अब भारत पर हुआ है Conversion का हमला

इस जिहादी काम पर लगे ये लोग अपने हिन्दू शिकार को धर्म-परिवर्तन कराने के लिये पैसों का लालच देते हैं और इस काम की फंडिग विदेशों से होती है..

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भारतवर्ष में धर्मांतरण के बढ़ते मामलों ने देश भर के कोने-कोने में सनसनी फैला दी है| हालांकि ऐसा तो कई वर्षों से होता आ रहा है, परन्तु अभी दो-तीन वर्षों में इस तरह के मामले बहुत सामने आ रहे हैं| उत्तर प्रदेश में हाल ही में हुए धर्म-परिवर्तन के रैकेट के खुलासे ने बहुत सारे सवाल खड़े कर दिये हैं, बहुत से पुराने केसों की फाईलें भी खुल गई हैं,जिनमें दिखाई देता है कि सही ढंग से तहकीकात न होने के कारण वे मामले रहस्य बन कर रह गये थे|

नाबालिग की गुमशुदगी और धर्मांतरण

हाल ही में नोएडा में रह रहे एक दंपति ने अपने पुत्र दर्श सक्सेना के लापता हो जाने की रिपोर्ट का खुलासा फिर से किया| उन्होंने मीडिया को बताया कि उनका नाबालिग पुत्र दर्श सक्सेना मई 2018 से घर से लापता है| घर वालों ने रिपोर्ट भी दर्ज कराई पर कुछ निष्कर्ष न निकला| अभी ये मुद्दा जंगल की आग की तरह फैल रहा है तो दर्श के माता-पिता को भी एक आशा की किरण नज़र आ रही है और उनको लगता है कि शायद उनके बेटे की भी कोई खबर मिल जाये|

संदिग्ध युवती से सम्पर्क 

सूत्रों के अनुसार दर्श  फेसबुक मैसेंजर पर किसी रज़िया नाम की युवती के सम्पर्क में था जो उसे इस्लाम-धर्म में अपना धर्मांतरण करने की बातें कहा करती थी और अजीबोगरीब निर्देश दिया करती थी| दर्श के बैग से इस्लामी किताबें और टोपियाँ भी बरामद हुई थीं, जिसे उसने दोस्त की बताकर बहाना बना दिया था| फिर एक दिन वो अचानक घर से बाहर गया तो आज तक वापस नही लौटा|

माँ ने दी जानकारी

दर्श सक्सेना की माँ ने बता या कि उनके बेटे का धर्मांतरण हुआ है. उनका ये भी आरोप है कि मुस्लिम धर्म से ताल्लुक रखने वाली महिला के साथ-साथ दर्श की फेसबुक मित्र-सूची में ज्यादातर मुस्लिम मित्र ही जुड़े थे| दर्श के अभिभावकों के अनुसार उनके पुत्र ने अपनी बहनों के जन्मदिवस पर फोन किया था| ट्रू कॉलर से  पता लगा कि ये नम्बर किसी रेहान अंसारी के नाम से है| उन्होंने ये भी बताया कि उनका बेटा बात करते वक्त बहुत रो रहा रहा था|

पुलिस तहकीकात का  खुलासा

सेंट्रल नोएडा के एसीपी अब्दुल कादिर ने इस केस के बारे में बताया कि दर्श की आयु उस वक्त 17 वर्ष की थी,जब  साल 2018 में फेज़  2 पुलिस-स्टेशन  में उसके अभिभावकों ने उसके गुमशुदगी  की रिपोर्ट दर्ज कराई  थी| उन्होंने ये जानकारी भी दी कि जांच-पड़ताल के दौरान उनको पता चला है कि फेसबुक अकाउंट में उसका नाम मोहम्मद रेहान अंसारी पाया गया है। फिलहाल इस आईडी को डीऐक्टिवेट कर दिया गया है और पुलिस इस मामले की गहरी  छानबीन में लग गई है।

धर्मांतरण के अन्य मामले

नोएडा के ही “डेफ सोसीयटी”(मूक-बधिर संस्था) पर भी अपने यहाँ के बच्चों के धर्म-परिवर्तन करवाने के आरोप लगे हैैं| पुलिस ने बताया है कि  यहाँ कई मूक-बधिर बच्चों का जबरन धर्म-परिवर्तन करवाया गया है| फाउंडर रूपा रोका ने खंडन किया और अपनी सफाई पेश करते हुए कहा है कि “पिछले 2-3 दिनों में जो हुआ है उससे हम सभी बहुत चिन्तित हैं। हमारे नि: स्वार्थ कार्य पर उंगलियाँ उठ रही हैं। हम एटीएस के साथ सहयोग कर रहे हैं और सभी छात्रों के विवरण हमने उन्हें उपलब्ध कराये है।”

मौलाना की गिरफ्तारी

अभी कुछ दिनों पहले ही एक धर्मांतरण के एक बड़े रैकेट का पर्दाफाश हुआ है ,जिसके तहत सबसे पहले मौलाना उमर गौतम जहांगीर की गिरफ्तार हुई है| एटीएस को पकड़े गये मौलाना का एक विडियो भी मिला है जिसमें ये मौलाना अपने भाषण में इस्लाम धर्म कबूल करने की बात बार-बार कह रहा है. मौलाना ये भी कहता दिखाई रहा है कि वह स्वयं इसी मकसद को अंजाम देने के लिये  18 बार इंग्लैंड, 4 बार अमेरिका और अफ्रीका सहित कई अन्य देशों में गया है।
एटीएस इस  मामले और वीडियो की पूरी छानबीन कर रही है और शुरुआती जाँच में उसे पता चला है कि इसी रैकेट के ज़रिये करीबन एक हजार लोगों को मुसलमान बनाया जा चुका है,जिसमें से 122 यूपी से है और 18  डेफ सोसायटी से हैं| इसके अतिरिक्त गोरखपूर में भी धर्म-परिवर्तन कराया गया है|
एटीएस ने मन्नू यादव उर्फ अब्दुल मन्नान, इरफान शेख और राहुल भोला को भी इसी धर्मांतरण के संगीन मामले में गिरफ्तार किया है| पुलिस का दावा है कि राहुल भोला जिसने स्वयं अपने घर वालों को धोखे में रखा और खुद धर्म परिवर्तन किया, उसके पश्चात उसने और सात मूक-बधिरो का धर्म-परिवर्तन किया| मन्नू यादव ने छह लोगों का धर्मांतरण किया और कानपुर के रहने वाले राहुल गुप्ता ने आदित्य गुप्ता का धर्मांतरण कराया|

पैसे मिलते हैं धर्मान्तरण कराने के

मौलाना उमर गौतम ने गिरफ्तारी के दौरान ये बताया कि वो मुफ्त में धर्मान्तरण नहीं करा रहे हैं, हर धर्म परिवर्तन कराने पर उनको उसकी कीमत दी जाती है| फिलहाल उत्तर प्रदेश एटीएस की टीम द्वारा आरोपियों के खाते फ्रीज कर दिये गये हैं और गहन जाँच-पड़ताल चल रही है| सूत्रों से ये भी जानकारी मिली है कि गिरफ्तारियाँ दिल्ली और हरियाणा से भी हुई हैं| ये लोगो अपने हिन्दू शिकार को धर्म-परिवर्तन कराने के लिये पैसों का लालच दिया करते हैं  और इस काम की फंडिग विदेशों से होती है|
धर्मांतरण के मामलों में दबोचे गये प्रत्येक आरोपियों की कॉल डिटेल, सोशल मीडिया एक्टिविटी और दूसरे सभी  डेटा के आठ महीने के सारे विवरण की पूरी पड़ताल की जायेगी|

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