परख की कलम से: एक थी एना फ्रेंक सचमुच की!

यदि आप एना फ्रेन्क को जानते न हों, तो अब जान लीजिये! क्योंकि उसको जानना जरूरी है हम सबके लिये..

0
285

यह पोस्ट आपको भाव विभोर कर सकती है मगर सत्य को सामने लाना आवश्यक है। कृपया पोस्ट को सकारात्मक रूप में लीजिये।
जब भगवान विष्णु ने मत्स्य अवतार धारण करके मनु को बचाया था तब मनु ने उनसे पूछा था कि क्या इस प्रकार की समस्या पृथ्वी पर दोबारा नही आएगी तब भगवान विष्णु ने कहा एक समय आएगा जब प्रलय के लिये पानी की आवश्यकता ही नही होगी तुम्हारे वंशज स्वयं ही रक्त से इसे डूबा देंगे।
बात 1935 की है जब एना 5 वर्ष की थी और जर्मनी में हिटलर की सरकार बन चुकी थी। हिटलर ने यहूदियों को बुरी तरह से मारना शुरू कर दिया था। एना के पिता ऑटो बड़े कारोबारी थे वे हिटलर से बचने के लिये नीदरलैंड आ गए, दुर्भाग्य वश हिटलर ने नीदरलैंड को जीत लिया और जर्मनी वाले हथकंडे अपनाये।
ऑटो ने एक मील सीक्रेट अनेक्स के ऊपर बने छोटे से गुप्त अपार्टमेंट में शरण ली और अपने कुछ सहयोगियों की मदद से वहाँ 2 वर्ष निकाल दिये। ऑटो ने एना को एक डायरी दी जिसकी वजह से यह पोस्ट लिखनी पड़ी। एना ने हिटलर द्वारा लोगो को प्रताड़ित किये जाने की एक एक घटना का वर्णन किया।
सीक्रेट अनेक्स के तीसरे माले पर यह यहूदी परिवार छिपा हुआ था और नीचे दो माले पर मजदूर काम करते थे। इसलिए ऑटो ने साफ कहा था कि सुबह 8 से 6 के बीच कोई चु भी ना करे। यहाँ तक कि पानी भी ना पिये और ना ही खाना पकाये, यहाँ तक कि चलने को भी मना किया हुआ था, इशारे तक करने के लिए मना किया था। खौफ का अंदाजा आप स्वयं लगा सकते है।
यहूदी परिवार ने 2 वर्ष ऐसे ही निकाल दिये और अतंतः खुशखबरी मिली कि मित्र देशो की सेना ने नीदरलैंड में जर्मनी से युद्ध शुरू कर दिया। परिवार बड़ा खुश हो जाता है मगर 1944 में ही एक मजदूर की पत्नी को आभास हो गया कि तीसरे माले पर कोई है। उसने पुलिस को बता दिया और अंततः पूरे परिवार को कंसन्ट्रेशन कैम्प में भेज दिया गया।
ऑटो फ्रेंक को पुरुष होने के कारण अलग कर दिया गया, एना और उसकी बहन मार्गो को अपनी माँ से अलग कर दिया गया। माँ को जर्मन सेना ने मौत के घाट उतार दिया, वही एना और मार्गो को एक ऐसे कैम्प में भेजा गया जहाँ कीचड़ मचा हुआ था और एक कैम्प में 1500 से ज्यादा लोग ठूस दिए गए थे।
5 दिनों की भूख से दोनों बहनें मर गयी। जर्मन सैनिक एक ब्रेड उछालते और जब यहूदी आपस मे लड़ते तो वे बड़ा मजा करते थे, यह मानवता का सर्वोच्च पतन था। ऑटो फ्रेंक जीवित रहे और अपने परिवार की मृत्यु की सूचना से वे टूट गए, दुर्भाग्य यह था कि एना की मृत्यु के 2 हफ्ते बाद ही नीदरलैंड को आजाद कर लिया गया। एना की डायरी उनके घर सीक्रेट अनेक्स से उनकी फैमिली फ्रेन्ड को मिली।
जिसे उन्होंने बाद में पत्रकारों को दे दिया, यह डायरी पुस्तक बनी और बाइबिल के बाद सबसे ज्यादा बिकी। उनके फैमिली फ्रेंड ने उस डायरी को कभी नही पढ़ा था और उन्होंने कहा कि अगर यह डायरी पढ़ी होती तो वे इसे जला देती क्योकि इसमे यहूदी परिवार की मदद करने वालो के नाम थे जिसमे हमारा नाम भी था। यदि जर्मनों के हाथ यह लग जाती तो हमारी मौत पक्की थी।
हिटलर सदा ही आर्यन रेस का समर्थक था काश उसने आर्य शब्द का सही अर्थ भी खोजा होता, महर्षि मनु ने कहा है जो मानवता के सकारात्मक विकास में सतत भूमिका निभाये वह आर्य है। आर्य कोई रेस नही है वह आपके कर्मों का सर्टिफिकेट है। यदि हिटलर इतनी सी बात समझता तो मानवता कभी शर्मसार नही होती।
एना फ्रेंक जिस सीक्रेट अनेक्स में छिपी थी अब उसे म्यूजियम बना दिया गया है साथ ही एना का एकमात्र वास्तविक वीडियो भी यूटयूब पर उपलब्ध है जिसमे वो सिर्फ 4 सेकंड के लिये देखी जा सकती है उसकी लिंक मेरे टेलीग्राम एकाउंट पर मिल जाएगी।
(परख सक्सेना)

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here