शत्रुघन सिन्हा की हो सकती है बीजेपी में वापसी?

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आने वाले दिनों में भारतीय जनता पार्टी में एक बड़ी वापसी हो सकती है. एक ज़माने के लोकप्रिय भाजपा नेता शत्रुघन सिन्हा अपनी पार्टी में वापसी कर सकते हैं. इस वापसी की शुरुआत नज़र आने लगी है.

पार्टी में अपनी होने वाली अनदेखी से दुखी शत्रुघन सिन्हा ने लगातार अपने दुःख को दुनिया के सामने रखा, लेकिन पार्टी में उनको कोई खास तवज़्ज़ो नहीं मिल सकी जिससे परेशान हो कर उन्होंने पार्टी छोड़ दी और पार्टी के सबसे बड़े प्रतिद्वंद्वी कांग्रेस से हाथ मिला लिया. 

अब जबकि दिल्ली में प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष के लिए सिद्धू और शत्रुघन सिन्हा के नाम सामने आ रहे हैं, शत्रुघन सिन्हा मोदी सरकार की तारीफ़ करते फूले नहीं समा रहे हैं. अगर वास्तव में शत्रु वापस आते हैं बीजेपी में, तो ये बीजेपी की एक और बड़ी जीत होगी और ये सन्देश भी जाएगा कि पार्टी ने अपने नेताओं की सदा ही कदर की है भले ही वे पार्टी में रहें या बाहर रहें. 

पीएम मोदी ने मुस्लिम बहनों से किया अपना वादा निभाया और तीन तलाक क़ानून बना दिया. जितनी ख़ुशी मुस्लिम खवातीनों को हुई है उतनी ही शायद कांग्रेस के नए नेता शत्रुघन सिन्हा को भी हुई. शत्रुघन सिन्हा ने बीजेपी और मोदी से अपनी पुरानी हर नाराज़गी को भुला दिया और दिल की गहराई से उनकी तारीफ़ की. उन्होंने ट्वीट कर कहा, ‘सशक्तिकरण और लैंगिक समानता की दिशा में हमारे माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का सराहनीय प्रयास. हमारे दोस्त और केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद के टीमवर्क का भी इस ऐतिहासिक उपलब्धि को हासिल करने में महत्वपूर्ण योगदान रहा.’ उन्होंने आगे लिखा, ‘यह कदम महिलाओं और विशेष रूप से हमारी मुस्लिम बहनों की गरिमा सुनिश्चित करेगा.’   

शत्रुघन सिन्हा ने ये संकेत अपनी तरफ से दे दिया लगता है कि वे पार्टी में आने को इच्छुक हैं अब कोई बस एक बार उनको निमंत्रण भर दे दे, शत्रुघ्न अपनी पुरानी सारी शत्रुता भूल कर अपनी पार्टी में वापस आ जायेंगे. गीता में कहा है – पर धर्मों भयावह अर्थात अपना छोड़ कर दूसरे के धर्म को स्वीकार करना सदा ही संकट को आमंत्रित करता है. 

शत्रुघन सिन्हा की बीजेपी में वापसी ऐसी कोई बड़ी समस्या नहीं है यदि शत्रुघन अपनी भूल पर पश्चाताप कर लें. और वे ऐसा कर भी सकते हैं क्योंकि जो लोग इस दमदार फिल्म स्टार को करीब से जानते हैं वे जानते हैं कि शत्रुघन बड़े ही भावुक किस्म के इंसान हैं.

याद कीजिये, इस वर्ष मई माह का वह ऐतिहासिक दिन. 23 को बीजेपी को देश की जनता ने दिल में भी बैठाया था और देश के सिंहासन पर भी. बीजेपी की वो थम्पिंग मेजोरिटी वाली विक्ट्री जितनी बीजेपी को आनंदित कर रही थी उतनी ही शत्रुघन सिन्हा को भी. उन्होंने दिल खोल कर न सिर्फ बीजेपी की तारीफ़ की बल्कि मोदी और अमित शाह की भी की और इस जीत को ग्रेट विक्ट्री कह कर सम्मानित किया.

इसका अर्थ ये है कि वापसी की इच्छा तो शत्रु के हृदय में पहली बार नहीं आई है. बस कोई ज़रा सा इशारा कर दे इस तरफ से और थोड़ा सम्मान के साथ उनको निमंत्रित कर दे, शत्रु भैया बिना शर्त गृह वापसी करेंगे और मुझे विश्वास है वे स्वयं क्षमा याचना करेंगे और अपनी भूल स्वीकार करेंगे.

यदि पार्टी अपना बड़ा दिल दिखाती है तो यह कदम उसके पक्ष में अच्छा सन्देश प्रसारित करेगा. अमित शाह की मिल कर चलने वाली नीति को भी दर्शायेगा और वैसे भी अमित शाह दुश्मन को मारने में नहीं दुश्मनी को मारने में विश्वास रखते हैं. एक बड़ा राजनीतिक योद्धा वापस पार्टी में आएगा तो पार्टी को मजबूत ही करेगा.

अगर यह अनुमान किंचित भी सत्य है तो शत्रुघन सिन्हा की बीजेपी में वापसी अब किसी भी दिन उनकी वापसी हो सकती है. और उनकी वापसी के बाद हम यह अवश्य सुनेंगे जो कि सच भी है कि भारतीय जनता पार्टी में मतभेद हो सकता है, मनभेद नहीं !

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