Poochta hai desh: देश के गद्दारों की नागरिकता क्यों नहीं खतम की जाती?

0
36
देश के गद्दारों की नागरिकता क्यों नहीं ख़तम की जाती? अब उनसे सड़कों पर निपटने का समय आ गया. अदालतों को भी इस दिशा में सन्नद्ध होना होगा.
क्रोनोलॉजी समझने की जरूरत है कि पाकिस्तान की जीत पर जश्न मनाने वाली मेडिकल छात्राओं पर और अन्य लोगों पर जब डंडा चला तो JNU के गुंडे फिर खड़े हो गए.
बड़े सोच समझ कर Center for Women Studies ने वेबिनार का आयोजन किया जिसका शीर्षक दिया गया – “जेंडर्स रेजिस्टेंस एंड फ्रेश चैलेंजेस इन पोस्ट -2019 कश्मीर” और जम्मू कश्मीर को “भारत अधिकृत कश्मीर” लिखा गया.
ये प्रोग्राम तब आयोजित किया गया जब कश्मीर में GMC की मेडिकल छात्राओं और कॉलेज प्रबंधन एवं कुछ अन्य लोगों पर UAPA के अंतर्गत कार्रवाई शुरू की गई –मगर आयोजक महिलाओं के नाम नहीं दिए जा रहे.
कहने का मतलब है कि भारत पर पाकिस्तान की जीत के इन लड़कियों द्वारा किये गये जश्न को JNU के CMS की महिलाएं जेंडर प्रतिरोध का नाम दे रही हैं वो भी जम्मू कश्मीर को भारत अधिकृत बता कर.
JNU ने वेबिनार रद्द बेशक कर दिया मगर यूनिवर्सिटी की वेबसाइट पर ये डाला किसने, ये जांच होनी चाहिए –ऐसे सेंटर को तुरंत बंद कर देना चाहिए, टैक्स पेयर के पैसे से देश विरोधी सेंटर नहीं चल सकता.
कश्मीर की 100 मेडिकल छात्राओं के लिए News-18 ने खबर दी थी कि उनकी डिग्री रद्द कर दी गई हैं लेकिन घोषित कांग्रेसी पिट्ठू तेज चलने वाले चैनल ने फैक्ट चेक में कहा है कि ऐसा कुछ नहीं हुआ.
ऐसे देश के गद्दारों से अब सड़कों पर निपटने का समय आ गया है. पुलिस को ऐसे गद्दारों को सड़कों पर दौड़ा दौड़ा कर पीटना चाहिये. और सरकार को UAPA में एक धारा जोड़ कर इनकी नागरिकता तुरंत प्रभाव से रद्द करने की अनुमति देनी चाहिए.
जब पकडे जाते हैं, तो ये लोग सभी वीडियो झूठे बता देते हैं जैसे 2016 में कन्हैया कुमार गिरोह ने किया था –राजद्रोह के केस में वो कोर्ट में 15 मार्च को गया 9 अन्य लोगों के साथ.
उसके बाद बस एक और डेट पड़ी 7 अप्रैल की, फिर क्या हुआ अगले 6 महीने में पता नहीं, कोर्ट से तो 10 वर्षीय कार्यक्रम बनना तय है फैसला आने के लिए और तब तक उसके अन्य लोग कांड करते रहेंगे जैसे कल किया है.
मुझे पूरी आशा है और विश्वास है पाकिस्तान की जीत पर जश्न मनाने के अधिकार को ले कर देश की अदालत में ऐसा करने को “अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता” नहीं कहा जायेगा.

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here