Election 2019: कांग्रेस पर मायावती के गुस्से की असली वजह कहीं ये तो नहीं?

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कांग्रेस पर भड़कीं मायावती, ठुकराया 7 सीटों का अहसान

बीएसपी सुप्रीमो मायावती ने कांग्रेस के रिटर्न गिफ्ट को ठुकराकर पलटवार किया है. मायावती ने कांग्रेस से दो टूक कहा है कि वो यूपी में एसपी-बीएसपी-आरएलडी गठबंधन के लिए 7 सीटें छोड़कर लोगों में भ्रम फैलाने की कोशिश न करे. मायावती ने कहा कि यूपी में ही नहीं बल्कि पूरे देश में कांग्रेस के साथ बीएसपी का न तो कोई तालमेल है और न ही गठबंधन.

कांग्रेस पर भड़की मायावती ने साफ कर दिया कि उनके महागठबंधन को कांग्रेस के अहसान की जरूरत नहीं है. दरअसल, एसपी-बीएसपी गठबंधन ने अमेठी और रायबरेली में कांग्रेस के खिलाफ कोई उम्मीदवार खड़ा न करने के ऐलान किया था. इसके बाद कांग्रेस ने भी यूपी में 7 सीटों पर कोई उम्मीदवार खड़ा न करने का ऐलान किया. इन 7 सीटों में मैनपुरी, कन्नौज और फिरोजाबाद शामिल हैं तो साथ ही मायावती, अखिलेश यादव, अजीत सिंह और जयंत चौधरी के खिलाफ भी प्रत्याशी न उतारने का कांग्रेस ने ऐलान किया था. लेकिन यूपी प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष राज बब्बर की घोषणा से मायावती बुरी तरह भड़क गईं और एक के बाद एक ट्वीट कर उन्होंने कांग्रेस को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि ‘बीएसपी एक बार फिर साफ तौर पर स्पष्ट कर देना चाहती है कि उत्तर प्रदेश सहित पूरे देश में कांग्रेस पार्टी से हमारा कोई भी किसी भी प्रकार का तालमेल व गठबंधन आदि बिल्कुल भी नहीं है. हमारे लोग कांग्रेस पार्टी द्वारा  फैलाये जा रहे किस्म-किस्म के भ्रम में कतई न आएं.

मायावती ने ये भी ट्वीट किया कि उनकी पार्टी और उनका समाजवादी पार्टी के साथ गठबंधन यूपी में बीजेपी को हराने में सक्षम है और ऐसे में कांग्रेस पूरे यूपी सभी 80 सीटों पर उम्मीदवार खड़ा करने के लिए स्वतंत्र है.

मायावती की नाराजगी को दरअसल कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी और भीम आर्मी के नेता चंद्रशेखर रावण के साथ हुई मुलाकात से भी जोड़ कर देखा जा रहा है. हाल ही में प्रियंका गांधी ने चंद्रशेकर रावण से मुलाकात की थी. चंद्रशेखर रावण पश्चिमी यूपी में युवा दलित नेता के रूप में उभरता एक नाम है. हालांकि मायावती ने हमेशा ही चंद्रशेखर से दूरियां रखी हैं लेकिन लोकसभा चुनाव के मद्देनजर प्रियंका गांधी और ज्योतिरादित्य सिंधिया से चंद्रशेखर रावण की मुलाकात के कई सियासी मायने साफ हैं.

ऐसे में बहुत मुमकिन है कि इस मुलाकात के जरिए बीएसपी के जाट- गैर जाटव वोटबैंक में कांग्रेस सेंध लगाने की कोशिश कर रही है और तभी मायावती ने ट्विट कर यूपी में दलितों में ये संदेश साफ दे दिया कि कांग्रेस से वो दूर से ही ‘हाथ’ जोड़ती हैं.

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