Ayushman Khurana : एक क्यूट हीरो

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बॉलीवुड सितारों के फिल्मी सफर में आज बात करेगें.
एक ऐसे सितारे की जिसका कोई फिल्मी बैकग्राउंड नही था.  एक ऐसा अभिनेता जिसने अपनी मेहनत और लगन से आज एक ऐसा मुकाम हासिल किया है जिसका सपना बॉलीवुड की रंगीन दुनिया में कदम रखने वाला  हर न्यूकमर देखता है.
आयुष्मान खुराना जो किसी  परिचय का मोहताज नही. यूँ तो ये हर वर्ग  के दर्शकों  में लोकप्रिय हैं परन्तु ये एक ऐसे अभिनेता  हैं जो आज के दौर में युवा वर्ग की पहली पसंद  दिलों की धड़कन आयुष्मान का लुक ही नही उनका अंदाज़ भी सबसे जुदा है.   अभिनेता होने के साथ-साथ वे एक अच्छे लेखक, कवि और गायक और टी वी होस्ट भी हैं.  सर्वप्रथम हम उनके प्रारंभिक  जीवन के बारे में बात करेगें.

प्रारंभिक जीवन 

आयुष्मान खुराना चंडीगढ़ में जन्मे और पले-बढ़े हैं.  इनका परिवार आज भी वहीं रहता है. उनके पिता प्रसिद्ध ज्योतिषी, अंक विशेषज्ञ तथा राजनीतिज्ञ हैं और माताजी ने हिंदी में एम ए किया है. वे एक कुशल गृहणी हैं. आयुष्मान के एक  बड़े भाई भी हैं जिनका नाम अपारशक्ति है. अभी वे रेडियो मिर्च एफएम में रेडियो डंकी हैं.  बचपन में आयुष्मान  का नाम निशांत  हुआ  करता था जिसे बदल कर आयुष्मान  नाम रखा गया था.
कहते हैं “पूत के पग पालने ही दिखते हैं.”  पाँच वर्ष की आयु से ही गंभीर थिएटर करने वाले  आयुष्मान  डीएवी कॉलेज के “आगाज़” और “मनःतंत्र” के संस्थापक सदस्य थे. ये दोनों ही चंडीगढ़ में सक्रिय और लोकप्रिय थिएटर है.  इन्होंने कई नाटकों में अभिनय किया और नेशनल कॉलेज फेस्टिवल जैसे IIT, Bombay, ओएसिस(Birla Institute Of Technology And Science, Pilani) और सेंट बेड्स शिमला में पुरस्कार जीता. उन्होंने धर्मवीर भारती के “अंध युग” में अश्वत्थामा की भूमिका में शानदार अभिनय किया जिसके लिये सर्वश्रेष्ठ अभिनेता का अवार्ड जीता. आयुष्मान खुराना को साल 2017 में राजीव मसंद द्वारा आयोजित गोलमेज सम्मेलन में आमंत्रित किया गया था,

शिक्षा-दीक्षा

सेंट जाॅन हाई स्कूल से पढ़ाई करने के बाद आयुष्मान  ने डीएवी काॅलेज, चंडीगढ़ में दाखिला लिया. फिर उन्होंने अंग्रेजी साहित्य की  मेजर में पढ़ाई की और इसके बाद  पंजाब  यूनिवर्सिटी  के स्कूल आॅफ कम्युनिकेशन स्टडीज  से मॉस एंड कम्यूनिकेशन में मॉस्टर्स (परास्नातक )की डिग्री ली.

वैवाहिक जीवन

आयुष्मान खुराना को अपनी बचपन की दोस्त ताहिरा खान से प्रेम था और उन्होंने उसी से विवाह किया जिनसे उनके दो बच्चे भी हैं  विराजवीर (जन्म 2 जनवरी 2012)है और वरूष्का (जन्म 21 अप्रैल 2014)

टेलिवीज़न से फिल्मों तक का सफर

वर्ष 2004 में MTV के मशहूर शो ‘रोडीज 2’ से अपने करियर की शुरुआत करने वाले आयुष्मान खुराना इस शो के विजेता रहे. वे एंकर बन गये और फिर बतौर रेडियो जाॅकी उन्होंने बिगFM दिल्ली में काम किया तथा सफलता  की सीढ़ियाँ  वे एक-एक करके चढ़ते गये.  रेडियो के बाद आयुष्मान वीडियो जाॅकी बने और उन्होंने कई शोज की एंकरिंग भी की.  सर्वप्रथम उन्हें शूजीत सरकार की फिल्म ‘विकी डोनर’ में ब्रेक मिला जिसमें बतौर नायक उन्होंने अभिनय किया. इस फिल्म का विषय भी ऐसा है(शुक्राणु दाता) कि यह फिल्म चर्चा का विषय रही तथा फिल्म हिट भी रही.  सर्वश्रेष्ठ पुरूष पदार्पण के लिये फिल्मफेयर अवॉर्ड आयुष्मान खुराना को इसी फिल्म के लिये मिला.
 तत्पश्चात  व्यावसायिक तौर पर सफल  रही फिल्म  “दम लगा के हईशा” (2015) ,हास्य फिल्म “बरेली की बर्फी(2017), शुभ मंगल सावधान (2017), बधाई  हो(2018), अंधाधुंन(2018); और नाटक आर्टिकल 15 (2019) में काम किया. ये भी बता दें कि  अंधधुन वर्ष 2018 की सबसे ज्यादा कमाई करने वाली भारतीय फिल्मों में से एक थी. अंधाधुन ने 4.56 अरब रुपये (US $ 66 मिलियन)का विश्व भर में कारोबार किया. उनके एक अंधे पियानो वादक के रूप में अभिनय  को काफी सराहा गया और सर्वश्रेष्ठ अभिनेता के लिए राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार तथा सर्वश्रेष्ठ अभिनेता हेतु फिल्मफेयर क्रिटिक्स पुरस्कार प्राप्त हुआ. इसी वर्ष उन्होंने निर्देशक अमित शर्मा की कॉमेडी फिल्म “बधाई हो”  में अभिनय प्रदर्शन किया,जिसमें एक ऐसे युवा का किरदार निभाया जिसके अधेड़ उम्र के माता-पिता फिर उम्मीद से होते हैं. उनकी इस समझ और चुनाव की प्रशंसा करनी होगी कि उन्होंने फिल्मों में अभिनय  के लिये ऐसे रेयर और आम भी जैसे विषय और चरित्र चुने.  साथ ही साथ  अपने अभिनय की बारिकियों को प्रदर्शन में लगा उस भूमिका  को जीवंत  किया जो सराहनीय है. उनकी एक और फिल्म “एक स्लीपर” हिट ने विश्व स्तर पर 2.21अरब रुपये (यूएस $ 32 मिलियन) का बिजनेस किया.  अंधाधुन फिल्म के लिए आयुष्मान खुराना को सर्वश्रेष्ठ अभिनेता का राष्ट्रीय फ़िल्म फेयर पुरस्कार, “उरी” फिल्म के लिए (विक्की कौशल के साथ) सर्वश्रेष्ठ अभिनेता – क्रिटिक्स फ़िल्मफ़ेयर पुरस्कार मिला.
2019 में  अनुभव सिन्हा की अपराधिक गतिविधियों पर  आधारित फिल्म “आर्टिकल 15” में अभिनय किया जिसमें वे एक पुलिस  अफसर की भूमिका में एक बलात्कार के मामले को सुलझाते हैं. 2014 का बदायूं सामूहिक बलात्कार काण्ड और 2016 का ऊना काण्ड भी इसमें शामिल था. जातिवाद के भेदभाव को दर्शाती यह फिल्म वास्तविक घटनाओं पर आधारित  होने के कारण दर्शकोॉ द्वारा  बेहद सराही गई.
अभिनय करने के अलावा आयुष्मान  एक अच्छे  स्तर के गायक भी हैं. स्वयं अभिनीत कई फ़िल्मों में उन्होंने पार्श्वगायन किया हैं  जिसमें “पानी दा रंग” गीत अत्यधिक  लोकप्रिय  हुआ.  बच्चे, बूढ़े,  युवा वर्ग हर किसी के होंठों पर  ये गीत रच बस गया. सर्वश्रेष्ठ पुरुष पार्श्वगायक का फिल्मफेयर अवार्ड उन्हें इस गीत के लिये दिया गया.
उनकी आगामी आने वाली फिल्मों में “डॉक्टर जी” प्रमुख है.  यूँ तो उनके द्वारा अभिनीत फिल्मों के किरदार बेहद अलग रहे हैं किसी में पुरूष रूप में रामायण की सीता, किसी में शुक्राणु दाता तो किसी में समलैंगिकता वाले रोल निभा कर अपने प्रभावी अभिनय की छाप छोड़ी.

कुछ फैक्ट्स आयुष्मान के बारे में

*क्या आप ये जानते हैं कि 4 वर्ष की आयु में  “तेजाब” फिल्म में माधुरी दीक्षित को देखने के बाद आयुष्मान ने ये निर्णय लिया था कि वे एक एक्टर होगें.  अपने परिवार और दोस्तों में अभिनेता बनने की इच्छा  ज़ाहिर  करने पर उनका मज़ाक उड़ाया गया.
*संघर्ष के दिनों में आयुष्मान ने कुछ ऑडिशन दिए जिसमें उनका रिजेक्शन इसलिये कर दिया गया क्योंकि  उनका उच्चारण पंजाबी और उनकी भौहें बहुत मोटी हैं.
*पत्रकारिता परीक्षा के अंतिम वर्ष में खुराना ने अपना पोर्टफोलियो करवा कर एक व्यक्ति को दे दिया था. ये वही व्यक्ति था जिसने उनसे रेडियो में काम करने के लिए कहा था . आयुष्मान को इस प्रकार बतौर एक आरजे और  एमटीवी में बतौर विजय के रूप में कार्य करने का अवसर मिला.
*वर्ष 2007 में उन्हें “Young Achiever Award” से सम्मानित किया  2007 से 2012 तक का उनका बॉलीवुड में सफर बेहद  संघर्षपूर्ण रहा और अंत में 2012 में उन्हें “विक्की डोनर” फिल्म  मिली जो सुपरहिट रही.
आपको  जानकर  हैरानी होगी कि अपने संघर्ष  के दिनों में उन्होंने शुक्राणु डोनेट किये थे.
एक अच्छे लेखक व कवि भी हैं आयुष्मान और हिंदी में सुंदर कविताएँ भी लिखते हैं . साथ ही साथ एक Bloger भी है.
साल 2015 में, उनकी आत्मकथात्मक  “Cracking the Code – My Journey To Bollywood” प्रकाशित हुई .  जिसमें उनके संघर्ष  और सफलता के वो दौर बयाँ है जिससे हर युवा को मार्ग-दर्शन मिल सकता है.आयुषमान खुराना युवा वर्ग के लिये एक प्रकाश-स्तम्भ है जो “जहाँ चाह वहाँ राह” की प्रेरणा देता है.
एक ही इंसान में कई खूबियों का समन्वय है आयुष्मान खुराना.  बहुमुखी प्रतिभा के धनी और एक अच्छे अभिनेता के रूप में आयुष्मान खुराना के अभिनय ने दर्शकों के हृदय में अपना अलग स्थान बनाया है, जो वर्षों तक बरकरार रहेगा.

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