राजस्थान के अलवर जिले में एक महिला के साथ पति के सामने गैंगरेप कर वीडियो बनाने और सोशल मीडिया में पोस्ट करने का शर्मनाक मामला सामने आया है. दरअसल 26 अप्रैल को एक महिला अपने पति के साथ मोटरसाइकिल से ससुराल जा रही थी. हमलावरों ने दंपती को थानागाज़ी-अलवर बाइपास के पास रोक लिया. इसके बाद पहले तो हमलावरों ने पति के साथ मारपीट की और फिर सुनसान इलाके में ले जाकर उसे बंधक बनाया और उसी के सामने उसकी पत्नी से गैंगरेप किया. हमलावरों ने रेप का वीडियो बनाया और उसे सोशल मीडिया पर अपलोड भी कर दिया.

इस मामले की एफआईआर एक सप्ताह बाद 2 मई को दर्ज हुई. जिस वजह से राजस्थान सरकार ने कार्रवाई करते हुए अलवर के थानागाज़ी गैंग रेप मामले में एसपी राजीव पचर को हटा दिया. इस मामले में थानागाज़ी पुलिस स्टेशन के दो एसएचओ को पहले ही हटा दिया गया था.

पुलिस ने इस मामले में लेट-लतीफी से कार्रवाई करते हुए अब तक एक आरोपी को गिरफ्तार किया है जबकि पांच लोगों की तलाश जारी है. वहीं इस मामले में विरोध प्रदर्शन कर रहे दलित संगठन के लोगों का आरोप है कि लोकसभा चुनाव की वजह से जानबूझकर इस मामले को पुलिस प्रशासन और राज्य सरकार ने दबा कर रखा ताकि कानून व्यवस्था के नाम पर चुनाव में नुकसान न हो जाए.

पीड़ित दंपती की मेडिकल और फोरेंसिक जांच की जा रही है. पीड़ित दंपती गैंगरेप के वीडियो के वायरल होने के डर से आपबीती सुनाने की हालत में नहीं था क्योंकि हमलावरों ने उसे धमकी दी थी कि वो वीडियो को सोशल मीडिया पर अपलोड कर देंगे.

इंसानियत को शर्मसार कर देने वाली घटना दिल को दहला देने के लिए काफी है. पति की बेरहमी से पिटाई करने वाले हमलावर रहम की फरियाद अनसुनी करते रहे और बारी-बारी से उसकी पत्नी के साथ रेप करते रहे. इस घटना ने अलवर में दलित समाज में आक्रोश पैदा कर दिया है. दलित संगठन अलवर में विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं.

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