सुवेंदु की चुनौती : ‘‘मैं हराऊंगा ममता को नहीं तो छोड़ दूंगा राजनीति”

बड़ी बात कह दी है सुवेंदु सरकार ने बंगाल में ममता को हराने की बात कहना ऐसा ही है जैसे नदी में उतर कर मगरमच्छ को चुनौती देना..

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नई दिल्ली. पश्चिम बंगाल का चुनाव बहुत ही ज्यादा दिलचस्प होने वाला है.ममता के गढ़ में अब उसके प्रबलतम दुश्मन अर्थात बीजेपी ने सेंध बना ली है. ममता जितनी सावधान हैं उतनी ही हैरान भी. और अब तो सुवेंदु सरकार की चुनौती भी आ गई है सामने.

‘नहीं पता कि कहाँ से बनूंगा उम्मीदवार’

नंदीग्राम के विधायक सुवेंदु अधिकारी ने स्पष्ट किया है वे नहीं जानते कि बीजेपी उनको किस विधानसभा से प्रत्याशी बनाने वाली है. उन्होंने कहा कि उनको चुनावी मैदान में उतारा जाएगा भी या नहीं, अभी उनको ये भी ज्ञात नहीं है किन्तु यदि वह नंदीग्राम से चुनाव लड़ेंगे तो ममता बनर्जी को कम से कम 50 हजार वोटों से मात देंगे और ऐसा न हुआ तो वे राजनीति से संन्यास ले लेंगे.

कर ली ममता की चुनौती स्वीकार

सीएम ममता बनर्जी ने सोमवार 18 जनवरी को घोषणा की थी कि वह नंदीग्राम विधानसभा सीट से भी चुनाव लड़ेंगी. बस फिर क्या था, उनकी चुनौती उनकी पार्टी के विधायक ने ही स्वीकार कर ली. तृणमूल कांग्रेस (TMC) से बीजेपी (BJP) में शामिल हुए सुवेंदु अधिकारी ने इसे अपनी प्रतिष्ठा का प्रश्न बना लिया है क्योंकि वे वर्तमान में नंदीग्राम से ही विधायक हैं. उन्होंने तुरंत ममता बनर्जी चुनौती स्वीकार कर ली और अपने 3 किमी लंबे रोडशो में अपने सम्बोधन में अपने कार्यकर्ताओं से कहा कि आ रहे चुनावों में वह ममता बनर्जी को पराजित करेंगे अथवा राजनीति से संन्यास ले लेंगे.

जीते भी और मंत्री भी बने

सुवेंदु अधिकारी ने कहा कि उनके प्रत्याशी होने पर बीजेपी के शीर्ष नेता विचार करेंगे क्योंकि बीजेपी टीमएसी की तरह नहीं है, इसमें मनमाने तरीके से फैसले नहीं लिए जाते हैं. नंदीग्राम में रैली करने आई प्रदेश की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने अचानक यहां से भी चुनाव लड़ने की बात कह कर बीजेपी को चौंकाने का प्रयास किया किन्तु इससे ये दर्शित हुआ कि उनका आत्मविश्वास डोल रहा है. सुवेंदु अधिकारी ने नंदीग्राम सीट से पिछले विधानसभा चुनाव में जीत हासिल की थी जिसके बाद उनको ममता सरकार में मंत्री भी बनाया गया था.

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