भारत के साथ आये कई देश, South China Sea में करेंगे चीन की धुलाई

भारत लद्दाख सीमा पर ही नहीं दक्षिण चीन सागर में भी चीन को सबक सिखाने की तैयारी में है और अब कई देश उसके साथ इस अभियान में साथी बन गये हैं..

0
215

नई दिल्ली.  कुछ चमगादड़ पिटाई के बिना नहीं मानते, और चीन भी ऐसा ही एक चमगादड़ है. भारत की लद्दाख  सीमा पर जो देखा जा रहा है उसे देख कर तो ये कहना ही पड़ता है. भारत की चीन को सबक सिखाने की तैयारी वाले इस अभियान में अब कई देश उसके साथ आ रहे हैं.

चीन के खिलाफ साथ आये कई देश

कई देश भारत के साथ आ रहे हैं जो South China Sea में चीन को सबक सिखाने की भारत की तैयारी में जुड़ रहे हैं. भारत और उसके मित्र अमेरिका के युद्ध पोत तो पहले ही यहां तैनात हो गये हैं. चीन की बेजा हरकतों का दक्षिण चीन सागर में उत्तर देने के लिए पहले भारत के साथ आये अमेरिका, जापान, आस्‍ट्रेलिया और अब दूसरे कई देश भी इस मुहिम में भारत के साथ इस अभियान का हिस्सा बन गये हैं.

पहले ही आक्रामक है अमेरिका

अमेरिका पहले से ही चीन के विरुद्ध आक्रामक है और उसने South China Sea क्षेत्र में कड़ाई से अपनी उपस्थिति बनाई हुई है. इस क्षेत्र में अमेरिका के जंगी जहाज और विमान वाहक जहाज भी निरंतर निगरानी के कार्य को मुस्तैदी से अंंजाम दे रहे हैं.

चीन का दावा है South China Sea पर

चीन की दादागिरी की कोशिशें और उसका दावा South China Sea में कोई नई बात नहीं है. करीब 60 वर्ष पूर्व चीन दक्षिण चीन सागर में चीन ने पहली बार अपना अधिकार जताया था. उस समय किसी ने न उस पर ध्यान दिया न उसका विरोध किया था लेकिन अब चीन के खिलाफ एक नहीं अनेक देश हैं.

सभी पड़ोसी देशों से चीन का है विवाद

दुनिया में केवल एक ऐसा देश है जिसने अपने हर पड़ोसी देश से सीमा विवाद पैदा किया हुआ है. चीन की विस्‍तारवादी नीतियों के कारण ये सीमा विवाद पैदा हुए हैं. चीन की कम्‍यूनिस्‍ट सरकार ने स्वार्थ प्रेरित हो कर ही South China Sea में अवैध रूप से जबरिया अधिकार कर रखा है.

 

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here