विमुद्रीकरण से फायदा ही हुआ है!

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पाकिस्तान ने 90% हजार की करंसी नोट हमारी अर्थव्यवस्था को ठप्प करने के लिए भारत में डाल दिये थे.. 

जिसे बंद न किया जाता तो देश दिवालिया घोषित कर दिया जाता पूरी दुनिया हम से कट जाती, हम कृषिप्रधान देश कहे जाते हैं वैसे हमारी कृषि की हालत भी कुछ ठीक नहीं है, बडी आबादी के कारण हमारा वेनेज़ुएला से भी बुरा हाल होता.. कांग्रेस को पता था कि वो इसका जोखिम नहीं ले सकती इसलिए वो 2014 में जानबूझकर सत्ता से दूर रही.. वर्ना ये कैसे सम्भव था कि सत्ता पर कॉग्रेस हो और ईवीएम बीजेपी सेट कर ले, विपक्षी दलों को कोई उम्मीद नहीं थी, लेकिन ये चमत्कार ही था कि देश थोडी परेशानियों के बाद नोटबंदी जैसी बडी समस्या से उबर आया.. 

ये सब झूठ है अगर तो एक जवाब तो जरूर होगा आप सबके पास वो ये कि 190% करेंगी में से बहुत से जलाये, बहाये और शायद अब तक भी छिपायें गये नोट्स के बिना भी सरकार मुद्रास्फीति को कैसे बराबर कर पायी.. 

सीधी सी बात है जो नोट्स नकली थे वही तो बाहर हैं जलाये या बहाये गये हैं, सरकार को उसकी जरूरत ही नहीं थी, क्योंकि वो गणना में कभी थे ही नहीं.. लेकिन कभी किसी विपक्षी नेता ने ये सवाल नहीं पूछे.. भला वो क्यों पूछते..

(अरविन्द कुँवर)


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