Ghaziabad Double Murder: ”लाल क्वार्टर वाले अंकल-आन्टी ने मारा पापा मम्मी को” -घायल बच्ची ने किया खुुलासा

देश की क्राइम सिटी गाज़ियाबाद में फिर हुआ डबल मर्डर..लेकिन इस बार पुलिस ने दिखाई तत्परता और पकड़ लिया आरोपियों को बिना देर किये..

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गाजियाबाद जिले के मसूरी थाना इलाके से आई है ये दर्दनाक अपराध की खबर. यहाँ हुई एक लूट और हत्या के मामले का पुलिस ने राज़फाश कर दिया है. डबल मर्डर के आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है.

चट मामला पट पर्दाफ़ाश किया पुलिस ने

जहां एक तरफ इस डबल मर्डर ने क्षेत्र में सनसनी फैला दी थी वहीं पुलिस की त्वरित कार्यवाही ने लोगों का विश्वास जीत लिया है. इस हत्याकांड के मुख्य आरोपी सोनू को पकड़ने के लिए पुलिस को उससे मुठभेड़ करनी पड़ी जिसके बाद उसे गिरफ्तार करने में कामयाबी मिली. सोनू के साथ ही इस परिवार की रिश्तेदार महिला उमा भी अब पुलिस की गिरफ्त में है. सोनू से अभी पुलिस की पूछताछ जारी है.

आरोपियों ने कबूल किया जुर्म

पुलिस ने गिरफ्तार करके लाने के बाद थाने जब आरोपियों से सख्ती से पूछताछ की तो उन्होंने अपना जुर्म कबूल करने में देरी नहीं लगाईं. इस डबल मर्डर के आरोपियों के पास से लूटा हुआ सामान, नकदी और पिस्टल बरामद हुई है.

गोविंदपुरम में हुआ अपराध

गाजियाबाद जिले में हापुड़ रोड स्थित गोविंदपुरम से लगी हुई एक रिहाइशी कॉलोनी का नाम है सरस्वती विहार. सरस्वती विहार में ही शनिवार अर्थात कल 6 फरवरी की रात को हुई है यह अपराध की घटना. रात्रि लगभग नौ बजे हुई है ये दिल दहला देने वाली घटना जिसमें एक महिला और किशोरी की धारदार हथियार से हत्या कर दी गई. आरोपियों ने घर में मौजूद तीन बच्चों को भी मारने की कोशिश की जो गंभीर रूप से घायल अवस्था में अस्पताल में भर्ती हैं.

लोकमनी का परिवार है मामले के केन्द्र में

मामले के केन्द्र में वृंदावन मथुरा निवासी लोकमनी का परिवार है. लोकमनी निम्न-मध्यमवर्गीय परिवार से आते हैं जो चौपला बाजार में मंदिर के पास टिक्की का ठेला लगाते हैं. लोकमनी के दो बेटों में से एक उन्तीस वर्षीय बेटा महेश विवाहित है जबकि इक्कीस वर्षीय दूसरा बेटा राजकुमार अभी अविवाहित है. अभी तक लोकमनी का परिवार पीले क्वार्टर क्षेत्र में रहता था किन्तु दो माह पूर्व दिसंबर में सरस्वती विहार में घर ले लिया है.

घर में थे सिर्फ चार लोग

घटना के समय महेश की सत्ताइस वर्षीया पत्नी डॉली और तीन बच्चे गौरी (10), मीनाक्षी (7) व  रुद्र (5) घर में ही थे. उस समय घर में उनकी अंशु (16) भी मौजूद थी. पड़ोस में रहने वाली वंदना की बेटी अंशु महेश के बच्चों को ट्यूशन पढ़ाती थी. वंदना इस घटना की सबसे पहली गवाह है.

वन्दना ने बताया उसने क्या देखा

रात करीब नौ बजे जब वंदना दूध लेने के लिए घर से निकली तो उस वक्त बेटी अंशु महेश के बच्चों को ट्यूशन पढ़ा रही थी लेकिन जब वंदना लौट कर आई तो उसके घर में सन्नाटा पसरा हुआ था. चिंता होने पर वंदना ने आवाज दी लेकिन अंदर से कोई जवाब जवाब नहीं आया. वंदना जब घर के भीतर पहुंची तो सामान बिखरा पड़ा था और तीनों बच्चों के साथ उनकी बेटी अंशु और डॉली खून से लथपथ जमीन पर पड़ीं थीं.

अस्पताल में अंशु और डॉली मृत घोषित

खुनी मंजर देख कर वंदना ने चीख कर रोना शुरू कर दिया और वहां दौड़ कर आये पड़ोसियों ने पुलिस को सूचना दे दी गई जिसके बाद घायलों को अस्पलताल ले जाया गया. उपचार के दौरान अंशु और डॉली को मृत घोषित कर दिया गया वहीं दोनों घायल बच्चों की हालत गंभीर है.

घायल बच्ची के बयान से खुला मामला

अस्पताल में घायल बच्ची को जब होश आया तो उसने बताया कि पुलिस को बताया कि लाल क्वार्टर में रहने वाले अंकल और आंटी ने पहले हमको पीटा बाद में आंटी ने गोली मारी. पुलिस ने अविलम्ब कार्यवाही करते हुए आरोपियों की धरपकड़ कर ली.

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