पूछता है देश: योग-आयुर्वेद से नफरत करने वालों का इलाज क्या है?

IMA देश की जनता का विश्वास खो देगी क्योंकि वह उस व्यक्तित्व से टकरा रहा है जिस पर भारत की जनता विश्वास करती है ..

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एलोपैथी क्या अब नया खेल करेंगीं ? नया तोता देंगीं पालने के लिए – क्यूंकि एक वैज्ञानिक कह रहा है, वैक्सीन लेने वाले 2 साल में मर जायेंगे ?
स्वामी रामदेव के प्रकरण के चलते एक बात तो साफ़ हो गई कि IMA अब वो काम नहीं कर रहा जो उसके
नियम करने को कहते हैं. अब आमजनों को कहना पड़ रहा है कि देश की अहम संस्थायें, डकैतों, लुटेरों और धर्म परिवर्तन कराने की संस्थायें बन चुकी है. इन संस्थाओं पर इस के लिए मुक़दमे दायर होने चाहिये.
लोगोंं में दबीजुबान से ये कानाफूसी चल रही है कि उनको शक है कि कहीं डॉक्टरों के हाथों कोरोना मरीज मरवा तो नहीं दिए गये क्यूंकि उन्होंने ईसाई बनने से मना कर दिया था? दरअसल ये इच्छा की थी ईसाई बनाने की IMA के ईसाई अध्यक्ष डॉ जयालाल ने.
मुझे ताज्जुब है डॉक्टर्स कम्युनिटी इस तरह के प्रचार के खिलाफ बगावत क्यों नहीं कर रही? ऐसा लगता है कि IMA के प्रबंधन ने अध्यक्ष के विचारों को आधिकारिक रूप से स्वीकार किया है- यदि ऐसा है तो ये बहुत शर्मनाक है.
अब नई कहानी सुनिए – फ्रांस के नोबेल प्राइज विजेता जिन्होंने HIV की खोज की थी Luc Montagnier
ने सनसनीखेज खुलासा किया है कि वैक्सीन लेने वाले सभी लोग 2 वर्ष में मर जायेंगे.
उनका कहना है कि वैक्सीन देना बहुत बड़ी गलती है, एक वैज्ञानिक गलती भी और मेडिकल गलती भी – जिन्हे वैक्सीन दी गई है, उनके लिए कोई उम्मीद नहीं है और ना कोई उपचार है.
एक तरफ, पूरा विश्व सभी नागरिकों को वैक्सीन देने की तैयारी में लगा है दूसरी तरफ, ये साहब पूरी दुनियां के खात्मे की बात कर रहे हैं.
मैंने अमेरिका में अपने एक प्रोफेसर मित्र से इनके कथन के बारे में पूछा तो उन्होंने बहुत बढ़िया जवाब दिया – “He is out of his head. Do you think Nobel prize immunizes from madness?”
डॉ Montagnier एक विरोलॉजिस्ट हैं, और मेडिकल साइंस में हर बीमारी के लिए नए नए तिकड़म लगाए जाते है – कल को इससे बचाव के उपाय के लिए वैश्विक बाजार में नई ड्रग लाई जाएगी और करोड़ों डॉलर का व्यापार खड़ा कर दिया जायेगा.
एलोपैथी तो नाम ही प्रयोग करने का है, एक दवा ने असर नहीं किया तो दूसरी ले लो और हर दवा का साइड इफ़ेक्ट होता -अब वैक्सीन के साइड इफ़ेक्ट का भूत खड़ा किया जायेगा और नया माल बाजार में आएगा.
यानि अभी से भूमिका बन जाएगी जनता का हाथ में एक नया तोता पकड़ाने की जिसे सबको पालने के लिए कहा जायेगा –ये मेरा आंकलन है. देश के लोग अपने विवेक से प्रतिक्रिया देंगे, मुझे विश्वास है.
(सुभाष चन्द्र)

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