IPL 2019 : 21वाँ दिन – शाहरुख हुए उदास – कलकत्ता में दिल्ली के बल्ले बोले

गौतम गंभीर ने कमेंट्री बॉक्स से आज कहा था कि दिल्ली कैपिटल के जीतने के सत्तर प्रतिशत अवसर हैं और उन्होंने धवन की अच्छी पारी की भविष्यवाणी भी की थी..

0
615

ये था ईडन गार्डन का ऐतिहासिक मैदान जहां आज 12 अप्रेल 2019 को कलकत्ता और दिल्ली आमने-सामने थीं. कोलकाता नाइट राइडर ने अपनी पारी में सात विकेट खोकर बनाये 178 रन.

अब उतरी दिल्ली कैपिटल. शुरुआत तेज़ दी पृथ्वी शॉ और धवन ने. ३ वर्ष में ३२ रन बनाने के बाद अचानक कृष्णा की ऑफ़ में उछलती एक गेंद को छेड़ने से अपने को रोक न सके पृथ्वी और विकेटकीपर कार्तिक के हाथों में समा गए. श्रेयस अय्यर उतरे. बॉलिंग पर आये रसल. पहली गेंद पर ही धवन ने पीछे की तरफ चौका लगाया. उन्हें उतने में मज़ा नहीं आया तो अगली गेंद पर फिर स्लिप के बीच से चौक्का निकाल डाला. धवन १३ गेंदों पर २६ रन और दिल्ली चालीस रन साढ़े तीन ओवर्स के बाद. एक बॉल छोड़ कर शिखर ने फिर स्ट्रेट में एक चौक्का मार कर रसल को दुःख पहुँचाया. इस बार शिखर ने चेन्नई के खिलाफ हाफ सेंचुरी जमाई थी और आज सम्भवतः अपनी दूसरी हाफ सेंचुरी की दिशा में बढ़ रहे थे धवन. स्कोर चार ओवर्स में दिल्ली के लिए था ३० रन्स.

गौतम गंभीर ने कमेंट्री बॉक्स से आज कहा था कि दिल्ली कैपिटल के जीतने के सत्तर प्रतिशत अवसर हैं और उन्होंने धवन की अच्छी पारी की भविष्यवाणी भी की थी. शायद धवन ने उनकी बात को दिल से लगा लिया था और वे मैदान में खुल के खिल गए. धवन थे 32 रनों पर और श्रेयस तीन गेंदों पर चार रन के साथ जमे हुए थे. पांचवें ओवर में दिल्ली ने पार किया पचास रनों का आंकड़ा. धवन और श्रेयस के बीच रनिंग बिटवीन द विकेट्स काफी चुस्त नज़र आया.

पांचवे ओवर में जहां फर्ग्युसन की पहली गेंद पर श्रेयस ने चौक्का मारा था वहीं अंतिम गेंद पर धवन ने चौक्का जड़ दिया. पांच ओवर्स में अब थे पचपन रन्स. छठे ओवर में रसल की चौथी गेंद कातिल निकली और विकेट कीपर कार्तिक ने फिर से लपक लिया एक और बल्लेबाज़ को. श्रेयस अय्यर पैवेलियन की तरफ जाते नज़र आये और ऋषभ पंत पैवेलियन से मैदान में आते नज़र आये. छह ओवर्स बीतने पर दिल्ली ने दो विकेट्स खो कर बना लिए थे 57 रन.

ऋषभ पंत से मांग थी दिल्ली वालों की कि कुछ तूफानी हो जाए. बॉलिंग पर आये कुलदीप. और स्पिनर्स के खिलाफ डेढ़ सौ के स्ट्राइक रेट से खेलते हैं धवन. इसलिए फिलहाल धवन को कोई दिक्कत होती नज़र नहीं आई. अब 8 ओवर्स के बाद दिल्ली ने जोड़ लिए थे 70 रन. अगले ओवर में पांच रन ही बन सके और दिल्ली 9 ओवर्स के बाद दो विकेट के नुक्सान पर थी 75 रनों पर.

दसवां ओवर फेंकने आये थे वेस्टइंडीज़ के आलराउंडर ब्रेथवेट. तीन रन पीछे थे अपनी दूसरी हाफ सेंचुरी से धवन. दो रन लेकर चौक्का जमाया धवन ने और अपने टीट्वेंटी करियर का चौंतीसवाँ अर्ध शतक भी पूरा किया. शिखर इतने पर भी संतुष्ट नहीं थे और अगली गेंद पर फिर एक और चौक्का मार डाला. शायद देखने वालों को खेलने वालों से ज्यादा मज़ा आ रहा था. कलकत्ता में दिल्ली प्रेमी तालियां बजाते नहीं तक रहे थे. दिल्ली थी दस ओवर्स के बाद 88 रनों पर.

अब आये कुलदीप और उनकी दूसरी गेंद पर ही एक हाँथ से छक्का जड़ दिया ऋषभ पंत ने. दिल्ली का ये विस्फोटक बल्लेबाज़ अभी खुल कर सामने नहीं आया था आज. लेकिन शुरुआत उनकी नज़र आने लगी थी. ऋषभ समझदारी से खेलने के लिए आये नज़र आये. शायद वे खेल खत्म करके घर जाने के मूड में थे.

धवन 37 गेंदों पर ५९ रनों पर थे जबकि ऋषभ खेल रहे थे १५ गेंदों पर १७ रन बना कर. ग्यारह ओवर बीतने पर दिल्ली के खाते में आये थे कुल 98 रन. नितीश राणा को बुलाया गया. कप्तान कार्तिक तरकश का यह तीर अक्सर मुसीबत में निकला करते हैं. वैसे भी सामने दोनों बल्लेबाज़ बहुत जल्दबाज़ी में नहीं थे. बारहवें ओवर में सौ रन पूरे कराये दोनों ने दिल्ली को. शिखर थे अब 63 रनों पर. राणा ने रन गति को तेज़ नहीं होने दिया और अपने ओवर में सिर्फ सात रन दिए. अब दिल्ली को चाहिए थे 48 गेंदों पर 74 रन.

दिल्ली को सवा नौ का औसत चाहिए था प्रति ओवर. और फर्ग्यूसन की दूसरी ही गेन्द को गब्बर ने चार रनों के लिए भेज दिया सीमारेखा की तरफ. इस तरह उन्होंने अपने मित्र ऋषभ के साथ उन्होंने पचास रनों की साझेदारी भी पूरी की. और फिर अधीर हो कर एक चौक्का और जड़ दिया गब्बर ने फिर चौथी गेंद पर. इस ओवर में 13 रन आये दिल्ली के खाते में. दिल्ली पहुँच गई थी 13 ओवर्स बीतने के बाद 178 रनों पर.

ऋषभ ने इस ओवर की दूसरी गेंद पर जमाया चौक्का और पियूष चावला की गेंद सीमारेखा के पार नज़र आई. शिखर धवन पूरी लय में थे. ऋषभ अपने ७८ प्रतिशत रन बाउंड्रीज़ से बटोरते हैं. और देखते ही देखते आखिरी गेंद पर फिर एक चौक्का धर दिया गब्बर ने. मैदान में दिल्ली के दर्शक तालियां बजाने लगे.

14 ओवर हो चुके थे और 130 रन बन चुके थे. शिखर धवन थे कि बाज ही नहीं आ रहे थे. फिर चौका जड़ दिया उन्होंने और कमेन्टरी बॉक्स से उनकी तारीफों के पुल बाँधे जाने लगे. दिल्ली को जीत के लिये 33 गेन्दों पर चाहिये थे 44 रन. 15 वें ओवर की बॉलिंग कर रहे थे प्रसिद्ध कृष्णा. 51 गेन्दें खेल कर धवन थे 82 रनों पर. गौतम गंभीर प्रतीक्षा कर रहे थे धवन के शतक के लिये.

प्रसिद्ध कृष्णा के इस ओवर के बाद 15 ओवर्स पूरे हो चुके थे. दिल्ली 137 रनों पर थी और उसके पास बचे थे पूरे आठ विकेट्स और बनाने थे 41 रन. गेन्द शेष थीं 30. कुलदीप यादव के सोलहवें ओवर में धवन ने चौथी गेंद पर छक्का घुमाया और एक रन उसके बाद लेकर ९० के निजी स्कोर पर पहुंचे. अब दिल्ली थी एक सौ अड़तालीस पर दो सोलह ओवर्स के बाद.

सत्रहवाँ ओवर ले कर आये रसल. दूसरी ही गेंद पर सीमारेखा की तरफ भेजा ऋषभ पंत ने. अगली ही गेंद ऋषभ ने छक्का मार कर दर्शक दीर्घ में पहुंचाई. ऋषभ पहुंचे पैंतालीस रनों पर. यहां दोनों बल्लेबाज़ों ने रनों की शतकीय साझेदारी भी पूरी की. दिल्ली के बन चुके थे 160 रन. अब दिल्ली को चाहिए थे १९ गेंदों पर १९ रन्स.

अचानक अजीब सा हुआ और ऋषभ पंत एक हाथ से छक्का लगाते हुए सीमा पर कैच हुए. बॉल थी नितीश राणा की और कैच लिया था कुलदीप यादव ने. उन्होंने 31 गेंदों पर बनाये 46 रन. अब आये इंग्राम. इस ओवर के पूरा होने के बाद बची थीं 12 गेन्दें और बनने भी थे 12 ही रन.

लेकिन जब 97 रनों पर खेलते हुए धवन अपनी सेंचुरी की दिशा में बढ़ रहे थे अचानक ही इनग्रम ने छक्का मार दिया और दिल्ली के लिए मैच जीत लिया क्योंकि दिल्ली को चाहिए थे इस समय सात गेंदों पर सिर्फ ५ रन. शतक भले ही नहीं पूरा कर पाये थे धवन पर उन्होंने सिटी ऑफ जॉय में खेली थी गब्बर सिंह पारी.

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here