फ़ोन पर बात कैसे करें

तकरीबन नब्बे प्रतिशत लोगों का इस बात पर कभी ध्यान नहीं जाता कि फ़ोन पर बात करने का एक तरीका भी हो सकता है..

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मुझे विश्वास है कि बहुत से ऐसे काम हम दिन में करते हैं, रोज़ करते हैं और कई-कई बार करते हैं जिनको करने का असली अर्थात सही तरीका हम से ज्यादातर लोगों को नहीं पता होता. और चूंकि करने का सही तरीका हम नहीं जानते इसलिये ऐसा करने के फायदे भी हमें पता नहीं होते. एक काम हम बहुत करते हैं और कई लोग तो दिन भर करते रहते हैं और वह है फोन पर बात करना.

लेकिन क्या सभी लोग बता सकते हैं कि फोन पर बात कैसे की जाती है या सही तरीका क्या है फोन पर बात करने का?

सबसे पहले तो आप ध्यान रखिये कि ज़रूरी नहीं कि हर बार फ़ोन उठाने पर आप हेलो ही बोलेन. इसके बदले में आप कुछ और भी बोल सकते हैं जो बेहतर होगा और मोनोटोनी को तोड़ेगा. आप फोन रिसीव करने पर हाय कह सकते हैं या जी कह सकते हैं या नमस्कार कह सकते हैं. यदि आप धार्मिक हैं तो अपने भगवान् का नाम ले कर बातचीत की शुरुआत कर सकते हैं. जैसे आप  फोन पिक करके कहें – जय श्री कृष्णा या कहिये जय राम जी की या कह सकते हैं हरि ॐ या यदि आप शंकर भगवान् के आप भक्त हैं तो कहिये जय भोले नाथ या जय शंकर या दुर्गा माँ के भक्त हैं आप तो कह सकते हैं जय माँ भवानी. यदि आपको लगता है कि मातृभूमि सर्वोपरि याने कि देश सबसे पहले है तो आप जय हिन्द या वन्दे मातरम कह सकते हैं.

खैर ये तो रही बात इस बात की कि फोन पिक करने पर क्या कहना है या किसी को फ़ोन करें तो सबसे पहले क्या कहें. दोनों ही स्थितियों में आप ऊपर बताये गए शब्दों से बातचीत की शुरुआत कर सकते हैं. अब इसके बाद दूसरी और भी अधिक महत्वपूर्ण बात ये है कि आप जब बात करें तो ध्यान रखें आपका स्वर नीचा हो. आप धीमे धीमे बात करें, ज़ोर ज़ोर से नहीं. इसमें आपके सुसंस्कृत होने का परिचय भी मिलता है और साथ ही आपकी बात लोग सुन भी नहीं सकेंगे. आप अपनी पूरी प्राइवेसी मैंटेन कर सकते हैं.

अब जिस तरह से आप धीमे-धीमे बात कर रहे हैं उसी तरह से आप को धीरे-धीरे भी बात करनी है ताकि आपकी बात दूसरे सिरे पर अच्छी तरह समझ में आये.  इससे आपकी सभ्यता का परिचय भी मिलेगा और आप की बात भी अच्छी तरह से हो सकेगी. एक और गलती लगभग पंचानबे प्रतिशत लोग करते हैं वह ये है कि जब वे फ़ोन पर बात कर रहे होते हैं तो उनके हाँथ उनके मुँह का साथ दे रहे होते हैं अर्थात जो बात वे कह रहे होते हैं उनको अपने हांथों से भी बराबर से अभिव्यक्त कर रहे होते हैं जो अजीब सा लगता है. जिससे आप बात कर रहे हैं वह आपके सामने नहीं है इसलिए आपकी बॉडी लैंग्वेज वह नहीं देख सकता. आपको अपने शब्दों और अपनी वाणी के उतार-चढ़ाव के माध्यम से अपने भावों को अभिव्यक्त करना होगा, अपने हांथों के मूवमेंट के द्वारा नहीं.

एक अहम् बात आप लोगों को और ध्यान देना है कि समय दोनों तरफ ही बहुत अहम् मुद्दा है. जितना व्यस्त आप हैं उतना ही शायद दूसरी तरफ वाला व्यक्ति भी हो सकता है. इसलिए प्रयास रखें कि कम से कम शब्दों में अधिक से अधिक बात कहें और फ़ोन घंटों के बजाये मिनटों में निपट जाए. हाँ याद रखिये इसका बिलकुल विपरीत आपको तब करना है जब आप अपने परिवार के लोगों से या अपने प्रियजनों से फ़ोन पर बात कर रहे हैं. उस समय आपको बिलकुल जल्दी नहीं दिखानी है. आपकी जल्दी आपके हृदय में सामने वाले के लिए प्रेम और स्नेह की कमी ज़ाहिर करेगी. इसलिए अपने लोगों के साथ आराम से बात करें और यदि कोई मित्र या परिजन दुखी परेशान है तो उनको आप फ़ोन पर अधिकतम समय दें.

फोन पर आप ट्रू कॉलर अवश्य लगाएं ताकि आपको पता चल सके कि आप जिस व्यक्ति से बात कर रहे हैं वह कौन है. फिर भी कई बार निजी नंबर या अज्ञात नंबरों से फ़ोन आपको आ सकता है जिसकी जानकारी ट्रू कॉलर में नहीं होती है. इस स्थिति में यदि आप महिला हैं तो प्रयास रहे कि आप कम से कम बात करें. फ़ोन करने वाले का नाम सबसे पहले पूछें. जो व्यक्ति फ़ोन करता है यह उसकी ज़िम्मेदारी होती है कि वह अपना परिचय दे कर बात शुरू करे. आपको भी यही करना है कि जब भी किसी नए व्यक्ति से बात हो तो शुरुआत आप अपना परिचय दे कर करें और उसके बाद काम की बात करके फ़ोन रखें.

यदि आप महिला हैं और कोई व्यक्ति आपको अकारण ही बार बार फ़ोन करे तो आप उसे चेतावनी दे सकती हैं और फोन करने से मना कर सकती हैं. यदि फिर भी वह फोन करना जारी रखता है तो आप बजाये उससे लड़ाई झगड़ा करने के उसके खिलाफ एफआईआर लिखा सकती हैं और उसके तुरंत बाद उसका नंबर ब्लॉक कर सकती हैं. एक समझदारी आपको और भी करनी चाहिए कि फ़ोन में ऑटो-कॉल रिकॉर्डिंग की सेटिंग चालू रखें ताकि आपको आने वाला हर कॉल रिकार्डेड रहे और भविष्य में आवश्यकता पड़ने पर उनकी मदद ले सकती हैं.

एक संवेदनशील बात और भी हमें नहीं भूलनी चाहिए कि किसी भी व्यक्ति को कोई दुखद समाचार सुनाते समय आप वह समाचार सीधे-सीधे न कहें. उस समाचार को बेहतर शब्दों में और आधे अधूरे तरीके से से ही कहें ताकि किसी को शॉक न लगे और आपका सन्देश भी कुछ अंशों तक पहले सामने वाले के पास पहुँच जाए, बाद में मिलने पर धीर-धीरे सारी बातें उनकी जानकारी में लाई जायें.

अंतिम और समानरूपेण अहम बात ये भी है कि जब भी कोई कॉल आये या आप किसी को कॉल करें तो तुरंत अपने होठों पर एक मुस्कान अवश्य ले आएं. इससे होगा ये कि आपकी बात सामने वाले के साथ सुन्दर तरीके से होगी और आपके अंदर क्या चल रहा है या आप किस मानसिक स्थिति से गुज़र रहे हैं या किसी परेशानी या उलझन में आप हैं – यह सामने वाले को नाहक ही पता नहीं चल सकेगा. और इस तरह आप अपनी निजता को भी बनाये रख सकेंगे और अपनी परेशानी से किसी को परेशान होने से बचा सकेंगे.

तो ये था प्रथम प्रकरण जिसमे हमने आपको बताया कि फोन पर बात कैसे करें. अब हम ये नहीं कहेंगे कि आप हमारे इस वीडिओ को लाइक करें और सब्स्क्राइब करें. क्योंकि यह अधिकार हम आप पर छोड़ेंगे. यदि हम आपको प्रभावित करने में सफल रहे हैं तो आप ऐसा अवश्य करेंगे, हमें विशवास है. नमस्कार. जय हिन्द.  

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