पाँच कश्मीरी नेता और पाकिस्तान अब मोस्ट फेवर्ड नहीं रहे

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देर से ही सही पाकिस्तान का MFN स्टेटस ख़तम करने के बाद दूसरा बड़ा कदम 5 राष्ट्रघातियों की सुरक्षा और अन्य सुविधायें ख़तम की गईं..

23 साल पहले पाकिस्तान को दिए गए MFN का स्टेटस ख़तम करने के बाद दूसरा बड़ा कदम सरकार ने उठाया है जिससे सरकारी पैसे पर पलने वाले  पाकिस्तानी दलाल सकते में आ जायेंगे —
कश्मीर के 5 राष्ट्रघातियों की सुरक्षा और सरकार से मिलने वाली सभी सुविधायें मोदी सरकार ने जम्मू कश्मीर प्रशासन के आदेश के जरिये वापस ले ली हैं – ये राष्ट्रद्रोही हैं -मिवाइज़ उमर फारूक, बिलाल लोन, शबीर शाह, अब्दुल गनी बट और हाशिम कुरैशी.

अब ये हुर्रियत के नेता कह रहे हैं कि उन्होंने कभी सुरक्षा मांगी ही नहीं और वो सरकार से कहते रहते थे कि सुरक्षा हटा लीजिये –हमें सुरक्षा की कोई जरूरत नहीं है.

बात ठीक है, आपको सुरक्षा की क्या जरूरत है जब आपके आतंकी मित्र हैं सुरक्षा के लिए. फिर अब्दुल्ला पिता-पुत्र क्यों कह रहे हैं कि कश्मीर के मुसलमानों की सुरक्षा होनी चाहिए? क्या ये अलगाववादी कश्मीर के मुस्लिम नहीं हैं ? मुफ्त की सुरक्षा के साथ मुफ्त की हवाई यात्रायें और मुफ्त में होटलों में रहना किसे बुरा लगता है. अब्दुल्ला पिता-पुत्र पहले ये बताएं कि ये कश्मीरी मुसलमान कितनी रक्षा करते हैं गैर मुसलमानों की कश्मीर में?

यदि शुद्ध भाषा में कहें तो बकवास करते हैं आज ये हुर्रियत के नेता. -ये कश्मीर के युवाओं को आतंक में धकेलते रहे हैं और अपने बच्चों को विदेशों में रखते हैं. इनके जैसे राष्ट्रद्रोहियों को, अफ़सोस की बात है कश्मीर के लोग पहचान नहीं सके.

अभी सईद अली शाह गिलानी का नाम नहीं है उन गद्दारों में जिनकी सुरक्षा हटाई गई है. उसके खिलाफ भी यही कदम उठाया जाना चाहिए क्यूंकि वो कश्मीर में सबसे बड़ा पाकिस्तानी आतंकी बदमाश है जो पाकिस्तान जिंदाबाद के नारे खुल कर लगवाता है. जीवे जीवे पाकिस्तान – मेरी जान,मेरी जान, पाकिस्तान पाकिस्तान !!

इन सबके अलावा अब भारत सरकार को चाहिये कि वह पाकिस्तान को “आतंकी देश” घोषित कर दे और इन सभी अलगाववादी नेताओं की नागरिकता रद्द करके इन्हे देश से बाहर कर दे ताकि कश्मीर में अमन चैन कायम हो.

सुभाष चन्द्र 

(17/फरवरी/2019)

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