सिर्फ 18 और भारत के सिर्फ तीन खिलाड़ी इस एलीट क्रिकेटर्स की सूची में शामिल हैं. भारत की ओर से केएल राहुल के अलावा रोहित तथा सुरेश रैना ही यह कारनामा कर पाये हैं.

छा गए आईपीएल में

वन डे क्रिकेट के बाद अब टीट्वेंटी क्रिकेट ने दिया राहुल को अपनी बल्लेबाजी का जलवा बिखेरने का ओका. इंडियन प्रीमियर लीग में ज्यों ही राहुल ने प्रवेश किया सबका दिल जीत लिया अपनी तूफानी बल्लेबाजी से. किंग्स इलेवन पंजाब जो कि आजकल पंजाब किंग्स बन गई है, ने आईपीएल के 2018 वाले सीजन में नीलामी के दौरान पंजाब की टीम ने केएल राहुल के लिए ग्यारह करोड़ रुपये की संयुक्त रूप से तीसरी सबसे अधिक कीमत वाली बोली लगाकर उन्हें अपनी टीम में शामिल किया. बदले में राहुल ने टीम की आशाओं को जाज्वल्यमान कर दिया और अपने पहले ही मैच में केवल 14 गेंद खेल कर अर्धशतक जड़ दिया. इस तरह राहुल आईपीएल इतिहास का सबसे तेज अर्धशतक लगाने वाले खिलाड़ी भी बन गए. इतना ही नहीं ढाई साल पहले राहुल ने वर्ष 2019 में रोहित की मुंबई इंडियंस के खिलाफ 100 रन नॉट आउट बनाकर आईपीएल में अपना प्रथम शतक भी लगा डाला.

फिर बन गए टीम पंजाब के किंग

आईपीएल में जबरदस्त प्रदर्शन करने वाले राहुल को बनाया गया पंजाब का कप्तान और यह था उनका देश की टीम का कप्तान बनने की दिशा में बड़ा कदम. पंजाब के पूर्व कप्तान रविचंद्रन अश्विन वर्ष 2020 में दिल्ली कैपिटल्स से जुड़ गए तब राहुल को पंजाब की टीम का कप्तान चुन लिया गया. इसी सीजन में उन्होंने कोहली की रॉयल चैलेंजर्स बेंगलोर टीम के विरुद्ध 69 गेंद में 132 रन बना डाले जो कि अब तक आईपीएल में किसी भी भारतीय बल्लेबाज द्वारा बनाया गया सर्वोच्च व्यक्तिगत स्कोर है.

जीत लिया ऑरेंज कैप

वर्ष 2020 के आईपीएल सीजन में राहुल ने अपने 14 मैचों में 5 अर्धशतक लगाए और एक शतक भी जड़ दिया इस तरह वे से लगभग 56 रन प्रति मैच के औसत से 670 रन बनाकर सर्वाधिक रन बनाने वाले खिलाड़ी बने और उन्होंने ऑरेंज कैप अपने नाम की. इसी के बाद अगले वर्ष अर्थात 2021 में राहुल ने आईपीएल सीजन के दौरान कुल 626 रन बनाये और वे तीसरे टॉप स्कोरर रहे. सबसे अधिक रन बनाने वाले चेन्नई सुपरकिंग्स के रुतुराज गायकवाड़ ने 635 रन बनाये थे जबकि दूसरे स्थान पर रहे इसी टीम के फाफ डुप्लेसिस ने 633 रन बनाये और इस तरह इन दोनों से राहुल के रनों का अंतर क्रमश: मात्र नौ और सात रनों का रहा.