पूछता है देश: कहाँ से आये दो करोड़ घुसपैठिये Bengal में?

हैरान कर देने वाला सच है ये -बंगाल में 2 करोड़ नाजायज रोहिंग्याओं और बांग्लादेशियों की और ये बात सामने आई है सुप्रीम कोर्ट में दायर याचिका से..

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बंगाल में 2 करोड़ रोहिंग्या और बांग्लादेशी ? सुप्रीम कोर्ट में दायर याचिका तो यही कहती है..
सुप्रीम कोर्ट में बंगाल निवासी और सामाजिक कार्यकर्ता संगीता चक्रवर्ती ने याचिका दायर कर मांग की है कि एक वर्ष में बंगाल में रह रहे 2 करोड़ रोहिंग्या और बांग्लादेशी घुसपैठियों का पता लगा कर, हिरासत में ले कर निर्वासित किया जाये.
याचिका में कहा गया है कि 2 करोड़ लोगों ने बंगाल की जनसांख्यिकी को बदल दिया है और कानून एवं आंतरिक
सुरक्षा के लिए खतरा पैदा कर दिया है.
रोहिंग्या और बांग्लादेशियों की संख्या बंगाल के 3.11 करोड़ मुसलमानों में 2 करोड़ हो भी सकती हैं -इसके लिए कुछ आंकड़ों पर ध्यान देने से यही पता चलेगा :
–1951 में बंगाल में मुसलमानों की आबादी 51 लाख थी जो 1961 में 35.5% बढ़ कर 69.15 लाख हो गई;
–1971 में ये आबादी 31.4% बढ़ कर 90.83 लाख हो गई.
–1981 में भी 29.3% आबादी बढी, 1991 में 36.7% और 2001 में 26.1% बढ़ कर इन लोगों की तादात 2 करोड़ 2 लाख हो गई;
–2011 में ममता बनर्जी के आने के वर्ष बाहरी मुसलमान 21.8% बढ़ कर 2 करोड़ 47 लाख हो गए थे; और
–ममता के 10 साल के राज में ये 26.3 % बढ़ कर 2021 में 3 करोड़ 11 लाख हो गए.
बांग्लादेश की सीमा से बंगाल के 9 जिलों की सीमाएं लगती है -वो हैं — दार्जिलिंग, जलपाईगुड़ी, कूच बिहार, उत्तरी दीनापुर, दक्षिणी दिनापुर, मालदा, मुर्शिदाबाद, नादिया और उत्तरी 24 परगना.
इन 9 जिलों में 2011 में मुस्लिम आबादी 1 करोड़ 79 लाख थी – इस हिसाब से इन 9 जिलों में ही 2 करोड़ रोहिंग्या और बांग्लादेशी हो गए होंगे.
बंगाल के इन 9 जिलों में मुस्लिम 2011 में ही बहुसंख्यक थे या उस संख्या के करीब थे  –वो जिले हैं – मुर्शिदाबाद की 71 लाख की आबादी में 47 लाख मुसलमान यानि 66.88%;
–मालदा में 39.88 लाख की आबादी में 20.45 लाख यानी 51.27%;
–उत्तरी दिनापुर 30.07 लाख आबादी में 15.01 लाख यानी 49.92 लाख
बंगाल के इन जिलों को और असम के ऐसे ही 3 जिलों को मिला कर अलग केंद्र शासित प्रदेश बना कर फ़ौज के हाथों सौंप कर ही रोहिंग्या और बांग्लादेशियों खदेड़ा जा सकता है.
इस याचिका पर अदालत क्या करेगी, कह नहीं सकते क्यूंकि एक वर्ष तो क्या 10 साल में भी विदेशियों की पहचान नहीं हो सकेगी और इतने समय में घुसपैठिये 25% और बढ़ जायेंगे.
दहशत तो बंगाल के तानाशाह-राज से पैदा हुई है जो दुनिया के सामने है कि सुप्रीम कोर्ट के 2 जजों ने सुनवाई ही करने की हिम्मत भी नहीं दिखाई.
याचिका दायर करने वाली संगीता का क्या होगा, ये भी कहना कठिन है –ईश्वर उसकी रक्षा करें -उसने ममता के चहेतों को ललकारा है और बंगाल में ऐसी हरकत जानलेवा भी सिद्ध हो सकती है.
(सुभाष चन्द्र)

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