पूछता है देश : सत्ता की भूख मिटाने के लिये क्या देश का बंटवारा जरूरी था?

आज़ादी के 75वे वर्ष में प्रवेश हेतु सभी को बधाई, पर धिक्कार है उस राजनीतिक दल को जिसने सत्ता की भूख की खातिर मातृभूमि के ही टुकड़े कर डाले!

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आज देश को आज़ादी मिले 74 वर्ष पूरे हो रहे हैं और हम 75वें वर्ष में प्रवेश कर रहे हैं –सभी को इसके लिए बधाई मगर धिक्कार है उस कांग्रेस को जिसने भारत माता के टुकड़े किये.
वैसे तो भारत से कई टुकड़े विगत में हो कर स्वतंत्र देश बने हैं मगर 1947 का विभाजन कुछ ऐसे था जैसे हस्तिनापुर का विभाजन किया था भीष्म पितामह ने.
फर्क इतना था कि इस बार पितामह गाँधी था जिसने अपनी अवैध संतानों की सत्ता लालसा के लिए भारत का विभाजन करा दिया –ये दो अवैध संताने थी सत्तालोलुप शकुनि के रूप में नेहरू और जिन्ना.
महाभारत में शकुनि हस्तिनापुर को बर्बाद करने आया था मगर नेहरू ऐसा शकुनि था जो सत्ता की भूख मिटाने के लिए देश को बर्बाद करने खड़ा हुआ था.
दुर्योधन देश का विभाजन करके भी चैन से नहीं बैठा और इंद्रप्रस्थ हड़पने के चक्कर में रहा –छल से हड़प भी लिया लेकिन अंत में पूरे वंश का नाश करा लिया.
जिन्ना ने भी यही बीज बोए कि एक दिन कश्मीर और फिर भारत को हड़प लेगा –नेहरू ने एक तिहाई कश्मीर उसे दे भी दिया.
जैसे महाभारत के भीष्म पितामह को कौरव और पांडव दोनों प्रिय थे वैसे ही इधर गाँधी को भी नेहरू और जिन्ना दोनों प्रिय थे –गाँधी विभाजन करके भी पाकिस्तान के साथ खड़े रहे और पकिस्तान को 75 करोड़ रुपये देने की जिद की, और इधर नेहरू के सिर हाथ रखे रहे.
गाँधी और नेहरू ने आज़ादी मिलने के पहले दिन से दूसरा विभाजन कर एक और पाकिस्तान बनाने के लिए तैयारी शुरू कर दी क्यूंकि धर्म के आधार पर विभाजन करने के बाद भी मुसलमानों को भारत में रखा गया.
इन तीन नेताओं की राजनीति ने देश के टुकड़े कर जो नरसंहार कराया उसकी पीड़ा देश आज भुगत रहा है – कांग्रेस शकुनि नेहरू के दिखाए मार्ग पर चल रही है और देश तोड़ने पर आज भी आमादा है.
कांग्रेस पाकिस्तान के साथ हाथ में हाथ डाले देश को तोड़ने का प्रयास कर रही है जिसके लिए अन्य दल भी उसके साथ खड़े हैं जो मुसलमानों को खुश करने के लिए हिन्दू बहुल कौम को ख़तम करने पर तुले हैं .
एक बात और ध्यान देने वाली है कि जब अँगरेज़ भारत छोड़ कर गए तब उनके कब्जे में 54 देश थे लेकिन बंटवारा केवल भारत का हुआ क्यूंकि ये बंटवारा गाँधी, नेहरू और जिन्ना को कुबूल था.
आज देश का सौभाग्य है कि वो नरेंद्र मोदी के हाथों में सुरक्षित है –ईश्वर नरेंद्र मोदी को शक्ति दे जिससे वो देश शत्रुओं को परास्त कर सकें चाहे आंतरिक हों या बाहरी.
(सुभाष चन्द्र)

 

Azad Hind Fauj के निर्माता सुभाष चंद्र बोस थे भारत की स्वाधीनता के महानायक

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