Uttarakhand के चमोली में ग्लेशियर टूटने से भयानक तबाही, डेढ़ सौ लोगों के बह जाने की आशंका

उत्तराखंड में आई है यह प्राकृतिक आपदा, चमोली जिले में फटा है ग्लेशियर और धौली नदी में आ गई है बाढ़ जिसने हरिद्वार तक बाढ़ का संकट पैदा कर दिया है..

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ये सात फरवरी की सबसे बड़ी खबर है. उत्तराखंड के चमोली जिले से आई है ये खबर जिसके अनुसार यहां सुबह साढ़े दस बजे रैनी में नंदादेवी ग्लेशियर फट गया है. जानकारी मिली है कि ग्लेशियर फटने से धौली नदी में बाढ़ आ गई है जिसके कारण चमोली से हरिद्वार तक बाढ़ का संकट पैदा हो गया है. धौलीगंगा में जलस्तर तेजी से बढ़ा है जबकि प्रशासन भागीरथी नदी का पानी रोकने का प्रयास में लगा है. .

प्रशासन हुआ सक्रिय

उत्तराखंड प्रशासन ने इस आपदा की सूचना मिलते ही अपनी आपदा रक्षा टीमें घटनास्थल के लिए रवाना कर दी हैं. चमोली की पुलिस भी मुस्तैदी से काम पर लग गई है और उसने जिले के नदी किनारे की बस्तियों को लाउडस्पीकर के माध्यम से अलर्ट करना शुरू कर दिया है. उधर कर्णप्रयाग में अलकनंदा नदी किनारे रह रहे लोगों ने अपने अपने घर छोड़ दिए हैं और वे आसपास सुरक्षित ठिकानों में शरण ले रहे हैं. ऋषिगंगा प्रोजेक्ट को भारी नुकसान पहुंचा है और श्रीनगर तथा ऋषिकेश डैम खाली करा लिये गये हैं.

हरिद्वार और रिषिकेश में भी अलर्ट जारी

टिहरी के अपर जिलाधिकारी शिव चरण द्विवेदी के अनुसार धौली नदी में बाढ़ आने की सूचना मिलने के बाद ही जिले में अविलम्ब अलर्ट जारी कर दिया गया है. इसके अतिरिक्त हरिद्वार जिला प्रशासन भी त्वरित गति से सावधान हो गया है और वहां भी अलर्ट जारी कर दिया गया है. सभी स्थानीय गंगा नदी किनारे बसी बस्तियों और वहां के थानों को सतर्क किया गया है और उन्हें जरूरी निर्देश दे दिए गए हैं. उधर ऊपर की तरफ ऋषिकेश में भी अलर्ट जारी किया गया है. देहरादून, ऋषिकेश और हरिद्वार में सभी नदी स्थित बोट संचालन और राफ्टिंग की गतिविधियों को तुरंत रोकने के निर्देश दे दिए गए हैं.

जोशीमठ में बड़ी तबाही

जानकारी आ रही है कि इस जलप्रलय के केन्द्र में जोशीमठ क्षेत्र है जहां भारी तबाही की आशंका जाहिर की जा रही है. श्रीनगर और ऋषिकेश डैम को खाली करा लिया गया है. क्षेत्रीय प्रशासन राहत और सुरक्षा कार्यों में जुट गया है. 100 से 150 लोग इस आपदा से हताहत हुए हैं तथा लगभग 150 मजदूर अभी लापता है. चमोली और जोशीमठ के आसपास के गाँवों में पानी भरता जा रहा है. अलकनंदा, भागीरथी और गंगानदी उफान पर हैं. बाढ़ के पानी के रुद्रप्रयाग पहुंचने की जानकारी मिली है.

पीएम मोदी, गृहमन्त्री और सीएम की हुई बातचीत

जानकारी मिली है कि मुख्यमन्त्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत भी जोशीमठ पहुंच गये हैं जहाँ उन्होंने स्थिति की जानकारी ली है.  गृहमंत्रालय की भी हालात पर लगातार नज़र बनी हुई है और अधिकारियों से बातचीत करके जरूरी कदम उठाये जा रहे हैं. गृहमन्त्री अमित शाह ने प्रदेश को पूरी मदद का भरोसा दिलाया है. दो सौ से अधिक एनडीआरएफ, एसडीएफ, आईटीबीपी और स्थानीय आर्मी के जवान भी मुस्तैद हो कर सुरक्षा कार्यों में लग गए हैं. एनडीआरएफ के तीन से चार टीमें भेजी गई हैं.

दिल्ली से की जा रही हैं सुरक्षा टीमें

गृहमन्त्री अमित शाह ने बताया कि एनडीआरएफ की औऱ भी टीमें उत्तराखंड भेजी जा रही हैं. हिंडन एयरपोर्ट से एयरलिफ्ट करके टीमों को घटनास्थल पर भेजा जा रहा है. गृहमन्त्री ने वक्तव्य दे कर प्रदेश के लोगों को आश्वासन दिया है कि लोगों की सुरक्षा का पूरा प्रयास किया जा रहा है.भारतीय वायुसेना भी अलर्ट मोड पर आ गई है.

प्रधानमन्त्री ने धीरज न खोने की अपील की

उत्तराखंड की इस आपदा पर प्रधानमन्त्री ने दुख जताया है और कहा है कि चमोली की घटना पर मेरी नजर है. पीएम मोदी ने घटना को लेकर सीएम रावत से भी बात की है और प्रदेश के लोगों से धीरज न खोने की अपील की है प्रधानमन्त्री ने कहा कि सारा देश उत्तराखंड के साथ है.

हेल्पलाइन नंबर हुआ जारी – 9557444486, 1070

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