क्या आज हो जायेगा सोनिया, राहुल, प्रियंका का इस्तीफा ?

CWC की बैठक में क्या सोनिया, राहुल और प्रिंयका करेंगे Resign? दो हिस्सों में टूटेगी कांग्रेस?
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CWC की बैठक में क्या सोनिया, राहुल और प्रिंयका करेंगे Resign? दो हिस्सों में टूटेगी कांग्रेस?

यूपी समेत पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव में कांग्रेस की करारी हार के बाद कांग्रेस कार्यसमिति की आज एक महत्वपूर्ण बैठक हो रही है. बैठक में हार के कारणों पर आत्ममंथन होगा. हार का पोस्टमार्टम होगा. गलतियां निकाली जाएंगी. जिम्मेदारियां ठहराई जाएंगी.

इसके बाद फिर इसी साल गुजरात में होने वाले विधानसभा चुनाव पर फोकस करने और रणनीति बनाने पर ज़ोर दिया जाएगा. सांगठनिक बदलाव भी किए जाएंगे. ऐसा ही साल 2014 में लोकसभा चुनाव की हार के बाद भी आत्ममंथन हुआ था. फिर 2019 के लोकसभा चुनाव की हार के बाद मंथन हुआ. इसी तरह 2017 में यूपी विधानसभा चुनाव में हार के बाद आत्मंथन हुआ तो अब 5 राज्यों उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, मणिपुर, गोवा और पंजाब में हार पर चर्चा हो रही है.

लेकिन बड़ा सवाल ये है कि क्या इस बार कांग्रेस के स्पेशल-23 यानी जी-23 सदस्य सत्ता परिवर्तन को लेकर बगावत का बिगुल बजाएंगे?

क्या कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी, राहुल गांधी और प्रियंका गांधी अपनी जिम्मेदारियों से इस्तीफ़ा देंगे?
क्या कांग्रेस दो हिस्सों में बंट जाएगी? एक हिस्सा वो जो गांधी परिवार के प्रति वफादार होगा और दूसरा वो जिसने बगावत का बिगुल बजाएगा.

ये सारे सवाल इस बार कांग्रेस कार्य समीति की बैठक से पहले गहरी गूंज रख रहे हैं क्योंकि इस बार कांग्रेस में कुछ बड़ा होने वाला है.

हालांकि कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने ऐसी खबरों का खंडन किया है. लेकिन याद रखें कि 2019 की हार के बाद अचानक ही राहुल गांधी ने अध्यक्ष पद से इस्तीफ़ा दे दिया था. उसके बाद सोनिया गांधी ने खराब स्वास्थ के बावजूद कांग्रेस अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी संभाली. दरअसल, कांग्रेस का वजूद ही गांधी-नेहरू परिवार के बिना देश में कुछ नहीं है. बिना गांधी परिवार के कांग्रेस के पास ऐसा कोई चेहरा नहीं जो उसमें जान फूंक सके. कांग्रेस के डीके शिवकुमार कहते हैं कि बिना गांधी परिवार के नेतृत्व के कांग्रेस में एकजुटता नहीं रहेगी.

साफ तौर पर आज गांधी परिवार की राजनीति भी हाशिए पर आ चुकी है. उत्तर प्रदेश में 403 सीटों में केवल 2 सीटें मिलना और वोट प्रतिशत का 2.3 फीसदी गिरना प्रियंका की नाकामयाबी का पुरज़ोर पुलिंदा है. उनसे पहले राहुल गांधी का अमेठी से हारना और इस बार प्रियंका गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस को केवल 2 सीटें मिलना ये साबित करता है कि गांधी परिवार का पॉलिटिकल ग्लैमर अब बीजेपी की चकाचौंध में धूमिल होता जा रहा है. ऐसे में कांग्रेस कार्यसमीति की ये बैठक में कई बड़े ऐलान हो सकते हैं. जिसमें ऐसी अफवाहें हैं कि गांधी परिवार इस्तीफ़ों को झड़ी लगा सकता है.

कांग्रेस के लिए 2014 के बाद से ही दिन खराब शुरु हो चुके हैं. पंजाब में सत्ता गंवाई. केवल छत्तीसगढ़ और राजस्थान में कांग्रेस सत्ता में है. महाराष्ट्र और झारखंड में सहयोगी दल है. कांग्रेस की दुर्गति को लेकर कांग्रेस के असंतुष्ट जी 23 पार्टी में बदलाव की मांग कर रहे हैं. उनका कहना है कि पार्टी की किस्मत बदलनी है तो फिर व्यापक फेरबदल करने होंगे. साफ है कि ऐसे में कांग्रेस में कुछ बड़ा होने वाला है. क्योंकि कपिल सिब्बल, गुलाम नवी आज़ाद, शशी थरूर, मनीश तिवारी जैसे बड़े चेहरे कांग्रेस में दो फाड़ की स्थिति ला सकते हैं.