#metoo की दूसरी कहानी-जानिए कैसे फैला Me Too कैम्पेन

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Me Too श्रृंखला की हमारी पहली कहानी में आपने पढ़ा कि न्यूयॉर्क के ब्रोंक्स इलाके में रहने वाली ४७ वर्षीया वकील टराना  बर्क ने 2006 में शुरू किया था मी टू कैम्पेन जिसे उन्होंने हैश टैग मी टू नाम से शुरू किया था. अब सुनिए Me Too की दूसरी कहानी.

इसे Me Too की दूसरी कहानी इसलिए कहा जाना उचित होगा क्योंकि टराना  बर्क के बाद 2017 में ऐसा दूसरी बार हुआ जब किसी यौनशोषण की पीड़िता ने खुले आम सबको बता दिया कि उसके साथ भी ऐसा हुआ है. और ज़ाहिर है मीडिया से सपोर्ट इसीलिए मिला क्यूंकि यौनशोषण की यह पीड़िता कोई आम नागरिक नहीं थी, एक सेलेब्रिटी थी. जी हाँ, ये थी हॉलीवुड की प्रसिद्ध एवं सुन्दर फिल्म तारिका एलिसा मिलानो जिन्होंने मीडिया के सामने यह रहस्योद्घाटन किया कि उनका यौनशोषण हुआ है.

और यह यौनशोषण हॉलीवुड के प्रसिद्ध फिल्म निर्माता हार्वी वाइंस्टीन ने किया था. हार्वी वाइंस्टीन पल्प फिक्शन, गैंग्स ऑफ़ न्यूयोर्क, शेक्सपीअर इन लव, किल बिल, द रिंग, जैसी बड़ी फिल्मों से जुड़े रहे हैं.  और कमाल की बात तो ये है कि हार्वी के प्रोडक्शन में बनी कुल 81 फिल्मों को ऑस्कर अवार्ड मिला है.

एलिसा मिलानो ने बताया कि मुझे उस पर पूरा विशवास था. वो एक जेंटिलमैन था जैसा कि उसका व्यवहार था लेकिन उसके दिल में मुझे लेकर क्या चल रहा था मुझे इसका ज़रा सा भी एहसास नहीं था. मेरा उसके साथ देश विदेश में शूटिंग के लिए जाना हुआ लेकिन कभी मुझे कुछ भी पता नहीं चला. लेकिन एक बार अमेरिका में ही एक शूट के दौरान में अकेलेपन वाले साथ का फायदा उठा कर उसने मेरा यौनउत्पीडन किया. मैने विरोध करने की कोशिश भी की लेकिन मेरी एक न चली. अगले दिन मैंने उसे कोर्ट ले जाने की धमकी भी दी. पर उसने माफ़ी मांग कर मामले को दबाने का निवेदन किया. चूंकि हार्वी की वाइफ मेरी बहुत अच्छी मित्र थी, इसलिए मैंने उसकी क्षमायाचना को स्वीकार किया और मामले को आगे बढ़ाने की जारूरत नहीं समझी. लेकिन आज इसलिए मैं ऐसा कह रही हूँ कि कहीं तो यह सिलसिला थमें, क्योंकि हावी वाइंस्टीन ही सिर्फ अकेला नहीं है बल्कि और भी न जाने कितने लोग हैं जो यौनउत्पीडन की कोशिशों में लगे हुए हैं. एलिसा ने यह कह कर सनसनी मचा दी कि मेरे साथ तो इतनी बार  यौन उत्पीड़न हुआ है कि मैं तो उसकी गिनती भी नहीं कर सकती. लेकिन अब बस! अब और नहीं चलने दूंगी मैं यह सिलसिला!

यह हुआ था आज से ठीक एक साल पहले. वह तारीख थी 15 अक्टूबर 2017 जब ऐलिसा ने अपने इस रहस्योद्घाटन के बाद ट्विटर पर लिखा कि मेरी तरह यदि आप लोगों में से कोई भी यौनशोषण या यौनशोषण के प्रयास का शिकार हुआ है तो यहां ट्वीट करके ‘मी टू’ लिखे. उसके बाद तो जैसे झड़ी लग गई मी टू लिखने वालों की. कुल 70 हज़ार महिलाओं ने मी टू लिख कर न सिर्फ एलिसा का समर्थन किया बल्कि अपने साथ हुए यौनशोषण की घटना का रहस्योद्घाटन भी किया.

इसलिए मूल रूप से मी टू कैम्पेन का अंतर्राष्ट्रीय श्रेय जाता है एलिसा मिलानो को जिसके यौन उत्पीड़क हावी वाइंस्टीन पर और भी ७० महिलाओं ने यौनउत्पीडन का आरोप लगाया है. और तारीफ़ करनी होगी  अमेरिकी क़ानून की कि हार्वी वाइंस्टीन अब पुलिस की गिरफ्त में है.

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