किसने कर रखा है महिला क्रिकेट को उपेक्षित?

0
722

आखिर क्यों उपेक्षित है महिला क्रिकेट? यह प्रश्न पूछा है मिताली राज ने, जो भारतीय महिला क्रिकेट टीम की पूर्व कप्तान रही हैं.

यह मिताली राज नहीं हम भी कह रहे हैं. और ये हम ही नहीं सारी दुनिया कह रही है कि महिला क्रिकेट उपेक्षा का शिकार है. बताइये कितने लोगों को पता है कि आज 9 नवंबर, 2018 से टी ट्वेन्टी वर्ल्ड कप शुरू हो रहा है महिला क्रिकेट का? कितने खेल प्रेमियों या क्रिकेट प्रेमियों को पता है कि इस वर्ल्ड कप का पहला मैच हमारी टीम खेलने वाली है न्यूज़ीलैन्ड से? प्रश्न यह है कि किसने कर रखा है महिला क्रिकेट को उपेक्षित?

एक रिपोर्ट के अनुसार देश के एक बड़े वर्ग को अब भी नहीं पता कि भारत में महिला क्रिकेट टीम भी है. यह सत्य और भी दुखद हो जाता है जब इसमें यह तथ्य जुड़ जाता है कि हमारी महिला क्रिकेट टीम विश्व की उपविजेता टीम है. पिछले वर्ष इंग्लैन्ड में हुए विश्वकप 2017 में भारतीय टीम उपविजेता रही थी. यही नहीं हमारी फीमेल टीम इंडिया दो दो बार विश्व की उपविजेता टीम रही है. वऩडे क्रिकेट में 2017 के पूर्व 2005 में हमारी टीम उपविजेता रही थी. साथ ही यह भी एक अहम उपलब्धि है कि आज महिला क्रिकेट खेलने वाले विश्व के अठारह देशों में टीम इंडिया दूसरे स्थान पर है.

किन्तु इतने सबके बाद भी हमारे देश में ही महिला क्रिकेट के मैदानों में दर्शक नहीं होते. हमारी महिला क्रिकेट टीम देश में खेले या विदेश में, भारतीय टेलीविज़न चैनलों की बेतहाशा भीड़ में से भी कोई चैनल उनके मैच के कवरेज की जहमत नहीं उठाता.

ऐसा नहीं है कि मीडिया महिला क्रिकेट को सपोर्ट करे तो उसे दर्शक नहीं मिलेंगे. लेकिन मीडिया ने ही सबसे ज्यादा महिला क्रिकेट की उपेक्षा की है. ऐसा भी नहीं है कि महिला क्रिकेट दिखाने से उसे विज्ञापन नहीं मिलेंगे या टीआरपी कम हो जाएगी. फिर भी मीडिया महिला क्रिकेट को महत्वहीन मानता है. पर सच तो ये है कि यदि आप महिला क्रिकेट दिखाएँगे तो लोग देखेंगे..या कहें कि तभी तो लोग देखेंगे. जब आप दिखाएंगे ही नहीं तो कोई कैसे देखेगा और कैसे आपको विज्ञापन या टीआरपी मिलेगा?

किन्तु यह समस्या सोच की भी है. मीडिया भी पुरुषवादी सोच का शिकार है. महिलाओं से सम्बंधित न्यूज़ और प्रोग्रैम्स की सदा ही अनदेखी की जाती है. ज्यादातर महिलाओं से जुड़े हुए वही समाचार सामने आते हैं जो अत्यंत महत्वपूर्ण होते हैं, जबकि महिला क्रिकेट तो अब सामान्य की श्रेणी से ऊपर आ चुका है. पूरी दुनिया में महिला क्रिकेट खेला जा रहा है और इसके विश्व कप टूर्नामेंट्स भी बाकायदा आयोजित किये जाते हैं. फिर ऐसा क्यों है कि महिला क्रिकेट से जुड़े समाचार तक आपको टेलीविज़न न्यूज़ में नहीं नज़र आते. अखबारों में भी बहुत कम स्थान दिया जाता है और ज्यादातर तो उपेक्षा ही की जाती है, ऐसा क्यों?

क्या मीडिया निर्णय करेगा कि दर्शकों को क्या देखना है? या हम निर्णय करेंगे कि हमें क्या देखना है? स्पष्ट है कि मीडिया की मनमानी सिर्फ इसलिए चल रहे हैं क्योंकि हम मूक साक्षी बन चुके हैं जैसा कि अधिकांशतः हम राजनीति में भी देखते हैं. हमारी कोई स्पष्ट सोच नहीं है, हम धारा में बहते हैं, जैसा चल रहा है उसके हिस्सा बने रहने की आदत हो गई है हमें. और यदि आपको जागृत किया भी जाए कि आप ही निर्णय करेंगे कि देश में कौन राज करेगा या टीवी पर क्या चलेगा – तो भी हम प्रमाद अर्थात आलस्य के भारी शिकार हो जाते हैं. हम रोज़ी रोटी और आराम इन तीन चीज़ों से बाहर नहीं आना पसंद करते.

दुःख इस बात का है कि महिलाओं का T20 विश्व कप टूर्नामेंट आज 9 नवंबर, 2018 से शुरू हो रहा है और अभी तक लोगों को पता नहीं है. यह छठा T20 विश्व कप है जो कि वेस्ट इंडीज़ में खेला जा रहा है लेकिन कहीं कोई चर्चा नहीं. बेशर्म बिजिनेस माइंडेड मीडिया को कदापि इस की कोई परवाह नहीं है कि हमारी देश की महिला टीम भी यहां खेलने पहुंची है और आज 9 नवंबर 2018 को पहला मैच हमारी टीम इण्डिया ही खेलेगी नूज़ीलैण्ड से.

पर राष्ट्रप्रेम और राष्ट्रवाद की खिल्ली उड़ाने वाले भारतीय मीडिया ने इसकी कोई आवश्यकता नहीं समझी कि आठ सेकंड का एक स्लॉट देकर कोई सूचना ही चला दें ताकि कम से कम लोगों को पता तो चल सके कि हमारी राष्ट्रीय टीम खेल रही है और विश्व कप हो रहा है. भले ही आप विश्व कप कवर न कर रहे हों, जिसकी कोई संभावना भी नहीं, कम से कम इतना तो राष्ट्रीय कर्तव्य बनता है कि आप राष्ट्र को सूचित करें कि हमारी टीम विश्व प्रतियोगिता में भाग ले रही है. मीडिया को सिर्फ कमाई से ही मतलब है, राष्ट्र से उसका कोई और स्वार्थ का संबन्ध नहीं है. अपने अधिकारों की बेशर्म मांग करता है मीडिया किन्तु अपने कर्तव्यों के लिये अंधा लूला और लंगड़ा बना बैठा है. अब समय आ गया है कि भारत की राष्ट्रवादी सरकार मीडिया के ये निर्लज्ज चलित्तर पर लगाम लगाये.

स्टार स्पोर्ट्स पर आप सभी देख सकते हैं T20 वर्ल्ड कप आज रात साढ़े आठ बजे से.

(पारिजात त्रिपाठी)

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here