अमृसर में दर्दनाक रेल हादसा – 5 सेकंड में चली गईं 50 से अधिक लोगों की जान

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(19,अक्टूबर,2018/अमृतसर)
अमृतसर में रावण दहन देख रहे लोगों के साथ एक बड़ा हादसा हो गया.
ट्रेन की पटरियों के पास रावण का पुतला जलाया जा रहा था.
मजबूरन सैकड़ों लोग रेल की पटरियों पर भी खड़े हो कर दशहरा देख रहे थे.
उसी समय तेज रफ़्तार से आ गई ट्रेन लोगों को कुचलती हुई निकल गई.
बताया जा रहा है कि ट्रेन के गुजरते ही घटनास्थल पर लाशों के ढेर लग गए.
पुलिस, फायर ब्रिगेड, स्थानीय प्रशासन घटना स्थल पर पहुंच गई हैं.
वहीं मौजूद पुलिसकर्मियों का के अनुसार 50 से ज्यादा लोग मारे गए हैं.
जानकारी के अनुसार दुर्घटना उस समय हुई जब लोग अमृतसर के धोबी घाट के पास चौड़ा बाजार में रेलवे ट्रैक पर रावण दहन देख रहे थे.
प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि ट्रेन की रफ्तार काफी तेज थी और लोग उसकी चपेट में आने से बच नहीं पाए.
घटनास्थल पर मौजूद लोग बताते हैं कि दुर्घटना जिस समय हुई यहां नवजोत कौर सिद्धू भी मौजूद थीं.
घटना के तुरंत बाद नवजोत सिंह सिद्धू वहां से भाग निकलीं.
उन्होंने किसी भी तरह से हादसे के शिकार लोगों की मदद के बारे में सोचा भी नहीं.
बताया जा रहा है कि पंजाब सरकार के मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू की पत्नी वहां भाषण देने में व्यस्त थीं.
स्टेशन से निकली जलंधर एक्सप्रेस मौत के इस दर्दनाक मंजर की वजह बनी है.
बताया जा रहा है कि बरसों से यहां रेल पटरियों के करीब रावण दहन होता रहा है.
हमेशा से ही अमृतसर के लोग इसे रोकने की मांग भी करते रहे हैं.
किन्तु प्रशासन के कान में जूँ नहीं रेंगी. इस दर्दनाक हादसे के बाद स्थानीय लोगों में बहुत गुस्सा है.
साफ़ तौर पर पुलिस की लापरवाही इस हादसे की जिम्मेदार है.
रावण दहन के स्थान पर तैनात पुलिस बल ने लोगों को ट्रेन की पटरियों से हटाने की जरूरत नहीं समझी.
लोगों का कहना है कि ट्रैन का हार्न भी नहीं बजा था और इससे पहले कि लोग कुछ समझ पाते ट्रैन उनको रोंदते हुए निकल गई.
प्रधानमन्त्री मोदी ने घटना की जानकारी मिलते ही घटना पर शोक व्यक्त किया है.
वहीं पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने मृतकों के परिवार के लिए पांच-पांच लाख के मुआवजे की घोषणा की है.
रिपोर्ट्स के अनुसार रेलवे ट्रैक के नजदीक दशहरे के मौके पर रावण दहन का कार्यक्रम देख रहे लोग हज़ारों की संख्या में वहां मौजूद थे.
अचानक वहां पटाखों की आवाज की वजह से देखने वालों में भगदड़ मच गई.
उसी समय तूफानी गति से आ रही ट्रेन की आवाज उनको सुनाई नहीं दी. और देखते ही देखते कई लोग अचानक ट्रेन की चपेट में आ गए.
नवजोत सिंह सिद्धू, जो कि अमृतसर (ईस्ट) से सांसद भी हैं, ने फोन पर बताया कि वे सुबह तक अमृतसर पहुँच जाएँगे.
रेल राज्यमंत्री और चेयरमैन, रेलवे बोर्ड घटनास्थल पर पहुँच रहे हैं.
श्रीमती नवजोत कौर सिद्धू के विषय में पूछने पर उन्होंने कहा कि उनकी अपनी पत्नी से बात नहीं हो सकी है.
स्थानीय लोगों में प्रशासन के खिलाफ अत्यंत रोष है. उनका मानना है कि 100 लोगों से ज्यादा लोग मारे गए हैं.
नवजोत कौर सिद्धू ने बाद में अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ लिया और कहा कि हमने ट्रैन लोगों पर नहीं चढ़ाई, इस घटना पर राजनीति करने वालों को शर्म आनी चाहिए.
नवजोत कौर सिद्धू ने कहा कि वे घटनास्थल से भागी नहीं हैं.उनके जाने के पंद्रह मिनट्स बाद ये हादसा हुआ है.
उन्होंने कहा कि हादसे का जिम्मेदार रेल प्रशासन ही है.
वहीं दूसरी तरह घटनास्थल पर मौजूद लोग अपने हताहत परिजनों को ढूंढ पाने में नाकाम हो रहे हैं क्योंकि क्षतविक्षत शव पहचान में नहीं आ पा रहे हैं.
प्रत्यक्षदर्शियों ने प्रशासन की इस लापरवाही को बहुत बड़े सामूहिक हत्याकांड की संज्ञा दी है.
अभी मारे गये लोगों की न गिनती हो सकी है न ही पहचान हो सकी है, लेकिन न जाने कितने परिवार वालों के लिये मातम बन गई है आज की रात!!
देश में आज की रात कोई त्यौहार नहीं है, किसी पर्व की उत्तेजना और उत्साह अब शेष नहीं रहाी
आज दशहरे की तरह जाने कितने लोगों की दीवाली भी शोक संतप्त हो चुकी है.
न्यूज़ इंडिया ग्लोबल दुर्घटना में मारे गए लोगों के परिवारजनों के इस भीषण दुःख में पूर्ण हार्दिक संवेदना सहित उनके साथ है.

(पारिजात त्रिपाठी)

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