सावधान : अब आई लव यू के जवाब में MeeToo बोलना पड़ सकता है भारी

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अमेरिका में हैरीकेन फ्लॉयड आया उसके बाद उड़ीसा में ‘तितली’ आई और फिर सारे भारत में #MeeToo आ गया. मीटू आ गया है, ये सबको पता है. पर मीटू के आने के बाद अब हमें क्या-क्या सावधानियां रखनी पड़ेंगी, वो किसी डॉक्टर ने नहीं बताया. मीटू के आने से सबसे पहले तो ये बात ध्यान रखनी पड़ेगी कि सावधानी हटी तो दुर्घटना घटी. मीटू के आने से अब हमको जिंदगी में थोड़ा सा डिसिप्लीन रखना पड़ेगा. अब मीटू के बजाए कुछ और बोल के काम चलना पड़ेगा. चाहे अब सामने वाला या सामने वाली नाइस टू मीट यू बोले या आई लव यू बोले, मीटू बोलने से बचने में ही आपकी भलाई है.

अभी भी कई ऐसे मासूम लोग हमारे आसपास हैं जो पूछ रहे हैं कि ये मीटू मीटू क्या है ये मीटू मीटू. अब उनको क्या बताएं कि उनसे जा कर पूछो जिन पर बीत रही है. मीटू की चोट खाये लोग अब कहीं भी ऐसा ही कोई साउंड सुनते हैं तो साइड में आजाते हैं. एक अम्मा जी अपने बेटे को स्कूल भेजने के लिए धमकी दे रहीं थीं कि स्कूल जाएगा या पीटूँ? एक भाई साहब जो नए-नए मीटू के चोट खाये हुए उधर से गुजर रहे थे, पीटूँ सुनके उचक पड़े. उन्हें मीटू सुनाई दिया, एक तो महिला का स्वर, ऊपर से ऊंची आवाज में और वो भी एकदम बगल से आया तो उनको लगा कि फिर पहचान लिया किसी ने..खुलेआम धमकी दे रही है..लगता है इस बार तो नहीं बच पाऊंगा..पसीने पसीने होने के कुछ देर बाद समझ में आया कि बच्चे ने हाँ कर दी है. और अब वह स्कूल जाने को तैयार है और अब धमकियां भी बंद हो गई हैं. इधर इन भाई साहब को झटका इतना करारा लगा था अगले तीन दिन घर से नहीं निकले.

तो मीटू शब्द अब कम से कम ही सुनाई दे तो अच्छा है. ये ख़ास तौर से ये सावधानी पुरुषों को रखनी होगी. यू टू, ही टू, शी टू सब चलेगा बस मी टू से बचके रहना होगा. सबसे घातक शब्द आज के दौर में डिक्शनरी में बस यही है. सबसे पहले अपने परिजनों रिश्तेदारों और मित्रों को फ़ोन करके बताना होगा कि आज से मीटू बंद. ज्यादा ज़रूरत पड़े तो ‘मैं भी’ बोल सकते हो, कोई परेशानी नहीं है, लेकिन अगर मीटू बोला तो ब्लॉक कर दूंगा.

अपना फोन निकालिये. फिर उसमे से महिला मित्रों के नंबर निकालिये. फिर उन सबको बारी बारी से फ़ोन करके दशहरे की शुभकामना दीजिये. फिर फ़ोन रखने से पहले धीरे से माफ़ी भी मांग लीजिये. जब जान पे आजाये तो आगेपीछे नहीं देखना चाहिए. क्योंकि जो भी महिला मित्र आपके फ़ोन पर हैं वो कभी न कभी आपकी मस्ती का शिकार अवश्य हुई होंगी. आप तो मस्ती में थे आपने माइंड नहीं किया लेकिन कब किसने माइंड कर लिया है, ये आपको तब तक पता नहीं चलेगा जब तक आपको कोई तीसरा नहीं बताएगा. कोई और कहे – ”माइंडलेस, ये क्या कर दिया तूने?” उसके पहले ही माइंड इट, आप खुद ही माफ़ी मांग लो. वरना वो जो दिल में धरे बैठी है, अब चुप नहीं रहेगी. अब वो ज्यादती के खिलाफ जंग में ज़रूर शामिल हो जायेगी. मीटू आ चुका है. इसके पहले कि वो मासूम एक भेड़िये की ज्यादती के खिलाफ तन के खड़ी हो जाए, आप ही झुक जाओ भैया!

जान सलामत रहेगी तो बहुत मस्ती कर लोगे यार ज़िंदगी में. वरना न घर के रहोगे न घाट के. सरकारी नौकरी वाले हो तो ज्यादा मत घबराना. ऑफिस में बेइज्जती और तानों से ज्यादा बहुत कुछ नहीं होने वाला. प्राइवेट नौकरी वाले हो तो याद रखना, कल की एक भूल जानलेवा साबित हो जायेगी. एक ही भूल इधर नौकरी ले जायेगी, उधर छोकरी ले जायेगी. बेरोजगारों की तो वैसे भी कोई गर्लफ्रेंड नहीं होती, पता है न. लेकिन अगर शादीशुदा हो तो पिटोगे भी और माफ़ी भी मांगनी पड़ेगी. पिटाई दोनों तरफ हो सकती है और माफ़ी भी दोनों ही तरफ मांगनी पड़ सकती है. इसलिए अपने फूटे कर्मों का प्रायश्चित पहले ही कर लो. फ़ोन करो माफ़ी मांग लो.

अगर आपको लगे सिर्फ माफ़ी मांगने से काम नहीं चलेगा तो कोई गिफ्ट भी दे आओ. अगर उससे भी काम चलता न दिखे तो साष्टांग दंडवत करके आत्मसमर्पण कर दो और स्पष्ट कह दो – ”देवी भूल तो हो चुकी है अब उसके लिए तो कुछ कर नहीं सकता अब आप मेरे प्राण ही ले लो. इससे महंगा तो और कुछ मैं दे भी नहीं सकता.” अगर बंदी प्राण लेने से भी इंकार कर दे तो समझ लीजिये तीनो लोकों में अब आपको बचाने वाला कोई नहीं है. तो फिर आप बस यही कर सकते हैं कि उस पर अपना जीवन अर्पण कर डालिये, शायद आपके बचने का यही आखिरी रास्ता हो. उसका घरेलू मित्र बन कर घर के कामों में मदद कीजिये. उसका कुत्ता घुमाइए, उसकी आलू गोभी लाइए. उसके बेवकूफाना जोक्स पर दिल लगा के हँसिये. उसकी हर फेसबुक पोस्ट्स को लाइक कीजिये और कमेंट भी लिखिए. सुबह शाम उसकी हर फ़ालतू अदा की तारीफ़ कीजिये. उसके साथ इस तरह घूमिये जैसे कोई नौकर भी न घूम सकता हो. ये सब उससे पूछ कर ही कीजिये. और बहुत से काम उससे बिना पूछे भी कीजिये. जैसे सुबह शाम व्हाट्सअप पर गुडमोरिनंग और गुड नाईट. आपकी डीपी बहुत सुन्दर है. ये वाली तो पिछली वाली से भी ज्यादा ब्यूटीफुल है, वगैरह वगैरह.

ये सब करते समय ये न भूलें कि आप छूटे नहीं हैं, जमानत पर हैं. जो कीजिये दिल से कीजिये. सामने वाली इतनी बेवकूफ नहीं है कि आपकी निकम्मी तारीफ़ को ताड़ न सके. ताड़ गई तो ताड़का बन कर लटका देगी उलटा. इसलिए भगवान् के लिए उसे भागवान ही मान कर उसके साथ पेश आइयेगा. वो सब कुछ आपको करना होगा जो पति ने न किया हो. वो सब भी आपको करना है जो पति करना न चाहता हो और तो और, वो सब भी आपकी ड्यूटी में आता है जो उसका पति कभी न कर सकता हो.

देखिये, सावधानी हटी तो दुर्घटना घटी. फ़ोन की लिस्ट निकाल के ढूंढ-ढूंढ के माफ़ी मांगिये. अगर आप थोड़े रंगीले किस्म के ज्यादा हों तो फिर फेसबुक भी खोल लीजिये. उसमें से भी ढूंढ-ढूंढ के मोहतरमाओं से माफ़ी मांगिये. चैटिंग के दौरान भी कई बार लड़कों से गलती हो जाती है. पुरानी चैटिंग निकाल के पढ़िए. अगर उनमे कहीं भी सामने से इस तरह के कोई शब्द दिखाई पड़ जाएं – ”बद्तमीज कहीं के” , ”क्या बोला आपने, ज़रा फिर से बोलना” , ”अरे कुछ तो शर्म करो आप!” , ”अरे दिमाग ठीक हैं आपके, क्या समझ रखा है आपने मुझे?” , ”आखिरी बार कह रही हूँ, पहले भी एक बार वार्निंग दे चुकी हूँ आपको” , ”अरे, शादीशुदा हो के ये छिछोरापन?” इत्यादि. ऐसे शब्दों वाली हर चैट को डिलीट कर दें. लेकिन डिलीट करने से पहले उन मोहतरमा को बहन बनाना न भूलें. उनको बाकायदा एक मेसेज लिखें और कहें कि – बहन, भूल हो गई मुझसे. मुझे विश्वास है आप मुझे भाई समझ के क्षमा कर देंगी. राखी पर अवश्य आऊंगा आपके घर. जीजा जी के लिए तो वैसे भी सूट लेकर आना ही था, अब जिज्जी के लिए भी एक सूट लेता आऊंगा..”

(पारिजात त्रिपाठी)

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