पूछता है देश: क्या सजा मिलनी चाहिये देश के खिलाफ काम कर रहे लोगों को?

क्यों अपने ही खड़े हो जाते हैं मोदी के विरुद्ध? जब मोदी के विरोध एकजुट हो कर हमला करते हैं राष्ट्रवादी सरकार पर तो हम क्यों नहीं एक हो सकते?

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कितने षडयंत्रों से लड़ेगा नरेंद्र मोदी ? फिर अपने भी उंगली उठाने लग जाते हैं -तो बड़ा दुख होता है देख कर.
क्यों अपने ही खड़े हो जाते हैं मोदी के विरुद्ध? जब मोदी के विरोधी एकजुट हो कर हमला करते हैं राष्ट्रवादी सरकार पर तो हम क्यों नहीं एक हो सकते?
मैंने अपने 17 अप्रैल, 2021 के लेख -“चीन (FOC) –Father of Corona और कांग्रेस के MOU की मक्कारी है –”आज देश में कोरोना” में जो लिखा था वो आज सामने आ गया.
चीन ने आधिकारिक स्रोतों ने स्वीकार किया है कि कोरोना की दूसरी लहर को उसी ने शुरू किया और कांग्रेस ने अपने पिछलग्गू पत्रकारों, न्यूज़ पोर्टलों और अन्य को साथ ले कर मोदी के खिलाफ हल्ला बोल दिया – ये हल्ला ही नहीं, भयंकर षड़यंत्र किया सोनिया गाँधी ने.
चीन और कांग्रेस ने ये खेल केवल नरेंद्र मोदी के आत्मनिर्भर भारत कार्यक्रम को ख़तम करने के लिए खेला जो रंग दिखा रहा था जिससे सबसे ज्यादा नुक्सान चीन को हो रहा था.
यहां तक कि अदालतों को भी नरेंद्र मोदी के खिलाफ टिप्पणियां करने के लिए प्रेरित कर दिया गया –दूसरी तरफ विदेशों में चलने वाली अनेक संस्था मोदी पर हमले करने लगीं और उन्हें आधार बना कर कांग्रेस मोदी को नीचा दिखाने लगी.
विदेशी ताकतों से लड़ने की बात करें तो सबसे पहली विदेशी ताकत 10 JP में बैठी है –जिसने अपना मायका बर्बाद होने के बाद ससुराल को भी तबाह कर दिया.
कथित किसान आंदोलन में कितनी ही विदेशी लड़कियां खुल कर सामने मोदी के खिलाफ खड़ी हो गईं –और सभी को कांग्रेस का समर्थन प्राप्त था.
जनवरी, 2021 में जब भारत की 2 वैक्सीनों को बाजार में उतारा गया, उनके खिलाफ पूरा माहौल खड़ा कर दिया गया और यदि आज की तारीख में कोरोना संकट बढ़ा है तो उसके लिए ऐसे लोगों का विरोध जिम्मेदार है.
किस किस ने विरोध किया हमारी वैक्सीन का –सुनिए – इंडियन एक्सप्रेस ने 182, लोकसत्ता ने 172, नभाटा ने 236,
HT ने 123, TOI ने 287, The Wire ने 78, The Print ने 59 लेख वैक्सीन के विरोध में लिखे.
इतना ही नहीं, The Scroll ने 122, The Hindu ने 128, News Laundry ने 54, Alt News ने 78 लेख छाप कर लोगों को वैक्सीन न लेने के लिए उकसाया.
इसके अलावा कांग्रेस के 58, सपा के 17, शिव सेना के 27, DMK के 13, CPM के 12, TMC के 12 नेताओं ने वैक्सीन के खिलाफ प्रचार किया.
इसके बाद 265 NGOs के संस्थापकों और कर्मचारियों, 172 रिटायर्ड IAS, IPS और Judges ने बड़ी निर्लज्जता से वैक्सीन का विरोध किया; और 342 से ज्यादा वैक्सीन के विरोध में कार्टून बनाये गए.
ये समझा जा सकता है कि मोदी के खिलाफ षड़यंत्र कितना गहरा है – लेकिन आज पल्टी मार दी इन्होंने और आज सभी राजनीतिक दल लाइन लगा कर वैक्सीन सभी को फ्री देने की मांग कर रहे हैं जो कल तक विरोध कर रहे थे.
ऐसे में मोदी के कुछ अपने ही समर्थक, मोदी से सवाल करने में पीछे नहीं हैं जबकि इतने गहरे षड़यंत्र को देखते हुए तो मोदी के साथ खड़े रहना चाहिए –मैं तो किसी हालत में मोदी का साथ नहीं छोड़ने वाला.
जिन लोगों ने, अख़बारों ने या संस्थाओं ने वैक्सीन का विरोध करते हुए दुष्प्रचार किया उन पर Disaster Management Act, 005 और IPC में मुक़दमे दर्ज कर देने चाहियें -उन्होंने अभिव्यक्ति की आज़ादी का घोर दुरूपयोग किया है देश हित के खिलाफ.
इसके अलावा उन 265 NGOs के लाइसेंस भी रद्द होने चाहियें जिन्होंने देश के खिलाफ जा कर वैक्सीन का विरोध किया है.
(उपरोक्त आंकड़ों का सत्यापन यहाँ इस लिंक में किया जा सकता है – https://www.newsbred.com/article/from-bjp-vaccine-to-urging-people-not-to-take-shots-media-and-opp-led-to-empty-centres-reveals-research)
(सुभाष चन्द्र)

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