दुनिया में बढ़ी भारत की Cowin की डिमान्ड

बढ़ती डिमान्ड को दृष्टि में रख कर पीएम मोदी ने इन देशों के लिये COWIN सिस्टम के "ओपन सोर्स सॉफ्टवेयर" निर्माण करने का आदेश दिया है..

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कोविन सिस्टम पर रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया

कोविन-प्रणाली आधार कार्ड ,वोटर आईड,पासपोर्ट, ड्राइविंग लाइसेंस एनपीआरपीएएन कार्ड,स्मार्ट कार्ड, फोटो के साथ पेंशन दस्तावेज पर अपलोड किया जा सकता है|पीडीएफ, जेपीजी और पीएनजी किसी भी फाइल फॉर्मेट में आप अपलोड कर सकते हैं| बॉयोमेट्रीक तरीके से भी वैक्सीन पंजीकरण करा सकते हैं|

को-विन की सफलता

कोविड-19 टीका अभियान समूह के अध्यक्ष डॉ. आर एस शर्मा ने कहा कि पाँच महीने में 30 करोड़ लोगों का रजिसट्रेशन और सभी को वैक्सीन मुहैया कराना इसी कोविन-प्रणाली के कारण आसान हो पाया| कोविन-सिस्टम विश्व भर में लोकप्रिय हो गया है| दुनिया के कई देश अब इस कोविन-प्रणाली में दिलचस्पी दिखा रहे हैं|इसके सफलता की दर को देखते हुए 50 से अधिक देश इस सिस्टम को अपनाने की पहल कर रहे हैं|
ध्यान देने वाला तथ्य ये है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने इन देशों के लिये COWIN सिस्टम के “ओपन सोर्स सॉफ्टवेयर” निर्माण करने का आदेश दिया है| उन्होंने “ओपन सोर्स संस्करण”उन सभी रूचि दिखाने वाले देशों को मुफ्त मुहैया कराये जाने का निर्देश भी जारी किया है| कनाडा, मैक्सिको, पनामा, पेरू, अजरबैजान, यूक्रेन, नाइजीरिया, युगांडा आदि देशों सहित वियतनाम, इराक, डोमिनिकन गणराज्य, संयुक्त अरब अमीरात,मध्य एशिया,लातिनी अमेरीका और अफ्रिका ने भी कोविन-प्रणाली में दिलचस्पी दिखाई है|

वसुधैव कुटुम्बकम नीति का अनुसरण

भारत उन सभी देशों का खुले हृदय से स्वागत करते हुए ये बतायेगा कि ये प्रणाली किस प्रकार कार्य करती है|
डॉ आर एस शर्मा ने ये भी कहा कि “5 जुलाई को स्वास्थ्य और प्राविधिकी विज्ञों का एक वैश्विक सम्मेलन अंकीय इलेक्ट्रॉनिक(Digital) पद्धति द्वारा आयोजित किया जाएगा| इस कार्यक्रम में भारत ये बतायेगा कि यह सह-जीत प्रणाली किस प्रकार काम करती है।”
डॉ शर्मा ने ये भी बताया कि “कोविन-प्रणाली एक नागरिक केंद्रित मंच है और जिला स्तर तक सच्चाई का एक स्रोत मुहैया कराता है। शुरुआत से, यह सुनिश्चित किया गया था कि इस मंच का उपयोग कार्यक्रम तय करने, उसे फिर से निर्धारित करने या उन्हें रद्द करने के लिए किया जा सके।”
उन्होंने कहा कि 1.3 अरब लोगों के टीकाकरण का कार्य इतना सरल नही था जिसे भारत ने अपने मजबूत संकल्प से पूरा कर दिखाया और संसार अब इसी प्रणाली का अनुसरण करने का इच्छुक है|

सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रणाली होगी सशक्त

दिल्ली एम्स के निदेशक डॉ रणदीप गुलेरिया ने कहा कि इस वैश्विक महामारी ने स्वास्थ्य संबंधी लोकतंत्रीय बुनियादी ढांचे को हिला कर रख दिया है। उन्होंने कहा कि ”अब हमें आगे देखने और अपनी सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रणाली को मजबूत बनाने की आवश्यकता है। हमें भविष्य में ऐसी महामारी के लिए तैयार रहने की आवश्यकता है। हमारा मूल उद्देश्य दूरदराज के क्षेत्रों में समान पहुंच है। स्वास्थ्य को ‘जीडीपी के प्रतिशत के रूप में देखना महत्वपूर्ण है… स्वास्थ्य राज्य का विषय है लेकिन अभी राज्यों के बीच समन्वय की कमी है।”

ये है एन्ड टु एन्ड साल्यूशन

को-विन सिस्टम एंड टू एंड सॉल्यूशन है|यह राष्ट्रीय स्तर से लेकर सार्वजनिक स्वास्थ्य राज्य और जिला स्तर कार्य करने में महत्वपूर्ण और सफल भूमिका निभा रहा हैं। यह एक उपयोगी प्रणाली है जिसका लाभ उपभोक्ताओं को सह निर्देश के साथ उचित सुरक्षा भी दे रहा है|

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