#MeToo की अगली खेप : डॉली बिंद्रा का यौन शोषण कराया राधे माँ ने?

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बड़ी खबर है ये. अमृतसर रेल दुर्घटना के बाद #MeToo शांत हो गया है, ऐसा लगता था. किन्तु फिर धीरे-धीरे अखबारों में इसकी एक आध खबरों का आना शुरू हुआ. लेकिन टेलीविज़न न्यूज़ ने उन को तवज्जो नहीं दी. लेकिन अब शायद कल से टेलेविज़न पर डॉली बिंद्रा के आरोप की चीर फाड़ शुरू हो जायेगी और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया फिर से खुश हो जाएगा.

इलेक्ट्रॉनिक मीडिया को #MeToo से कुछ भी लेना देना नहीं है सिवाए टीआरपी के. टीआरपी वाली खबरें ज्यादा विज्ञापन दिलाती है और टीवी मीडिया की दूकान बढ़िया चलती है.

तो अब आ गई है नई खबर टीवी मीडिया के लिए. टीवी मीडिया नई खबर को खींचने में कोई कोर कसर नहीं रखेगा. टीवी मीडिया डोली बिंद्रा और राधे माँ की इस खबर को देखते ही कहेगा – ये लंबा टिकेगी!

अब खबर पर आ जाते हैं. खबर ये है की डॉली बिंद्रा ने बताया है कि वे भी #MeToo की शिकार हैं. अर्थात उनका भी यौन शोषण हुआ है. अपनेआप में ये खबर बहुत सनसनीखेज है लेकिन ये और भी सनसनी पैदा कर देती है जब डॉली आगे ये बताती हैं कि उनका ये यौन शोषण कराया है राधे माँ ने.

पूर्व तारिका और बिग बॉस से चर्चों में आई डॉली बिंद्रा खामोश थीं पिछले एक लम्बे आरसे से. बिग बॉस में उनके गुस्से और उनके द्वारा मचाये जाने वाले हंगामे ने उनको बिग बॉस की वैम्प नंबर वन बना डाला था. किन्तु बिग बॉस के बाद लम्बे समय तक खामोश रहने वाली इस अभिनेत्री किसी और को वैम्प नंबर वन बना डाला है. इस बार डॉली की मानें तो राधे माँ हैं वैम्प नंबर वन!

डॉली बिंद्रा ने मौसम की ठंडक से ठन्डे होते जा रहे चंडीगढ़ के माहौल को खासी गर्मी दे दी है. डॉली ने बोलै है कि चंडीगढ़ के एक पुलिस अफसर के घर पर राधे माँ के इशारे पर उनका यौन शोषण किया गया.

अपने आरोप से अब सिटी ब्यूटीफुल याने कि चंडीगढ़ की भांति ही मुंबई में रह रही राधे माँ की नींदें भी डॉली ने उड़ा दी हैं. राधे माँ को तो वैसे भी विवादों में रहने की आदत सी है किन्तु इस तरह के विवाद से उनका पहली बार पला पड़ेगा.

डॉली बिंद्रा ने भी अन्य ग्लिटराटी की भाँती ही अपनी व्यथा कथा ट्वीट के माध्यम से जग जाहिर की. अपने ट्वीट में उन्होंने कहा कि ये घटना सिर्फ तीन साल पुरानी है. उस साल याने कि 2015 में उन्हें एक बार चंडीगढ़ जाना पड़ा था जहां राधे मां और उनके भक्तों ने उन्हें वहां पंजाब पुलिस के एक आला अधिकारी के आवास पर यौन उत्पीड़न का शिकार बनाया था. ऐसा नहीं कि वे चुप बैठी थीं. उन्होंने इस पर आवाज़ उठाई थी पर उनकी किसी ने एक न सुनी और उत्पीड़क पर कोई कार्रवाई नहीं हुई.

आगे डॉली ने अपनी ट्वीट में गंभीर बात कही – ध्यान दें, ये मेरा निजी अनुभव है. हर कोई उस महिला की विश्वसनीयता पर शक कर रहा है, जो मी-टू के तहत यौन उत्पीड़न का अपना भयावह अनुभव लिख रही है. इसके साथ ही सवाल किया जा रहा है कि उसने तब क्यों नहीं बोला, अब क्यों बोल रही हैं? लोग ये समझने में असफल हो जाते हैं कि कैसे यौन उत्पीड़न की शिकार महिला गहरे अवसाद में चली जाती है.

डॉली ने अपनी पीड़ा व्यक्त करते हुए लिखा – न्याय न मिलने की सूरत में मैंने सीएम और पीएम को भी लिखा, लेकिन आज तक मेरी शिकायत अनसुनी ही है. धर्म के नाम पर दोषी आराम से पुलिस के संरक्षण से गैरकानूनी काम कर रहे हैं. जब मेरे साथ टल्ली बाबा और राधे मां का बेटा छेड़छाड़ करता है और वह महिला जिसे सब राधे माँ के नाम से जानते हैं सामने बैठ कर तालियां बजाते हैं तो आप अनुमान लगा लीजिये कि क्या हालत है!

(पारिजात त्रिपाठी)

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