बगदादी मारा गया (पार्ट -4)

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हैरानी की बात थी आतंकियों के लिए कि उनकी गोलीबारी का कोई परिणाम नहीं निकला. मगर गोलीबारी से निश्चिन्त कमांडो-चॉपर्स के लिए इसमें हैरानी की कोई बात नहीं थी क्योंकि वे बुलेट प्रूफ हेलिकॉप्टर्स थे. हाँ, अब तक इन हेलिकॉप्टर्स की तरफ से कोई जवाबी कार्रवाई नहीं की गई थी, ये एकदूसरी हैरानी की बात थी नीचे बन्दूक थामे लोगों के लिए.

वे नहीं जानते थे कि आज जिनसे पाला पड़ा है वो पूरी तैयारी से आये हैं. वे जान भी कैसे सकते थे कि इस हमला मिशन में अमेरिका की स्‍पेशल फोर्स के एक बड़े समूह को शामिल किया गया है. इसमें आठ हेलिकॉप्टरों के अलावा कई पोत और फाइटर प्लेन भी शामिल थे. जो हवा में और बाहर चारों तरफ फैले अमरीकी राष्ट्रपति ने बताया कि रूस को इस ऑपरेशन के बारे में विश्वास में नहीं लिया गया था. लेकिन पता नहीं क्यों हवा में बिना पूर्व-जानकारी दिये गुजर रहे अमरीकी चॉपर्स के खिलाफ उन्होंने कोई कार्रवाई नहीं की.

ज़ाहिर है कि ओसामा बिन लादेन के खिलाफ भी अचानक ही इसी तरह के अभियान को अन्जाम दिया गया था. इसलिये सारी दुनिया को ये कल्पना करना मुश्किल नहीं लगा कि ऑपरेशन बगदादी में किस तरह का ऐक्शन हुआ होगा.

और ये बात भी लोगों को बाद में ही पता चली कि पिछली बार और इस बार के अमरीकन सर्जिकल स्ट्राइक में ख़ास फर्क क्या था. वो फर्क ये था कि इस बार इस खतरनाक ऑपरेशन की लाइव स्‍ट्रीमिंग देख रहे थे वाशिंगटन के व्हाइट हाउस में बैठे हुए डोनाल्ड ट्रंप.

और अब शुरू हुआ ऑपरेशन का स्टेप नंबर सिक्स. स्टेप सिक्स सबसे आखिरी स्टेप याने स्टेप सेवन के एक पहले वाला था जो कि उतना ही खतरे से भरा था जितना स्टेप नंबर सेवन. शेर की मांड में उतारते समय हर स्टेप आखिरी ही होता है और बराबर का खतरनाक होता है. यहां भी दुश्मन के जंगल में दुश्मन के किले में बाहर से आये मेहमानों का यही हाल हो सकता था.

चल रहे गोलीबारी के धमाकों और चका चौंध के बीच अचानक चॉपर्स से लटकने लगे रस्से. और देखते ही देखते बारी बारी से जाने कितने कमांडोज़ इन रस्सियों के सहारे उस मकान की छत पर उतरने लगे. गोलियां भी लगातार चल रही थीं और लग भी रहीं थीं इन बिन बुलाये मेहमानो को लेकिन बुलेट प्रूफ जैकेट्स पहने इन जवानो को कोई फर्क नहीं पड़ा.

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