दूसरे चरण में बिहार का महागठबंधन क्या दोहरा पाएगा इतिहास?

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लोकसभा चुनाव के दूसरे चरण में बिहार में पांच सीटों पर महासंग्राम हो रहा है. 18 अप्रैल को किशनगंज, कटिहार, पूर्णिया, भागलपुर और बांका में वोट डाले जाएंगे. इस बार महागठबंधन की महापरीक्षा है.  साल 2014 के लोकसभा चुनाव में मोदी लहर के बावजूद महागठबंधन इन पांच सीटों में 4 सीटें जीतने में कामयाब रहा था. 2 आरजेडी और 2 कांग्रेस के पास हैं जबकि 1 सीट पर जेडीयू का कब्जा है. ऐसे में महागठबंधन की पूरी कोशिश रहेगी कि वो अपनी 4 सीटों पर कब्जा कायम रखे.

 आइए देखते हैं बिहार की इन पांच सीटों का समीकरण

किशनगंज सीट – गठबंधन के चलते इस बार किशनगंज की सीट जेडीयू के खाते में गई है. साल 2014 में इस सीट से कांग्रेस के मौलाना असरार-उल-हक कासमी जीते थे लेकिन उनके निधन से सीट खाली. यहां से शाहनवाज भी साल 1999 में चुनाव जीत चुके हैं लेकिन 2004 में तस्लीमुद्दीन से हार भी गए थे. इस बार इस सीट पर दिलचस्प मुकाबला है.

कटिहार सीट – तारिक अनवर यहां से एनसीपी से सांसद हैं और पांच बार सांसद रह चुके हैं. लेकिन अब वो इस सीट से कांग्रेस उम्मीदवार हैं.

भागलपुर सीट – आरजेडी के शैलेश कुमार उर्फ बुलो मंडल मौजूदा सांसद हैं. बुलो मंडल ने यहां से पिछले चुनाव बीजेपी उम्मीदवार सैयद शाहनवाज हुसैन को हराया था.

बांका सीट-  साल 2014 में आरजेडी का कब्जा. यहां से जयप्रकाश नारायण यादव सांसद. पुतुल देवी को हराया.

पूर्णिया सीट -साल 2014 में जेडीयू और बीजेपी अलग-अलग लड़े थे. जेडीयू के संतोष कुमार कुशवाहा ने बीजेपी के उदय सिंह को हराया था.

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