युनाइटेड नेशन्स: हमने दुनिया को युद्ध नहीं बुद्ध दिया है – पीएम मोदी

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प्रधानमंत्री नरेंद मोदी ने संयुक्त राष्ट्र महासभा को संबोधित करते हुए कहा कि भारत ने दुनिया को युद्ध नही बल्कि बुद्ध दिया है. उन्होंने कहा कि भारत ने दुनिया को शांति का प्रतीक दिया है. पीएम मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि भारत हजारों वर्ष पुरानी महान संस्कृति है, जो वैश्विक सपनों को समेटे हुए है. पीएम ने कहा कि हमारा मंत्र है जन भागीदारी से जन कल्याण और जन कल्याण से जग कल्याण.

पीएम मोदी ने अपने भाषण की शुरुआत करते हुए बताया कि दुनिया के सबसे बड़े लोकतांत्रिक देश के सबसे बड़े चुनाव में सबसे ज्यादा लोगों ने अपने मताधिकार का इस्तेमाल करते हुए उनकी सरकार बनाई जिसकी वजह से उन्हें दोबारा संयुक्त राष्ट्र की बैठक में भाषण का मौका मिला.

उन्होंने एक विश्वगुरू देश और ग्लोबल लीडर के रूप में संयुक्त राष्ट्र महासभा को संबोधित करते हुए कहा कि किस तरह से एक विकासशील देश ने सौहार्द और शांति के लिए नज़ीर पेश की.

उन्होंने जन कल्याण से जगत कल्याण की बात की. उन्होंने दुनिया को Harmony and Peace देने की बात की.

आज पीएम मोदी का भाषण बेहद ही सकारात्मक रहा. उन्होंने पर्यावरण के संरक्षण में भारत के योगदान की तारीफ करते हुए सिंगल यूज़ प्लास्टिक के खिलाफ जन आंदोलन की बात भी की.

पीएम मोदी ने अपने संबोधन में आयुष्मान भारत योजना,  स्वच्छ भारत अभियान, शौचालयों के निर्माण का ज़िक्र किया.उन्होंने कहा कि उनकी व्यवस्था ने दुनिया के सबसे बड़े स्‍वच्‍छता अभियान को सफलता पूर्वक संपन्‍न किया. अकेले 5 साल में 11 करोड़ से ज्‍यादा शौचालय बनाकर देशवासियों को दिए.

पीएम मोदी ने बताया कि आज हम पूरे भारत को सिंगल यूज प्लास्टिक से मुक्त करने के लिए अभियान चला रहे हैं. उन्होंने कहा कि अगले 5 साल में 15 करोड़ घरों को पानी की सप्लाई से जोड़ने जा रहे हैं. साथ ही सवा लाख किमी से ज्यादा सड़कें बनाने जा रहे हैं. साथ ही गरीबों के लिए 2 करोड़ और घरों के निर्माण की बात की. उन्होंने बताया कि साल 2025 तक भारत को टीबी से मुक्त करने के लिए काम कर रहे हैं.

पाकिस्तान का बिना नाम लिए उन्होंने कहा कि आतंकवाद किसी एक देश की नहीं, बल्कि पूरी दुनिया की चुनौती है.  आतंक के खिलाफ पूरे विश्व का एकमत होना अनिवार्य है. उन्होंने कहा कि आज विश्व का स्वरूप बदल रहा है. नए दौर में संयुक्त राष्ट्र को नई शक्ति और नई दिशा देनी ही होगी.

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