Islamic Estate के विरुद्ध भारत को चाहिये त्रिशूल!

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कुछ दिनों पहले काबुल के पतन पर एक लेख लिखा था मगर अब लग रहा है कि काबुल के पुनः पतन पर भी एक लेख लिखना पड़ेगा।
दरसल अब इस्लामिक स्टेट ने पाकिस्तान को मिटा देने की धमकी दी है। कट्टरता में आप सिर्फ देश या समाज के हित ही सोचते है मगर अति कट्टरता में हम अंधे हो जाते है हमे हर चीज से विरोध होने लगता है।
उदाहरण के लिये मोदी जी वेटिकन सिटी गए और पॉप से मिले, यहाँ आधे हिंदूवादियों को मिर्ची लग गयी क्योकि ये कट्टरता में इतने अंधे हो गए कि इन्हें देश का हित और स्वार्थ ही नजर नही आया। बहरहाल इस पर कोई अन्य लेख लिखूंगा।
आज इस्लामिक समाज विशेषकर अफगानिस्तान और पाकिस्तान वाला समाज दो हिस्सों में बंट गया है। एक तरफ वो मुसलमान है जो 1300 साल पुराना मजहबी कानून चाहते है दूसरी ओर वे है जो थोड़े आगे बढ़ गए।
पाकिस्तान में बॉलीवुड और हॉलीवुड चलता है, बुरखा अनिवार्य नही है बड़े घरों की लड़कियां पढ़ाई कर रही है। ये सब इस्लामिक स्टेट इस्लाम के विरुद्ध मानता है, इस्लामिक स्टेट अफगानिस्तान में तालिबान से जंग कर रहा है और कई मोर्चो पर जीत रहा है।
तालिबान ने काबुल भले ही कब्जा लिया हो मगर उसे शासन करने का अनुभव नही है।
इसका दुष्प्रभाव यह हुआ कि अफगानिस्तान में अपराध कम होने का नाम नही ले रहे। तालिबान के कानून तो बहुत कठोर है मगर इन अपराधों का कारण गरीबी है, अफगानिस्तान में जो विदेशी फंड से प्रोजेक्ट बन रहे थे सब बंद हो गए और मजदूर खाली बैठे है।
भूखा आदमी सड़क पर अपराध कर रहा है, ऐसे लोगो के लिये इस्लामिक स्टेट एक कंपनी जैसा है। इसीलिए मैंने कहा कि काबुल का पुनः पतन होने वाला है क्योकि यहाँ तालिबान और इस्लामिक स्टेट में गहरी तनातनी होगी।
बहरहाल काबुल के हालात देखकर मेरा व्यक्तिगत आंकलन है कि अप्रैल 2022 तक यहाँ इस्लामिक स्टेट की सत्ता स्थापित हो जाएगी और इस्लामिक स्टेट पाकिस्तान के विरुद्ध जेहाद छेड़ देगा।
विश्व को डराने के लिये इस्लामिक स्टेट को एक परमाणु बम से लैस देश भी तो चाहिए होगा। यदि इस्लामिक स्टेट पाकिस्तान पर कब्जा ले तो उसकी यह इच्छा भी पूरी हो जाएगी।
एक पाकिस्तान विरोधी होने के नाते आप खुश हो सकते है मगर ज्ञातव्य हो कि एक पाकिस्तान भारत के अंदर भी पल रहा है जो कि क्रिकेट में पाकिस्तान की जीत पर पटाखे फोड़ रहा था।
पिछले 7 वर्षों में हमने सिर्फ यही समाचार पढ़े है कि मुस्लिम युवको ने सीरिया में इस्लामिक स्टेट जॉइन किया कोई भी मुस्लिम युवक इस्लामिक स्टेट के विरुद्ध लड़ने नही गया। मजेदार बात यह है कि अच्छे मुसलमानो ने भी कभी उनके विरुद्ध कोई फतवा जारी नही किया और अपनी मौन स्वीकृति दे दी।
इसलिए पाकिस्तान में इस्लामिक स्टेट का होना भारत के लिये भी समस्या ही है। बेहतर है कि पाकिस्तान की सरकार जो कि वास्तव में सेना ही है उसके और इस्लामिक स्टेट के बीच एक लंबे समय तक युद्ध हो और जब सब आपस मे लड़कर मर जाये तब भारत अपने खोए हुए पंजाब और सिंध पर अधिकार कर ले।
इस्लामिक स्टेट से गैर मुस्लिमो को निकट भविष्य में खतरा नही है। हिन्दू होने के नाते आग्रह करना चाहता हु की कृपया अति कट्टरता को बिल्कुल प्रमोट ना करे अन्यथा ऐसे संगठन हमारे यहाँ जन्म लेंगे। मोदीजी पॉप से मिले वही इन्हें हिन्दू विरोधी लग रहा है ऐसे लोग कट्टरता के मामले में इस्लामिक स्टेट जैसे ही है।
बंदरो को उस्तरा दे दिया तो एक दिन हिन्दुओ का ही गला काट देंगे। इसलिए हिन्दू राष्ट्रवाद और विकास को प्रमोट करे, इस्लामिक स्टेट के विरुद्ध हमे त्रिशूल चाहिए,
एक सम्राट भरत की भूमि के लिये हमारा समर्पण, दूसरा समाज से जातिवाद का खात्मा और तीसरा विज्ञान में नए आयाम स्थापित करना।
इस त्रिशूल से हम जेहाद पर विजय पा सकते है और आप देखेंगे कि अंत मे विजय हमारी ही होगी।
मैं गैर हिन्दुओ को भी आश्वस्त करता हूँ कि हिंदुत्व को मजबूत करने से सभी का भला है, यदि अखण्ड भारत एक सच्चाई बनता है जो कि बनेगा ही, तो वहाँ ईसाई, यहूदी और पारसियों के लिये कोई दुर्भावना नही होगी। मगर मुसलमानो के लिये यह आश्वासन नही दिया जा सकता।

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