दूसरे चरण में यूपी की 8 सीटों पर क्या बीजेपी को रोक सकेगा महागठबंधन?

सौ: ट्विटर
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लोकसभा चुनाव 2019 के  लिए दूसरे चरण का मतदान 18 अप्रैल को हो रहा है. दूसरे चरण में देश की 97 तो यूपी की 8 लोकसभा सीटों पर मतदान हो रहा है. इस चरण में यूपी के कई दिग्गजों की किस्मत भी ईवीएम में बंद होगी. हेमामालिनी, राज बब्बर और जयंत चौधरी जैसे नामी चेहरों की प्रतिष्ठा दांव पर होगी. आइए सीटवार देखते हैं कि किस सीट पर कौन मजबूत स्थिति में है और किस सीट पर मुकाबला कांटे की टक्कर का है.

दूसरे चरण में यूपी की 8 सीटों पर 18 अप्रैल को मतदान

दूसरे चरण में यूपी की 6 सीटों पर मायावती बनाम पीएम मोदी मुकाबला माना जा रहा है क्योंकि बीएसपी इस फेज़ में 8 में से 6 सीटों पर चुनाव लड़ रही है. जबकि समाजवादी पार्टी और राष्ट्रीय लोकदल ने 1-1 सीट पर उम्मीदवार उतारा है.  

  • साल 2014 के लोकसभा चुनाव में बीजेपी ये सभी 8 सीटें जीतने में कामयाब हुई थी.
  • कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष राज बब्बर और बीजेपी की हेमा मालिनी की प्रतिष्ठा भी दांव पर है.

मथुरा

  • मथुरा से दूसरी बार हेमामालिनी को बीजेपी ने टिकट दिया है.
  • 2014 में हुए लोकसभा चुनाव में हेमा मालिनी ने आरएलडी के जयंत चौधरी, बीएसपी के पंडित योगेश कुमार द्विवेदी और एसपी के चंदन चौधरी के साथ आप पार्टी के उम्मीदवार अनुज कुमार गर्ग को हराया था.

पार्टी – उम्मीदवार

बीजेपी – हेमामालिनी (मौजूदा सांसद)

आरएलडी – कुंवर नरेंद सिंह

कांग्रेस – महेश पाठक

मथुरा में करीब 4 लाख जाट वोटर, 2.5 लाख ब्राह्मण, 2.5 लाख राजपूत वोटर, 2.5 लाख दलित मतदाता और ढेड़ लाख के करीब मुस्लिम हैं

हाथरस

समाजवादी पार्टी ने पूर्व केंद्रीय मंत्री रामजीलाल सुमन को मैदान उतारा है. जबकि बीजेपी ने राजवीर सिंह बाल्मीकि और कांग्रेस ने त्रिलोकीराम दिवाकर को मैदान में उतारा है.

  • साल 2014 में हुए लोकसभा चुनाव में हाथरस की लोकसभा सीट से बीजेपी के राजेश दिवाकर ने बहुजन समाज पार्टी के मनोज कुमार सोनी को हराया था.
  • हाथरस सीट पर एसपी-बीएसपी और आरएलडी गठबंधन से बीजेपी को नुकसान हो सकता है

हाथरस सीट जाट बहुल मानी जाती है. इस सीट पर करीब 3 लाख जाट, 2 लाख ब्राह्मण, 1.5 लाख राजपूत, 3 लाख दलित, 1.5 लाख बघेल और 1.25  लाख मुस्लिम मतदाता हैं.

फतेहपुर सीकरी

साल 2014 में उत्तर प्रदेश की फतेहपुर सीकरी लोकसभा सीट से बीजेपी के उम्मीदवार बाबूलाल चौधरी ने बीएसपी की सीमा उपाध्याय को हराया था.

पार्टी –  उम्मीदवार

कांग्रेस – राजबब्बर

बीजेपी – राजकुमार चहेर (मौजूदा सांसद बाबूलाल चौधरी का टिकट काटा)

बीएसपी – गुड्डू पंडित

  • राजबब्बर ने फिल्म किस्सा कुर्सी से बॉलीवुड का सफर तय किया था. वहीं राजनीति में उतरने के बाद उन्होंने पहला लोकसभा चुनाव साल 1996 में समाजवादी पार्टी के टिकट पर पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के खिलाफ लखनऊ सीट से लड़ा जहां उन्हें हार मिली.

फतेहपुर सीकरी में दो लाख जाट मतदाता और तीन लाख ब्राह्मण वोटर

नगीना

मुस्लिम सीट होने के बावजूद मोदी लहर में साल 2014 में ये सीट बीजेपी के कब्जे में गई. बीजेपी के उम्मीदवार यशवंत सिंह भारी मतों से जीते.

पार्टी –  उम्मीदवार

बीएसपी – गिरीश चंद्र

बीजेपी – यशवंत सिंह (मौजूदा सांसद)

कांग्रेस – ओमवती (पूर्व आईएएस आरके सिंह की पत्नी )

  •  नगीना सीट पर गठबंधन और कांग्रेस दोनों की नजर दलित और मुस्लिम वोटों पर है. जबकि बीजेपी राजपूत और गैर जाटव दलित के साथ-साथ जाट मतदाताओं के सहारे दोबारा जीत दर्ज करना चाहती है. लेकिन, पर किंगमेकर की भूमिका में हैं.

 नगीना सीट पर 6 लाख मुस्लिम वोटर हैं. बीएसपी और कांग्रेस की नजर दलित और मुस्लिम वोटरों पर है जबकि बीजेपी राजपूत और गैर जाटव दलित वोटरों के समीकरण पर उम्मीद बांधे है.

अमरोहा

2014 में अमरोहा लोकसभा सीट पर बीजेपी के कंवर सिंह तंवर ने समाजवादी पार्टी की हुमैरा अख्तर को हराया था.

पार्टी  – उम्मीदवार

बीजेपी – कंवर सिंह तंवर मौजूदा सांसद

बीएसपी – कुंवर दानिश

कांग्रेस – सचिन चौधरी मुस्लिम बहुल सीट

5 लाख मुस्लिम वोटर, ढाई लाख दलित वोटर और 1 लाख गुर्जर वोटर, डेढ़ लाख जाट, 1 लाख कश्यप और 95 हजार लोध वोटर हैं. बीजेपी को गुर्जर, कश्यप, लोध और जाट मतदाताओं के अपने पाले में आने की उम्मीद है.

अलीगढ़

साल 2014 के लोकसभा चुनाव में मोदी लहर में बीजेपीसतीश गौतम ने बड़ी जीत दर्ज की थी.

पार्टी – उम्मीदवार

बीजेपी –  सतीश गौतम (मौजूदा सांसद)

कांग्रेस –  चौधरी बिजेन्द्र सिंह

बीएसपी  – अजीत बालियान

  • बीएसपी और कांग्रेस दोनों ने जाट उम्मीदवार उतारे जबकि बीजेपी ने ब्राह्मण पर दांव खेला.
  • इस बार यहां त्रिकोणीय मुकाबले की संभावना देखी जा रही है.

आगरा

साल 2014 में बीजेपी के रामशंकर कठेरिया ने बहुजन समाज पार्टी के उम्मीदवार नारायण सिंह सुमन को हराया था.

बीएसपी – मनोज सैनी

बीजेपी – एसपी सिंह बघेल

कांग्रेस – प्रीता हरित  

एसपी सिंह बघेल बीजेपी में शामिल होने से पहले समाजवादी पार्टी और बहुजन समाज पार्टी में रह चुके हैं जिस वजह से उनकी मुस्लिम मतदाताओं में पकड़ है. जबकि कांग्रेस को राजबब्बर की वजह से इस सीट पर कांग्रेस के आधार की उम्मीद है.

बुलंदशहर

साल 2014 में बुलंदशहर से बीजेपी के भोला सिंह जीते थे और उन्होंने समाजवादी पार्टी के प्रदीप कुमार जाटव को हराया था.

बीएसपी – योगेश वर्मा

बीजेपी – भोला सिंह (मौजूदा सांसद)

कांग्रेस – बंसी पहाड़िया

बुलंदशहर सीट पर करीब 1.5 लाख ब्राह्मण, 1 लाख राजपूत, 1 लाख यादव, 1 लाख जाट, 3.5 लाख दलित, 2.5 लाख मुस्लिम और 2 लाख लोध मतदाता हैं.

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