नास्त्रेदमस की भविष्यवाणी के नायक कहीं मोदी तो नहीं !!

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मोदी के आग़ाज़ से 450 वर्ष पहले की है ये भविष्यवाणी, शायद नास्त्रेदमस की बात सच हुई!

450 वर्ष पूर्व अगर कोई अगर ये कह दे की भारत में 2014 के बाद एक ऐसे व्यक्ति का उदय होगा जो अपनी लोकप्रियता में दुनिया भर में पहचाना जाएगा तो शायद कोई ही इस बात पर यक़ीन करे। पर बात सच है और इस प्रमाण भी अब हमारे सामने है।

हम बात कर रहें हैं नास्त्रेदमस की जिनकी की गयी लगभग सभी भविष्यवाणियाँ अब तक सच साबित हुई है। वो चाहे अमेरिका पर हुए अट्टैक की बात हो या डायना की मौत का,हिटलर के उदय की या गल्फ़वार की। राजीव गांधी की हत्या की हो या पोप के जाने की ये सभी भविष्यवाणियाँ नास्त्रेदमस ने की और समय के साथ सच भी साबित हुई।

450 वर्ष पूर्व अगर कोई अगर ये कह दे की भारत में 2014 के बाद एक ऐसे व्यक्ति का उदय होगा जो अपनी लोकप्रियता में दुनिया भर में पहचाना जाएगा तो शायद कोई ही इस बात पर यक़ीन करे। पर बात सच है और इस प्रमाण भी अब हामर सामने है। हम बात कर रहें हैं नास्त्रेदमस की जिनकी की गयी लगभग सभी भविष्यवाणियाँ अब तक सच साबित हुई है। वो चाहे अमेरिका पर हुए अट्टैक की बात हो या डायना की मौत का,हिटलर के उदय की या गल्फ़वार की। राजीव गांधी की हत्या की हो या पोप के जाने की ये सभी भविष्यवाणियाँ नास्त्रेदमस ने की और समय के साथ सच भी साबित हुई।

और अब उनकी एक और बात सच साबित हो गयी है मोदी के उदय की।नास्त्रेदमस लिखते हैं कि ‘तीन ओर से घिरे समुद्र क्षेत्र में वह व्यक्ति जन्म लेगा, जो गुरुवार को अपना अवकाश दिवस घोषित करेगा। उसकी प्रसंशा और प्रसिद्धि, सत्ता और शक्ति बढ़ती जाएगी और भूमि व समुद्र में उस जैसा शक्तिशाली कोई न होगा।’ (सेंचुरी 1-50वां सूत्र)

तीन ओर समुद्र से तो भारत ही घिरा हुआ है। भारत में गुरुवार एक ऐसा दिन है जिसे सभी धर्म के लोग समान रूप से मानते हैं। भारत में पहले भी राम, कृष्ण, बुद्ध, महावीर, चाणक्य आदि महापुरुषों का जन्म हो चुका हैं, जिन्होंने तत्कालीन समाज को काफी प्रभावित किया था।

पांच नदियों के प्रख्‍यात द्वीप राष्ट्र में एक महान राजनेता का उदय होगा। इस राजनेता का नाम ‘वरण’ या ‘शरण’ होगा। वह एक शत्रु के उन्माद को (पुलवामा) हवा के ‍जरिए समाप्त करेगा और इस कार्रवाई में कई लोग मारे जाएंगे।’ (सेंचुरी v-27)नास्त्रेदमस अंग्रेज़ी के अक्षर ‘V’ का ज़िक्र करतें हैं और कहते हैं की वो वरण होगा या शरण।

अब अगर हम अंग्रेज़ी के दो अक्षरों ‘M’ और ‘N’ को भी ध्यान में लगाए तो दोनो को आक्रति में v विधमान है। तो ये तो पक्का है की ये नास्त्रेदमस ने जो लिखा वो मोदी के लिए ही लकिहा क्योंकि पिछले लगभग सौ सालों में भारत में इतना शक्तिशाली व्यक्तिव का आदमी शायद ही कोई हुआ है।

नास्त्रेदमस आगे लिखते हैं की ‘भारत में वह होगा जो दुनिया में नहीं होगा। एक गरीब घर में पैदा होगा दुनिया का मुक्तिदाता और पहले सब लोग उससे नफरत करेंगे लेकिन बाद में सभी उससे प्यार करेंगे। उनका नाम होगा….।”

नास्त्रेदमस की इस बात में भी दम की मोदी ग़रीब घर में पैदा हुए हैं और जितनी नफ़रत लोग करते धे वो अब प्यार में बदल गयी।और उनका नाम दुनिया भर में लोग अब भारत की शक्ति के रूप में ले रहे हैं। हालांकि ज्यादातर लोगों का मानना है कि दुनिया का ‘मुक्तिदाता’ भारत में ही जन्म लेगा। कहीं ऐसा तो नहीं कि उस ‘महापुरुष’ ने जन्म ले लिया हो और वह राजनीति में सक्रिय भी हो। अपने समकालीन तो मोदी जी ही इस सभी तथ्यों पर खरे उतरते हैं जिनको देश ही नहीं विदेशों में भी लोग मानते हैं।

(इन्दिरा राय)

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