लाल किले से मोदी – किया सुभाष और आज़ाद हिन्द फ़ौज को सलाम !!

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1943 में ‘आजाद हिंद सरकार’ के गठन की घोषणा के आज 75 वर्ष पूरे हुए हैं. इस अवसर पर प्रधानमंत्री मोदी ने लाल किले से देश को सन्देश दिया. सुभास बोस को याद करते हुए उन्होंने बोस -विरोधी कांग्रेस की अच्छी तरह से भर्त्सना की.

मोदी ने भारत की स्वतंत्रता के लिए बोस द्वारा निर्मित आजाद हिंद फौज को सम्मान प्रदान करते हुए आईएनए की टोपी को भी सर माथे लिया. मोदी ने सुभाष बोस की भाँती ही इस फौजी टोपी को सर पर धारण करके लाल किले से देश को सम्बोधित किया

प्रधानमंत्री ने लाल किले पर तिरंगा फहराया और एक पट्टिका का अनावरण किया. लाल किले की बैरक संख्या तीन में यह पट्टिका होगी जहां आजाद हिंद फौज के सदस्यों पर मुकदमा चलाया गया था.

पीएम मोदी ने कहा कि राष्ट्र हित में अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण बात यह रही कि एक परिवार की भूमिका को सुर्खियों में लाने के लिए स्वतंत्रता संघर्ष एवं बाद में एक नए भारत के निर्माण में अन्य नेताओं की ओर से किए गए योगदान की जानबूझकर अनदेखी और उन्हें भुलाने के प्रयास किए गए.

लाल किले से पीएम मोदी ने नेताजी की विरासत को आदरसहित आगे बढ़ाने का संकल्प किया. उन्होंने कांग्रेस की भाखिया उधेड़ते हुए कहा कि देश का दुर्भाग्य था कि सुभास बोस की उपेक्षा करके मात्र एक ही परिवार को राष्ट्रीय परिवार बना दिया गया. कांग्रेस ने अब तक पिछले सात दशकों में नेहरू की विरासत को आगे बढ़ाते हुए आज तक बस एक ही परिवार का महिमा मंडन किया है.

मोदी ने कहा कि सुभाष चंद्र बोस, सरदार वल्लभ भाई पटेल और भीम राव आंबेडकर जैसे देश के बड़े नेताओं के योगदान को पूरी तरह उपेक्षित रखा गया..लेकिन अब हमारी सरकार यह सब बदल रही है. हम बोस के सपनों को धरती पर उतारेंगे.

बोस की ओर से 1943 में ‘आजाद हिंद सरकार’ के गठन की घोषणा के 75 साल पूरे होने के मौके पर लाल किला परिसर में आयोजित विशेष कार्यक्रम में अपने संबोध के दौरान देशवासियों से कहा कि मुझे दुःख है कि स्वतंत्रता के बाद भी भारत की नीतियां ब्रिटिश प्रणाली पर ही आधारित रहीं, क्योंकि चीजों को ब्रिटिश चश्मे से देखा जाता था..और इसी कारण राष्ट्र की मुख्य नीतियों, खासकर शिक्षा से जुड़ी नीतियों को नुकसान उठाना पड़ा.’

जिस अहम तथ्य की तरह प्रधानमंत्री ने ध्यानाकर्षण कराया वह यह था कि यदि भारत को पटेल एवं बोस के मार्गदर्शन का लाभ मिल सकता तो आज भारत की तस्वीर दूसरी होती. आज हम बहुत बेहतर स्थिति में होते. मोदी ने कहा कि हम हालात को बेहतर करने के लिए कृतसंकल्प हैं. हमारी सरकार निरंतर इस दिशा में गतिमान है.

प्रधानमंत्री नरेंन्द्र मोदी ने इसके बाद दिल्ली में राष्ट्रीय पुलिस स्मारक का भी उद्घाटन किया.

(अर्चना शैरी)

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