पूछता है देश: सेक्यूलर नेता AMU क्यों नहीं जाते?

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सेक्यूलर नेता AMU क्यों नहीं जाते – अख़लाक़ के लिए तो पर्यटन पर चले गए थे -कल उनसे मोदी की कब्र खुदवा रहे थे, आज उनकी कोई चिंता नहीं है.
अलीगढ मुस्लिम यूनिवर्सिटी के 40 लोगों की कोरोना से मौत हुई है – इन 40 में 19 तो वरिष्ठ प्रोफेसर थे और किसी भी एक प्रोफेसर की क्या कीमत होती है, इसका अंदाजा ही लगाया जा सकता है.
लेकिन उनकी मौत क्यों हुई, इस पर भी सोचने की जरूरत है –आज के अख़बार में खबर के अनुसार उनमे से अधिकांश ने वैक्सीन नहीं ली थी.
उनके वैक्सीन न लेने के पीछे कहीं अखिलेश यादव, कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों का वैक्सीन के खिलाफ विलाप तो नहीं था और इसीलिए ये वैक्सीन नहीं ली उन्होंने क्यूंकि इसे BJP की वैक्सीन कहा अखिलेश ने –
आज बसपा सांसद दानिश अली ने प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी से कहा है कि वो केंद्र की विशेष टीम AMU भेजें जिससे कोरोना से लड़ने में मदद की जा सके.
अब याद कीजिये, CAA के खिलाफ दंगों में AMU खुल कर आगे आया था और शाहीन बाग़ में नारे लगाए गए थे.
“मो दी   ते री   क ब्र   खु दे गी   A M U   की   छा ती   प र  !!”
लेकिन फिर भी आज योगी आदित्यनाथ खुद AMU का दौरा करके आये हैं -मगर मौका मिलते ही AMU मोदी और
योगी को हटाने में पूरा जोर लगा देगी.
सारे सेक्यूलर नेता, केजरीवाल, राहुल गाँधी, अखिलेश यादव और ना जाने कौन सब अखलाख के गाँव दादरी में राजनीतिक पर्यटन के लिए निकल पड़े थे क्यूंकि तब वोट बैंक का लालच था.
आज इन सेक्यूलर नेताओं में एक भी AMU जाने की बात नहीं कर रहे – बस इतना ही प्यार है मुस्लिमों से.
इन्हें कोई चिंता नहीं है क्यूंकि इन्हे पता है “मुस्लिम” फिर भी इन लोगो पर ही विश्वास करेंगे, मोदी उनका विश्वास कभी हांसिल नहीं कर पायेगा.
मोदी से उम्मीद करते हैं वो कोशिश करे कोरोना को रोकने की लेकिन ईद के मौके पर बाज़ारों में मुस्लिमों की भीड़ रुकने का नाम नहीं ले रही लॉक डाउन के बाद भी – फिर भी दोष मोदी को दे रही कांग्रेस कि उसने कुम्भ नहीं रोका.
(सुभाष चन्द्र)

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