MP के Indore में नगर निगम ने बेघर बुजुर्गों को कचरे के ट्रक में भरकर शहर के बाहर छोड़ा, Video वायरल

मामले की जानकारी मिलते ही मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की. नगर निगम उपायुक्त को निलंबित कर दिया गया.

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मध्यप्रदेश से इंसानियत को शर्मसार करने वाली घटना सामने आई. बेघर बुजुर्गों को आवारा पशुओं की तरह कचरा ले जाने वाले ट्रक में भरकर शहर के बाहर छोड़ दिया गया. ठंड के मौसम में बेघर बुजुर्गों की जान से खिलवाड़ करने और मानवता को तार-तार करने वाली घटना इंदौर में हुई. घटना की जानकारी मिलने पर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने दोषियों के खिलाफ़ कड़ी कार्रवाई की है.

इस मामले का वीडियो सामने आ गया. वीडियो में साफतौर पर दिख रहा है कि किस तरह से इंदौर देवास हाइवे पर बेसहारा बुजुर्गों को जानवरों की तरह ट्रक में भरकर लाया गया और फिर इंदौर-देवास हाइवे पर क्षिप्रा नदी के किनारे चुपचाप उतार कर छोड़ कर जाने की तैयारी थी. लेकिन स्थानीय लोगों ने इसका कड़ा विरोध किया.

ये घटना तब सामने आई जब इसका वीडियो वायरल हो गया. वीडियो के वायरल होने के बाद मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए. जिसके बाद नगर निगम के उपायुक्त प्रताप सोलंकी को निलंबित कर दिया गया और नगर निगम के दो अन्य कर्मियों ब्रजेश लश्करी और विश्वास वाजपेयी को बर्खास्त कर दिया गया है.

इंदौर नगर निगम की संवेदनहीनता की पराकाष्ठा ये है कि बेसहारा बुजुर्गों के साथ जानवरों जैसा सुलूक किया गया. नगर निगम को इंदौर में कड़ाके की ठंड वजह से लोगों को रैन बसेरा में शिफ्ट करने का निर्देश दिया गया था. इसकी जिम्मेदारी इंदौर नगर निगम के उपायुक्त प्रताप सोलंकी की थी. लेकिन रैन बसेरा में बेसहारा बुजुर्गों को शिफ्ट करने की बजाए शहर के बाहर ही चुपचाप मरने के लिए छोड़ देने की कोशिश की गई.

खास बात ये है कि स्वच्छता सर्वेक्षण से ऐन पहले इंदौर नगर निगम ने शहर मेॆ बेसहारा बुजुर्गों का ही सफाई अभियान छेड़ दिया. लेकिन जब शर्मनाक घटना का वीडियो वायरल हुआ तो नगर निगम में हड़कंप मच गया.

इस मामले पर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने ट्वीट कर कहा कि, ‘बुजुर्गों को प्रति अमानवीय व्यवहार को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. मेरे लिये नर सेवा ही नारायण सेवा है. हर वृद्ध को आदर , प्रेम और सम्मान मिलना चाहिए. यही हमारी संस्कृति है और मानव धर्म भी.’

हालांकि, हर साल ठंड के मौसम में नगर निगम सड़कों पर रह रहे बेसहारा बुजुर्गों को रैन बसेरा में शिफ्ट करता आया है. लेकिन इस बार इस तरह की घटना से इंदौर नगर निगम की किरकिरी हुई है. देश के सबसे स्वच्छ शहर का तमगा हासिल करने वाले इंदौर पर इस घटना से मानवता को शर्मसार करने का दाग़ चस्पा हो गया है.

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