एक बेचारा प्यार का मारा – घर आया मम्मी का दुलारा : हामिद अन्सारी

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हामिद अंसारी निहाल हो गए. घर वापसी पर माँ के गले लग कर रो पड़े. समझ आ गया कि दुनिया में माँ सबसे बड़ी है. गर्लफ्रेंड से भी बड़ी.

हामिद का पूरा नाम भी यही है – हामिद निहाल अंसारी. हामिद लेकिन ज़िंदगी में दो बार निहाल हुए. एक बार तो इस बार घर वापसी पर और इससे पहले जिस दिन देखा था ‘उसको’.

प्यार ने क्या से क्या न करा दिया निहाल से आई मीन हामिद से. फेसबुक पर प्यार हुआ और पाकिस्तान की जेल में इकरार हुआ. उसके बाद भारत सरकार की कोशिशों के बाद घर आकर करार हुआ.

भारत आकर हामिद ने अपनी आपबीती बाद में सुनाई, देश के नौजवानों को नसीहत पहले दे दी. मत करियो भाई प्यार..फेसबुक पर !!

हुआ कुछ यूँ कि फेसबुक के प्रेमी हामिद की फेसबुक पर मुलाक़ात हुई एक खूबसूरत नाज़नीन से. पहली नज़र में बिजली गिरी और प्यार हो गया. अब हामिद की फेसबुक बस इन मोहतरमा के लिए ही खुलती थी और आलम ये था कि दिन रात खुली ही रहती थी.

हामिद ने प्रोपोज़ किया. मोहतरमा ने भी कबूल कबूल कबूल बोल डाला. और फिर शुरुआत हुई खूबसूरत सपनों के सिलसिलों की.

लेकिन अचानक ज़माना जालिम हो गया. खबर आ गई कि अब वो हामिद की नहीं हो पाएगी. हामिद हैरान से ज़्यादा परेशान हो गया. पूछने पर उसने बताया कि उसका निकाह अब्बू किसी और से पढ़वाने जा रहे है. हामिद ने कहा – ये कैसे हो सकता है? अब वो किसी की दुल्हन बन जाएगी किसी गैर की अंजुमन बन जायेगी. नहीं, बिलकुल नहीं!, हामिद ने कहा – मैं ऐसा नहीं होने दूंगा!

पता नहीं हामिद ने ‘गदर’ देखी थी कि नहीं पर शायद उसने वीर-ज़ारा ज़रूर देखी थी. और उसने तय कार लिया था कि बीस साल इंतज़ार नहीं कर सकेगा वो. उसने सन्नी देओल की तरह पाकिस्तान जाने की ठान ली. सनी तो आ गया था सही सलामत क्योंकि उसके साथ अनिल शर्मा जो थे, पर हामिद नहीं आ पाया.

गए थे नमाज़ मना कराने रोज़े गले पड़ गए. निकाह रुकवाने गए थे हामिद अंसारी, पीसने लगे चक्की पकिस्तान की जेल में. खबर तो खबर है. और ऊपर से ये खबर तो मुहब्बत से जुड़ी थी, ये तो वैसे भी नहीं छुपने की. 

खबर फैलते फैलते इंडिया आ गई बॉर्डर क्रॉस करके. घर बाद में पहुंची विदेश मंत्रालय पहले पहुँच गई. मंत्रालय के लोग हुए बड़े हैरान. उन्हें लगा कि पूर्व उप-राष्ट्रपति हामिद अंसारी लग गए हैं पकिस्तान के हाथ. और अब फैसलाबाद जेल में उनको भारत की बहुत याद आ रही है.

लेकिन ज्यों ही सच पता चला हमारा मन्त्रालय ऐक्शन में आ गया. पाकिस्तान पर दबाव डाला. दबाव भी छोटा या मोटा नहीं, बहुत डाला, एक बार डाला, दो बार डाला, बार-बार डाला..हार कर पाकिस्तान को कहना ही पड़ा – ले जाओ आप तो अपनी अमानत..पर इतना भी पकाओ मत प्लीज़! 

अगले दिन इन्डिया में थे हामिद निहाल अन्सारी. आते ही उन्होने तीसरी कसम खा ली थी..फेसबुक नहीं करूंगा..प्यार नहीं करूंगा..और फेसबुक पर तो प्यार बिलकुल ही नहीं करूंगा !!

(पारिजात त्रिपाठी)

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