दौरे का सबसे खास दिन है आज : करो या मरो!

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बड़ी कठिन है डगर पनघट की..ऑस्ट्रेलिया में भारत इतिहास बनाने से 272 रन दूर

आसान नहीं है आज का दिन. क्योंकि सच तो ये है कि भारतीय क्रिकेट टीम के आस्ट्रेलिया दौरे का सबसे महत्वपूर्ण दिन आज है. अगर आज के दिन भारत का प्रदर्शन अच्छा रहता है तो भारत इतिहास बनाएगा.

जी हाँ भारत आज अगर अधिक विकेट नहीं खोता है और सौ के करीब रन जोड़ने में कामयाब हो जाता है तो कल कुल एक सौ सत्तासी रन बनाने में उसे बहुत मुश्किल नहीं होगी. इस ज़ोरदार उछाल वाली पिच को वैसे भी ऑस्ट्रेलिया की सबसे तूफानी पिच का नाम दिया गया है. और आज जैसा मौसम है या कहा जाए पिच का जैसा मूड है, पिच अपनी पूरी रवानी पर है.

पूरे आत्मविश्वास के साथ उतरी है ऑस्ट्रेलियन टीम और आते ही उन्होंने अपने आत्मविश्वास की सफलता भी हासिल की. शून्य पर पहला विकेट गिरा भारत का. के एल राहुल शून्य पर कट एंड बोल्ड हो गए. उनको पैवेलियन पहुँचाने वाली बॉल भी कोई मामूली बॉल नहीं थी. हेजलवुड की रफ़्तार भरी बॉल को ठीक से समझ नहीं सके राहुल और उसे प्लेड करने की कोशिश की लेकिन बॉल बैट पर ठीक से नहीं आई और विकेट उड़ा ले गई.

आज चौथा दिन है. परिस्थितियां विकट हैं भारत के लिए. खासकर शुरूआती विकेट गिरने के बाद भारत पर आया मनोवैज्ञानिक दबाव ऑस्ट्रेलियन बॉलर्स के लिए मनोवैज्ञानिक बढ़त साबित हो सकती है. और देखते ही देखते दूसरा विकेट भी गया. बॉल हेजलवुड की ही थी. पुजारा समझ नहीं सके और उसे रक्षात्मक खेलने के प्रयास में विकेटकीपर को कैच थमा बैठे. चार रन पर पुजारा भी गए. जल्दी आना पड़ गया है विराट कोहली को. लेकिन अब यहां से जंग शुरू होगी. सर्वश्रेष्ठ बॉलिंग आक्रमण की और सर्वश्रेष्ठ बैटिंग की.

हेजलवुड निश्चय करके आये हैं और बाउंसर फेंकने का कोई मौक़ा नहीं चूक रहे हैं. अब भारत की तरफ से मुरली विजय, अजिंक्य रहाणे और ऋषभ पंत से ही आस लगी है. पुजारा के जाने के बाद अब लक्ष्य और भी मुश्किल हो गया है. किन्तु जब तक कोहली मैदान में हैं, भारत की उम्मीद जीवित है.

आज कोहली के अतिरिक्त सबसे अधिक अपेक्षा है मुरली विजय से. उन्हें आज अपने आप को साबित करने का सुनहरा मौक़ा मिला है. आज अगर वे कप्तान के साथ एक लम्बी पारी खेलते हैं तो टीम में उनकी मजबूत ज़रूरत और भी मजबूत हो जायेगी.

ऑस्ट्रेलिया में भारतीय गेंदबाज़ी कामयाब रही है. खासतौर पर तारीफ़ करनी होगी मुहम्मद शमी की जिन्होंने आज एक के बाद एक चार विकेट झटक लिये और कुल छह विकेट ले कर मैच का रुख भारत की जीत की तरफ मोड़ दिया है. पर एक थोड़ी सी गलती जो ज़रा सी लापरवाही से हो गई आज वो ये है कि अंतिम अड़तीस रन अंतिम बल्लेबाज़ों ने बना दिए जो कि भारत के चुस्त-दुरुस्त क्षेत्ररक्षण और जबरदस्त बॉलिंग आक्रमण के सामने बनने नहीं चाहिए थे.

अभी चायकाल के समय भारत दो विकेट्स खो कर 15 रन बना चुका है. 272 रन अभी भी टीम इन्डिया को स्कोर बोर्ड पर सजाने हैं. रन मशीन कोहली के एक बड़ी चुनौती सर तान कर सामने खड़ी है. कोहली आप तैयार हैं, न ?

(पारिजात त्रिपाठी)

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