अरे भई!!
क्यों इतना सिर खपा रहे हैं?
जब यह मान ही लिया है कि आरओ का पानी लाभदायक है, अंडा प्रोटीन का अच्छा स्रोत है, घी खाने से हार्ट अटैक आता है, जीन्स पहनने से सुंदर दिखते हैं, कोल्ड ड्रिंक प्यास बुझाता है, तो …… यह भी मान लो न!

जब यह मान ही रहे हैं कि मनुष्य के पूर्वज बंदर थे, कच्चा मांस खाते थे, यूरोप ने दुनिया को सभ्य किया, ईसा मसीह ने प्रेम का मार्ग बताया, इस्लाम ने दुनिया में अमन कायम किया, कम्युनिस्ट पार्टी गरीबों को न्याय दिलाती है, …… तो यह भी मान लो न!!

जब यह भी मान लिया कि हमारा इतिहास पराजय का है, दलितों पर 3000 साल अत्याचार हुए, ब्राह्मणों ने अपने स्वार्थ के लिए ग्रन्थ लिखे, क्षत्रिय अपने लिए लड़ मरे तो मरे, अकबर महान था, जौहर की बजाय रखैल बनना प्रगतिशीलता है, नेहरू ने आधुनिक भारत बनाया और कांग्रेस ने आजादी दिलाई,……. तो यह भी मान लो न!!!

जब यह भी मान लिया है कि आतंकवाद का कोई मजहब नहीं होता, सेक्युलर बनना देश के हित में है, वामपंथियों की ऐसी तैसी करना असहिष्णुता है, इस पर बात करना अश्लीलता है, टीवी चैनल निष्पक्ष न्यूज देते हैं, अखबार के विज्ञापन सही होते हैं, जातिवादी समाज सेवक होते हैं, कॉलेज में बच्चों का नॉलेज बढ़ता है, इंग्लिश मीडियम से नौकरी लगती है, विज्ञान पढ़कर बच्चे का विकास होता है,…. तो यह भी मान लो न!!!!

जब मान ही लिया है कि ढोलक बजा कर फिल्मी धुन गाना भजन है, मंच पर मटकना सांस्कृतिक कार्यक्रम है, सन्नी लियोन अच्छा अभिनय करती है, जोधा अकबर देख कर मनोरंजन होता है, लव जिहाद नहीं बढ़ता, राहुल गांधी जो बोलता है उसे भाषण कहते है, केजरीवाल नेता हैं, हनी सिंह गायक है, गोबर गन्दा है और साबुन से सफाई होती है, तो……. यह भी मान लो न!!!!!

जब इतना सब मान ही रहे हो तो गाँधीजी ने क्या बिगाड़ा है???
मान लो कि महात्मा गांधी की हत्या करने वाला गोडसे देशभक्त नहीं है!!!

(केसरी सिंह सूर्यवंशी)

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